ऐ अहले अज़ा आओ शब्बीर का मातम है

(अज़हान आलम)
घोसी(मऊ)।  नगर के बड़ागांव में बृहस्पतिवार की शाम अज़ाखाने मासूमिया क़दीम रजिस्टर्ड से मोहर्रम महीने के इस्तकबाल में अलम का जुलूस निकाला गया। इस अवसर में मौलाना मोहम्मद रज़ा हुसैनी ने तक़रीर करते हुए कहा कि आज इमाम हुसैन अ.स. के इस्तक़बाल में जुलूस लेकर सदर इमाम बारगाह तक जाएंगे। उन्हों ने कहा कि इमाम हुसैन ने कर्बला के मैदान में हमारी महान धरती भारत आने की ख्वाहिश ज़ाहिर की थी। इस लिए आज हमारे अज़ाखाने सजाए गए हैं। आज से सहजादी बिन्ते रसूल इमाम हुसैन की माँ अज़ाखाने की मेहमान होंगी। हिंदुस्तान में इमाम हुसैन और उनके साथ शहीद होने वालों की याद में परंपरागत तरीके से अज़ादारी की जाती है। इस मे हर क़ौम के लोग शामिल होकर खेराजे अक़ीदत पेश करते हैं। इस अवसर पे अंजुमन मसूमिया क़दीम रजिस्टर्ड के नौहखानो ने नौहा पढ़ा
ऐ अहले अज़ा आओ शब्बीर का मातम है,
 एक बे कसो मुज़्तर का दिलगीर का मातम है, 
इस अवसर पे मौलाना मोज़ाहिर हुसैन, शमशाद हुसैन, शब्बू, मोज़ाहिर, इश्तेयाक हुसैन, मो जोहैर, नेसार अली, गुलाम अली, काज़िम हुसैन, मो शादाब, अलमदार हुसैन, अहमद हुसैन, हाजी शमशेर, असगर इमाम, राहत अली, फैज़ान सर्वर, अनीस असगर, मो शोहरत,ग़ज़नफर अब्बास, शमीमुल हसन, इब्ने अली, मो अली, मुज़्तर, मो जावेद आदि उपस्थित रहे।

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