केंद्र सरकार खुद को आरबीआई का मालिक समझती है – पी चिदंबरम

आदिल अहमद

नई दिल्ली: पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने गुरुवार को एक बार फिर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने इस बार केंद्र सरकार पर खुद को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया आरबीआई का मालिक मानने का आरोप लगया है। उन्होंने कहा कि सरकार केंद्रीय बैंक की स्वतंत्रता को नहीं समझती। लोकमत नेशनल कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए उन्होंने शक्तिकांत दास को आरबीआई का गवर्नर बनाने को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह चिंता की बात है कि जो अधिकारी नोटबंदी का मुखर समर्थक था, उसे देश के केंद्रीय बैंक में मुख्य पद पर बैठा दिया गया।

उन्होंने उम्मीद भी जताई कि दास आरबीआई के अधिकारों और स्वायत्तता को समझेंगे। चिदंबरम ने कहा कि मुझे इस बात की चिंता है कि दो व्यक्तियों को दो अहम पद पर नियुक्त किया गया और दोनों ही व्यक्ति नोटबंदी के मुखर समर्थक थे।  उन्होंने कहा कि मैं शक्तिकांत दास से निष्ठापूर्वक उम्मीद और अपील करता हूं। आप अब आरबीआई के गवर्नर हैं और आर्थिक मामलों के सचिव, वित्त आयोग के सदस्य नहीं हैं। आप देश के केंद्रीय बैंक के गवर्नर हैं, और इसलिये आपको केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता और अधिकारों को समझना होगा। बता दें कि यह कोई पहला मौका नहीं है जब पूर्व वित्त मंत्री ने मोदी सरकार पर हमला बोला है। इससे पहले कुछ दिन पहले ही उन्होंने पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणाम को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला था।

पी चिदंबरम ने कहा था कि कांग्रेस को विधानसभा चुनाव में बीजेपी से ज्यादा सीटें मिली हैं और वह राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में सरकार बनाएगी। लिहाजा किसी को भी उनका जनादेश हड़पने का प्रयास नहीं करना चाहिए। सिलसिलेवार ट्वीट में पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि समूचे देश ने संविधान और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए छत्तीसगढ़, राजस्थान और मध्य प्रदेश के मतदाताओं को मुबारकवाद दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस तीनों राज्यों में सरकार बनाएगी। ना तो भाजपा को और ना ही राज्यपालों को, किसी को भी तीनों राज्यों में जनादेश हड़पने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। भाजपा को अपनी हार स्वीकार करनी चाहिए। चिदंबरम ने कहा कि सबके लिए एक सीख है। कठिन मेहनत को कम करके मत आंकिए।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हार नहीं मानी। भाजपा के धन और सत्ता बल के खिलाफ उन्होंने लड़ाई लड़ी और उन्हें जीत मिली। गौरतलब है कि पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजों में बीजेपी को छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और राजस्थान में हार का सामना करना पड़ा है। छत्तीसगढ़ में जहां बीजेपी महज 15 सीटें ही जीत पाई तो कांग्रेस ने यहां कुल 65 सीटें जीतीं जबकि वह तीन सीटों पर आगे चल रही है। वहीं राजस्थान में बीजेपी के नाम कुल 73 सीटें रहीं, जबकि कांग्रेस और उसकी सहयोगी पार्टियों ने यहां बहुमत का आंकड़ा छूते हुए कुल 101 सीटें जीतीं है।

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