योगी राज में सरकारी अस्पतालों का बुरा हाल, नहीं सुनी जाती मरीजों पुकार

कनिष्क गुप्ता

इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जब भी गरीब नागरिकों को मुफ्त इलाज मुहैया कराने के लिए हर सरकारी अस्पतालों को आदेश दिया है। वहीं मुख्यमंत्री के आदेश की धज्जियां उड़ाई जा रही है।हालात ये हैं कि गरीब नागरिकों को कोई सहूलियत नहीं दी जाती है और अमीर लोगों को सारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।

आपको बता दें कि इलाहाबाद में स्वरुप रानी नेहरू अस्पताल का नजारा कुछ ऐसा ही है। घटना 12 अप्रैल की है।जब राज कुमार जायसवाल नाम के एक व्यक्ति ने बाइका बाग पार्क के पास करीब शाम 5.00 बजे एक बूढ़े असहाय की हालत देखकर उसे इलाज के लिए तारपिन के तेल से उसके हाथ को धोया गया था। राज कुमार जायसवाल ने बताया कि मैंने और प्रकाश पाण्डेय, विकास वकील और आदित्य कुल पांच लोगों ने मिलकर पास के एक मेडिकल स्टोर से पट्टी आदि लेकर हाथ पर बांधा उसके बाद प्रकाश पाण्डेय जी ने पांच बजे से एम्बुलेंस को फोन किया करीब तीन घंटे बाद आठ बजे रात बाइका बाग पार्क के पास एम्बुलेंस आई तब जाकर राज कुमार जायसवाल सहित पांच लोग उस असहाय व्यक्ति को एस आर एन अस्पताल ले गए। लेकिन वहां पर डाक्टरों ने उस बूढ़े असहाय व्यक्ति को भर्ती करने से मना कर दिया ये कह कर कि इनका इलाज हमारे में नहीं हो सकता है। जब राज कुमार जायसवाल सहित अन्य लोगों ने मिलकर इसका विरोध किया तब जाकर उसका इलाज हुआ। राज कुमार जायसवाल ने बताया कि जिस व्यक्ति का इलाज होना है वो सुरेन्द्र तिवारी (66) निवासी सासा राम बिहार के हैं और मानसिक रूप से विछिप्त है। राज कुमार जायसवाल ने कहा कि स्वरुप रानी नेहरू अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती को लेकर हम लोगों से वहां के डाक्टरों से कहा सुनी हुई जिसमें एक जूनियर डॉक्टर ने (26 ) ने प्रकाश पाण्डेय (40) को थप्पड़ जड़ दिया लेकिन हम लोगों ने शांति का परिचय दिया उस बूढ़े असहाय व्यक्ति को खाना आदि दिया। लेकिन दूसरे दिन 13 अप्रैल को सुरेन्द्र तिवारी नाम के व्यक्ति को अस्पताल के डॉक्टरों ने बाहर कर दिया ये कह कर कि इनका इलाज हमारे अस्पताल में नहीं हो सकता है। ये हाल है सरकारी अस्पतालों का जहां बेसहारा लोगों के लिए कोई सहूलियत नहीं होती है। आये दिन अखबारों में खबर छपती है लेकिन इलाहाबाद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को कुछ नहीं दिखाई देता है। मुख्यमंत्री के आदेश डस्टबिन में पड़े रहते हैं।

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