लूट की खातिर ही हुआ था ओला ड्राइवर का कत्ल

तारिक खान

प्रयागराज। ओला कार ड्राइवर सैय्यद मंसूर अहमद की हत्या लूट की खातिर ही की गई थी। मामले में पुलिस ने डांस टीचर मुकेश पासी, बार ब्वॉय निखिल सेन और साहिल को गिरफ्तार किया है। अभियुक्तों को ड्राइवर के पास से महज सात सौ रुपये मिले थे। उनके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त दो चाकू, मोबाइल, बाइक बरामद हुई है।

वारदात की योजना बार वेटर निखिल ने बनाई थी

मंगलवार की शाम अभियुक्तों को पुलिस लाइन सभागार में मीडिया के सामने पेश किया गया। एसएसपी अतुल शर्मा व एसपी सिटी बृजेश श्रीवास्तव ने बताया कि वारदात की योजना बनाने वाला निखिल सेन है। वह कौशांबी जिले के कोखराज थाना क्षेत्र स्थित सिकंदपुर बजहा गांव का रहने वाला है। मुंबई में एक बार में ग्राहकों को शराब देने का काम करता था। करीब एक सप्ताह पहले ही अपने घर लौटा था। उसकी दोस्ती अपने ही गांव के साहिल उर्फ रजनीश उर्फ सत्या से थी। साहिल, सरायइनायत थाना क्षेत्र के हनुमानगंज फतुहा गांव स्थित मोबाइल टॉवर पर सुरक्षा गार्ड की नौकरी करता है। हनुमानगंज का ही मुकेश फतुहा के पास बच्चों को डांस सिखाता है।

साहिल ने ओला कार बुक कराई थी

पुलिस का दावा है कि आठ मई की रात सभी लोग रेलवे स्टेशन पहुंचे। वहां पर ओला कार को बुक किया, लेकिन नहीं मिली। इसके बाद 11 मई को साहिल ने फिर से मोहनगंज के लिए कार बुक की। इस पर म्योराबाद निवासी मंसूर अहमद अपनी कार लेकर वहां पहुंचा। तब तीनों युवक उस पर सवार हो गए। योजना के मुताबिक, चालक के बगल वाली सीट पर साहिल बैठा। पीछे वाली सीट पर मुकेश व निखिल बैठ गए।

गमछे से कस दिया मंसूर का गला, ताबड़तोड़ किए चाकू से हमला

रास्ते में साहिल ने लघुशंका का बहाना बनाकर कार रुकवाई तो मुकेश ने गमछे से मंसूर का गला कस दिया। इसके बाद अन्य ने चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हत्या के बाद लाश को मुमतजीपुर गांव पास फेंक दिया और फिर भाग निकले।

कार बिकने पर 50 हजार देने को कहा

निखिल ने कार बिकने पर मुकेश को 50 हजार रुपये देने की बात कही थी। साहिल को भी पैसा देने का लालच दिया था। वारदात के बाद निखिल अकेले ही कार लेकर ट्रांसपोर्ट नगर में रहने वाली अपनी बुआ के घर पास पहुंच गया। वहां से बाइक लेकर कौशांबी भाग गया, जबकि मुकेश अपने घर व साहिल टावर पर चला गया था।

किसी का नहीं है क्रिमिनल रिकार्ड

एसएसपी का दावा है कि तीनों आरोपित की उम्र 20 से 21 साल है। इनका कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं मिला है। हालांकि पुलिस का यह भी कहना है कि निखिल इस घटना से पहले भी दो अन्य साथियों के साथ वारदात को अंजाम देना चाहता था, लेकिन उसके दोस्त पीछे हट गए थे। अभियुक्तों ने हनुमानगंज में एक दुकान से 20-20 रुपये में चाकू खरीदा था।

एसएसपी ने टीम के सदस्यों को इनाम की घोषणा की

हत्याकांड का राजफाश करने पर एसएसपी ने क्राइम ब्रांच प्रभारी धर्मेंद्र सिंह यादव, स्वॉट प्रभारी वृंदावन राय, एसआइ ओम शंकर शुक्ला, इंस्पेक्टर कैंट अरविंद गौतम की टीम को इनाम देने की घोषणा की है।

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