बाँस बिल्लियों के सहारे झूलते तार, हादसे को दे रहे दावत

प्रियांशु गुप्ता

बिजुआ-खीरी। प्रशासन के निर्देश के बाद भी बिजली विभाग अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने का नाम नहीं ले रहा है। वहीं लाखों रुपए खर्च करने के बाद सौभाग्य जैसी योजनाओं के अंतर्गत हर घर बिजली पहुचने का कार्य प्रदेश सरकार जोरो पर रही है।

वही सालो से विधुत उपखंड बिजुआ के भानपुर चौराहे पर बसे जायसवाल मोहल्ले में बिजली की कैबिले सीधे ट्रांसफार्मर से जुड़ी हुई है। जो महज 7 फिट की ऊँचाई पर बाँस बल्लियों के सहारे उपभोक्ता बिजली उपभोग करने को विवश हैं। जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। खंभो के न होने से बिजली के तारो को उपभोक्ता बांस बल्लियों से सहारे मकान की गैलरियों पर टांग कर विधुत सप्लाई ले जाने को मजबूर है। वहीं उपभोक्ताओ ने बिधुतीकरण कर रहे ठेकेदारों का ध्यान भी आकर्षित कराया था। लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।

आपको बतादे इससे पहले जायसवाल मोहल्ले निवासी एक व्यक्ति चार पहिया वाहन से अपना कुछ सामान लेकर आने घर जा रहा था। वहीं रास्ते में झूलते तारो में फंस कर वाहन पर रखा समान उसकी चपेट में आ गया था। जिससे तार टूट कर सड़क पर गिर गए थे। उस समय गलीमत यह रही कि बिधुत सप्लाई नही चल रही थी। नही तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था। जिसकी शिकायत के बावजूद भी विभाग मौन है

ट्रांसफॉर्मर से जुड़े केबिल, हादसे की आशंका 

बिजुआ खीरी। हाइवे के किनारे किनारे लगी बाँस बल्लियों पर नीचे नीचे झूलते तार दुर्घटनओ को दावत दी रही है। वहीं हाइवे के किनारे बने मकानों से आस-पास के बच्चे भी खेलने-कूदने आ जाते है। एेसे में नीचे लटक रहे तारों से किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका से इंकार नहीं जा सकता है। रोड पर मात्र 7 फीट की ऊंचाई पर बिधुत कैबिल के तार लटक रहे हैं।

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