इलाहाबाद मुख्यमंत्री दौरा – CM को सच से दूर रखने में सफल रहा जिला प्रशासन

मो आफताब फ़ारूक़ी
टेंट हाउस से मंगाए बीस कूलरए सीएम के जाते ही कूलर हटेए   अस्पताल ने गैंगरेप पीड़िता को जबर्दस्ती किया डिस्चार्ज ए सच्चाई से रूबरू न हो सके सीएमए मीडिया को नहीं दी कवरेज की इजाजत
इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश के भाजपा सरकार भले ही बड़े.बड़े दावे करेए पर जिले के आलाआधिकारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सच्चाई से रूबरू न होने देने की अपनी योजना में सफलता हासिल कर ही ली।
दरअसल दो दिन के दौरे पर संगमनगरी आये मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने शुक्रवार को जहां विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत की वहीं शनिवार को मलीन बस्ती से लेकर अस्पताल के निरीक्षण का कार्यक्रम रहा। जहां प्रशासन ने मलीन बस्ती में पूरी तरह से ताकत झोककर वहां रातों.रात चमकाने की पूरी कवायद की।

वहीं मुख्यमंत्री के आने से पहले से सभी सरकारी अस्पताल में साफ.सफाई से लेकर गंभीर व लाचार रोगी जो मुख्यमंत्री को अस्पताल का भंडा.फोड़ सकते थेए उन्हें रातो.रात पुरानी बिल्डिंग में शिफ्ट कर दिया गया या उन्हें जबर्दस्ती दिस्चार्ज कर दिया गया। साथ ही सच्चाई से दूर रखने के लिए चौथा खम्भा कहा जाने वाला मीडिया को भी अस्पताल में कवरेज की अनुमति नहीं दी गई। प्रशासन को इस बात की आशंका थी कि श्री योगी को वास्तविक स्थिति से मीडिया रूबरू कर सकता है। इसी को देखते हुए कुछ सरकारी मीडिया के लोगों को ही जाने दिया गया। ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया जब जिला प्रशासन को जैसे ही मुख्यमंत्री के स्वरूपरानी अस्पताल के निरीक्षण की जानकारी मिली प्रशासन सक्रिय हो गया और शनिवार की रात ही सभी कूलर को मरीजों के वॉर्ड में सेट कर दिया गया। इसके बाद शनिवार रात से रविवार पूरे दिन तक मरीजों को गर्मी से राहत मिली। इतना ही नहीं शनिवार की रात में ही पूरे अस्पताल की रौनक बदल गयी और गंदगी कहीं दिखाई न देए इसका विशेष ध्यान रखा गया।

रविवार को जब योगी स्वरूपरानी अस्पताल पहुंचे तो जिला प्रशासन ने मीडिया को अंदर जाने से मना कर दिया। सीएम को किराए के कूलर की भनक न लगे इसके लिए प्रशासन ने कूलर पर लिखे टेंट हाउस के नाम को ढंक दिया था और टेंट हाउस के नाम पर जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन का नाम चिपका दिया गया था। इस दौरान मुख्यमंत्री का दौरा पूरी तरह से मैनेज किया गया। अधिकारी हर पल इस फिराक में रहे कि सीएम अस्पताल से अचानक कहीं और न निकल जाएं।
वहीं एक अन्य मामला में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निरीक्षण से घबराए जिला महिला चिकित्सालय ;डफरिनद्ध प्रशासन ने शनिवार की रात को जसरा की गैंगरेप पीड़ित सात साल की बच्ची को जबर्दस्ती डिस्चार्ज कर दिया। जबकि उसकी मां का कहना है कि बेटी अभी ठीक नहीं हुई है।  गौरतलब है कि यमुनापार इलाके में २५ मई देर रात घर में मां और छोटी बहन के साथ सोई सात साल की बच्ची को कुछ लोग उठाकर ले गए और गैंगरेप किया। बच्ची की हालत बिगड़ी तो आरोपियों ने उसे घर के सामने ले जाकर छोड़ दिया और फरार हो गए थे। जिसे इलाज के लिए डफरिन में भर्ती कराया गया था। डॉक्टर कह रहे थे कि बच्ची को ठीक होने में समय लगेगा।     चर्चा रही कि श्री योगी अपने हर दौरे में सरकारी अस्पतालों का निरीक्षण करते हैं और अस्पताल प्रशासन को भय था कि कहीं मुख्यमंत्री गैंगरेप पीड़िता से बात न करें। इसलिए आनन.फानन में उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। करछना सीओ अलका भटनागर ने भी माना कि अस्पताल ने पीड़िता को डिस्चार्ज कर दिया है और वह घर पर है।

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