क्या करे युपी पुलिस जब कुख्यात के घर दबिश में गये दरोगा को ही सफेदपोश खड़ा कर रहे कटघरे में

आदिल अहमद

कानपुर नगर। जहां एक तरफ योगी सरकार अपराध को कम करने के लिए  यूपी पुलिस द्वारा धड़ल्ले से किए गए एनकाउंटर का दावा कर रही है तो दूसरी तरफ  पुलिस को ईमानदारी और निष्ठा से कार्य करने पर रोक भी लगा रही है। ताज़ा मामला कानपुर नगर चकेरी थाना क्षेत्र का है ऊंचा टीला जाजमऊ स्थित में निवास करने वाले कामरान बनिया शमशाद एवं उसके पारिवारिक सदस्य जिनके नाम असलम,  इमरान, रिजवान, राना खानम पर 307,302, 354 एवं गैंगेस्टर जैसी संदिग्ध धाराओ में लगभग कुल 26 मुकदमे दर्ज है ये मुकदमे कई सालों से दर्ज हैं। थाना चकेरी के अंतर्गत जाजमऊ चौकी में कई दरोगा आये और चले गए लेकिन गैंगेस्टर परिवार होने के कारण न तो थाना चकेरी के पुलिस कर्मी और न ही जाजमऊ चौकी के पुलिस कर्मी कार्यवाही करने का साहस कर सके

हाल ही में लगभग 4 दिन पहले जाजमऊ चौकी का भार संभालते हुए जाजमऊ चौकी प्रभारी मंसूर अहमद ने गैंगेस्टर परिवार पर स्वयं उचित कार्यवाही करने का प्रयास किया। जब चौकी प्रभारी अपने कुछ पुलिसकर्मियों के साथ गैंगस्टर परिवार के घर गैर जमानती वारंट पर वांछित को दबिश देकर पकड़ने गए तो गैंगस्टर परिवार ने मुख्य दरवाजे को अंदर से बंद कर दिया और छत पर भाग गए। जाजमऊ चौकी प्रभारी मंसूर अहमद के बार बार नाम द्वारा संबोधित किए जाने पर भी गैंगस्टर परिवार ने मुख्य दरबार को नहीं खोला।

चूंकि परिवार पर 302, 307, और गैंगस्टर एक्ट जैसी संदिग्ध धाराओं पर मुकदमा दर्ज होने के कारण अपनी सुरक्षा हेतु चौकी इंचार्ज को अपनी सरकारी रिवाल्वर निकाल कर अपनी जान की सुरक्षा करना भी उचित समझा। जो कि गैंगस्टर परिवार के घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। जिसे गैंगस्टर परिवार ने मुददा बना दिया। जब हमने चौकी प्रभारी से इस मामले में बात की तो प्रभारी जी ने सारे मुकदमों की कॉपी और गैंगस्टर परिवार का कारनामा काला चिट्ठा सबूत के साथ खोल कर रख दिया। कहाकि क्या अपनी सुरक्षा में हम रिवाल्वर भी नही निकाला सकते है।

वही जब हमने क्षेत्रीय नागरिको से बात किया तो दबी ज़बान में लोगो ने बताया कि जिस घर पर आज छापेमारी किया गया था वह घर अपराधिक प्रवित्ति में लिप्त रहा था। इस कारण क्षेत्र के आम नागरिक भी इनसे दब कर रहते है। आज तक किसी पुलिसवाले ने हिम्मत नही जुटाई थी इस घर पर नज़र उठाने की। शायद मुख्य कारण इसका यही है कि इन लोगो द्वारा कुछ पत्रकारों को भी मिला कर रखा जाता है।

किसने उठाया इस फर्जी मुद्दे को

दबंग परिवार के खिलाफ इस कार्यवाही से जहा क्षेत्र में लोग कानून राज पर विश्वास कर रहे है वही क्षेत्र के थाने चौकी पर बैठक कर अपनी पत्तिया सेट करने वालो की पत्तिया इन चार दिनों में कम हो रही है। वर्त्तमान चौकी इंचार्ज से पहले जो भी रहा है वह सभी इन चौकी पर बैठक करने वालो के दबाव में कही न कही रहते थे। इस सेटिंग में इन लोगो के द्वारा गाडियों को छुड़वाना मुख्य काम रहा है। इस बार ये काम होना बंद हो गया। तब तक इस दबंग परिवार के द्वारा सीसीटीवी फुटेज उनको ही उपलब्ध करवा दिया गया। मामले में दबाव बनाने के लिये इस फुटेज को वायरल किया जा रहा है।

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