देखे वीडियो – गिरिराज ने मंच से कहा अगर कब्र के लिए तीन हाथ जगह चाहिये तो देश में वंदेमातरम् कहना होगा

गोपाल जी

बेगूसराय: विवादित बयान, भड़काऊ भाषण, फुट और नफरतो के लफ्ज़ ये शायद गिरिराज सिंह की पहचान बनते जा रहे है। केंदीय मंत्री गिरिराज सिंह बेगुसराय सीट से भाजपा प्रत्याशी है और आज अमित शाह के कार्यक्रम में जिस प्रकार का भाषण उन्होंने दिया है वह विवादों की नई फसल दे रहा है। सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहे उनके भाषण के वीडियो में उनके इन शब्दों की आलोचनाओ का भी दौर चल पड़ा है।कभी पकिस्तान भेजने की बात करने वाले केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने अपना पुराना तेवर फिर अख़्तियार कर लिया है।

आज बेगूसराय में गिरिराज सिंह ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के सामने मंच से मुस्लिम समुदाय के लोगों को चेतावनी दी है कि अगर कब्र के लिए तीन हाथ जगह चाहिए तो इस देश में वंदेमातरम गाना होगा और भारत माता की जय कहना होगा। उन्होंने कहा कि अगर तुम (मुस्लमान) ऐसा नहीं कर पाओगे तो देश तुम्हें कभी माफ नहीं करेगा। गिरिराज सिंह ने बुधवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के कार्यक्रम में अपने भाषण के दौरान अन्य बातों की चर्चा करने के अलावा कहा कि कुछ लोग बिहार की धरती को रक्तरंजित करना चाहते हैं, सांप्रदायिक आग फैलाना चाह रहे हैं, लेकिन भाजपा जब तक है न बिहार में ऐसा होगा और न बेगूसराय की धरती पर वे ऐसा होने देंगे।

उसके बाद गिरिराज ने राष्ट्रीय जनता दल के दरभंगा से उम्मीदवार अब्दुल बारी सिद्दिकी के एक तथाकथित वक्‍तव्‍य की चर्चा करते हुए कहा कि ‘आरजेडी के उम्मीदवार दरभंगा में कहते हैं कि वंदे मातरम मैं नहीं बोलूंगा। बेगूसराय में भी कुछ लोग आकर बड़े भाई का कुरता और छोटे भाई का पायजामा पहनकर भ्रमण कर रहे हैं। लेकिन मैं उन्हें कहना चाहता हूं कि जो वंदे मातरम नहीं गा सकता, जो भारत की मातृभूमि को नमन नहीं कर सकता वो इस बात को याद रखें कि अरे गिरिराज के नाना-दादा सिमरिया घाट में गंगा नदी के किनारे मरे, उसी भूमि पर कोई कब्र नहीं बनाया लेकिन तुम्हें तो तीन हाथ जगह चाहिए। तुम ऐसा नहीं कर पाओगे तो देश तुम्हें कभी माफ नहीं करेगा।

गिरिराज के इस भाषण के बाद सियासत और सोशल मीडिया पर काफी इस बयान की आलोचना हो रही है। उनके प्रतिद्वंदी डॉ तनवीर हसन ने अपने ट्वीट में कहा है कि यह देश अकेले गिरिराज के बाप दादा का नहीं ही, हम भारतीय है सभी रंगों से रेंगे हुवे देशप्रेमी है। देश से बड़ा कोई रंग और मज़हब नही है। डॉ तनवीर हसन ने आगे लिखा है कि हमने यहाँ कि फिजाओं में मोहब्बत और भाईचारे का रंग गोला है जिसे आप जैसे ज़हरीली मानसिकता के विघटनकारी लोग खत्म करना चाहते है। वही कन्हैया कुमार ने कहा है कि एक रंग से न फुलवारी अच्छी लगती है न देश, अगर वीजा मंत्री का बस चले तो वह इन्द्रधनुष के निकलने पर भी बैन कर दे।

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