फिर उठाई मांग, पलिया बने ज़िला

फारुख हुसैन

पलिया कलां खीरी । पलिया को जिला बनाने के लिए एक बार फिर अपनी नयी योजनाओं के साथ जिला बनाओ मंच के संयोजक रवि गुप्ता ने अपनी कमर कस ली है और एक बार फिर वह पलिया को जिला बनाने के लिए जोर शोर से अपनी तैयारियों में जुट गए हैं । जी हां पलिया के क्षेत्रफल और यहां के लोगों की परेशानियों को देखते हुए रवि गुप्ता ने एक बार फिर अपनी तैयारियां शुरू कर दी है

आपको बता दें जिले की पलिया तहसील वास्तव में जिला बनने के योग्य है। इस तहसील को जिला बनाने के लिए नगर व क्षेत्रवासी विगत लम्बे अरसे से मांग करते चले आ रहे हैं, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हो सकी। पलिया को जिला बनवाने के लिए ‘‘पलिया जिला बनाओ मंच‘‘ के संयोजक युवा व्यापारी प्रतिनिधि रवि गुप्ता ने भी कमर कस ली है।   पलिया को जिला बनाने के लिए उन्होंने कई कोशिशें की है जिसमें कभी पोस्टकार्ड के माध्यम से तो कभी तहसील पहुंचकर ज्ञापन के माध्यम से जिला बनाने के लिए पुरजोर कोशिश की है परंतु किसी कारणवश उसमें सफलता नहीं मिल रही है जानकारी के लिये आपको बता दें कि व्यवहारिक एवं विकास के दृष्टिकोण से पलिया नगर एक महत्वपूर्ण नगर है।

पलिया तहसील का क्षेत्रफल 7680 वर्ग किमी है तथा 35 लाख की आबादी है, जो उत्तर प्रदेश में सबसे बड़े क्षेत्रफल की तहसील जानी जाती है। इसके अलावा तहसील, विकास खण्ड व नगर पालिका परिषद भी है। 137, पलिया विधानसभा से अब तक जो भी विधायक विजयी होकर गया, सभी से नगर व क्षेत्रवासियों ने पलिया को जिला बनवाने की मांग की, किसी ने भी पलिया को जिला घोषित कराने में कोई सहयोग नहीं किया। पलिया तहसील क्षेत्र में अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त दुधवा टाइगर रिजर्व भी है, जो पूर्व में दुधवा नेशनल पार्क के नाम से जाना जाता था। इसके अलावा पलिया में हवाई पट्टी भी स्थित है और यह तहसील क्षेत्र पड़ोसी मित्र राष्ट्र नेपाल से सटा हुआ है। ध्यान देने योग्य है कि भौगोलिक दृष्ट से पलिया तहसील क्षेत्र काफी विशाल व दूर तक है। पलिया तहसील क्षेत्र में चंदनचैकी, गौरीफंटा, खजुरिया, सम्पूर्णानगर व वसही जैसी प्रमुख मण्डिया भी हैं, जो जिले की किसी भी तहसील में इतनी मण्डियां नहीं हैं।

इसके अलावा जिला मुख्यालय जाने के लिए पलिया तहसील क्षेत्र के लोगों को 120 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है, जो जिले की किसी भी तहसील की दूरी जिला मुख्यालय से इतनी नहीं है। ऐसे में पलिया तहसील क्षेत्र के लोगों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और जिला मुख्यालय को जाने के लिए समय और पैसा दोनों की बरबादी करनी पड़ती है। उस पर भी शाम तक वह जिला मुख्यालय से वापस अपने घर नहीं आ सकता है। मुख्य बात यह है कि प्रमुख व्यापारिक मण्डियों जैसे सम्पूर्णानगर, खजुरिया, बसही, चंदनचैकी, गौरीफंटा, बेलरायां, तिकुनियां, निघासन, मझगईं, बम्हनपुर, नौगवां, मैलानी, भीरा व बिजुआ आदि अनेकों व्यापारिक क्षेत्रों तथा इकाईयों की दूरी पलिया मुख्यालय से अधिकतम 35-36 किमी ही है। जिला बनने से उक्त व्यापारियों को भी तमाम फायदे होगें और मात्र एक घण्टे के अन्दर ही पलिया को आना-जाना हो सकता है। और तेरी सुविधाओं को देखते हुए  पलिया जिला बनाओ मंच के संयोजक रवि गुप्ता ने बार बार पलिया को जिला बनाने की कोशिशों में लगे हुए हैं उनका मानना है जब एक बार पलिया जिला बन गया तो यहां पर आमजन को भी काफी राहत मिलेगी ।

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