प्रख्यात शास्त्रीय गायक डॉ रामशंकर ने कर्नाटक में दी संगीतमय शास्त्रीय प्रस्तुतियां

“नैया कैसे लागे पार….”
“रंग डारो न डारो न डारो न…”
“चला रे परदेसिया नैना मिलाई के…..”

करिश्मा अग्रवाल (विशेष संवाददाता)

अपनी शास्त्रीय प्रस्तुति हेतु कर्नाटक में आमंत्रित डॉ रामशंकर ने अपनी संगीतमय शास्त्रीय गायन से वहाँ सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।कर्नाटक में अपनी पहली प्रस्तुति के अंतर्गत कर्नाटक कला श्री अवॉर्डी संगीत कला मंडल,बीदर द्वारा बसंत पंचमी के उपलक्ष्य में आयोजित ‘भारतीय शास्त्रीय संगीत कार्यक्रम ‘ में डॉ रामशंकर पंडित ने अपनी शास्त्रीय प्रस्तुति दे कर समां बांध दिया ।

जिसमें राग भूपाली विलंबित एक ताल में – मान ना कीजिये…..,द्रुत तीन ताल -हर हर महादेवा आदि प्रस्तुत करते हुए कार्यक्रम का समापन भैरवी में निबद्ध दादरा से किया।इस प्रस्तुति में तबला वादक उस्ताद नजीमुद्दीन खादरी ज़ावेद (आकाशवाणी ,हैदराबाद),व हारमोनियम संगत डॉ राजेंद्र पवार ने किया।कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ एच आर महादेव(I.A.S.,बीदर) ने किया।मुख्य अतिथि श्री रमेश पांडेय(पूर्व एम एल ए ,बीदर),प्रो. एस वी कल्मथ(गनयोगी पंचाक्षर गवाई, बीदर),श्री अप्पाराव सौदी(कन्नड़ प्रभां, कन्नड़ डेली समाचार पत्र)

पंडित रामुलु गदगी(कर्नाटक कला श्री अवॉर्डी )रहे।कार्यक्रम संचालक राजेंद्र पवार(कर्नाटक संगीत अकादमी ,बैंगलोर),व एस आर संगमकर थे।डॉ रामशंकर पंडित को सम्मानित कर कार्यक्रम का समापन हुआ।डॉ रामशंकर अभी कर्णाटक में और भी प्रस्तुतियां देंगे।

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