आयरन की गोली अपने सामने ही खिलाएं तब होगा एनीमिया मुक्त भारत – डॉ एम लाल

संजय ठाकुर

मऊ : मुख्य चिकत्साधिकारी कार्यालय सभागार में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम एवं राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम की इस वित्तीय वर्ष की प्रथम त्रैमासिक कार्यशाला का आयोजन हुआ जिसमे जनपद के समस्त ब्लॉक से चिकित्सा अधीक्षक / चिकित्साधिकारी, चिकित्साधिकारी (टीम लीडर) आरबीएसके, शिक्षा विभाग से समस्त खंड  शिक्षा अधिकारी, आईसीडीएस विभाग से समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारी उपस्थित रहे।

डीईआईसी मैनेजर अरविन्द वर्मा ने आरबीएसके तथा आरकेएस के कार्यक्रम के उद्देश्यों को बताया कहा कि कई स्वयं सेवी संस्थाए दिव्याग बच्चों के इलाज के लिये आगे आ रही हैं जिसमें आगामी अगस्त माह में मूक-बाधिर बच्चो के निःशुल्क कैंप का आयोजन कानपुर के लेट डॉ एसएन मेहरोत्रा मेमोरियल ईएनटी फाउंडेशन द्वारा जिला चिकित्सालय में होगा।

नोडल अधिकारी डॉ एम. लाल ने आरबीएसके की प्रगति पर खुशी व्यक्त किया तथा कहा कि जब से एप वयस्था लागू हुई है तब से जनपद की टीम ने बहुत ही सफल कार्य किये हैं जिसमें कई घरों में खुशियां आगई हैं।

डॉ एम. लाल ने उपस्थित सभी एबीएसए तथा सीडीपीओ से अपेक्षित सहयोग हेतु अपील की, जिसमे आयरन की गोलियों विद्यालय में 6 से 10 वर्ष तक के बच्चो को गुलाबी गोली तथा विद्यालय में 11 से 19 वर्ष तक के सभी बच्चो को नीली गोली सप्ताह में एक दिन प्रत्येक सोमवार को तथा आगनवाड़ी केन्द्र पर प्रत्येक वीएचएनडी दिवस पर प्रत्येक सप्ताह एक नीली गोली 11 से 19 वर्ष तक की स्कूल नहीं जाने वाली पंजीकृत किशोरियों को खिलाए जाने बात कही। साथ ही स्कूल में अध्यापकों तथा आंगनबाड़ी केन्द्र में आंगनबाड़ी कार्यकत्री समेत अन्य कर्मियों को बच्चों को अपने सामने ही आयरन की नीली गोली खिलाने के लिए निर्देश दिया गया, ताकि एनीमिया मुक्त भारत के मिशन को पूरा किया जा सके।

इस कार्यक्रम में राज्य स्तर से आए हुए अधिकारी मनोज पांडेय, स्टेट कोआर्डिनेटर तथा डीसीपीएम संतोष सिंह भी उपस्थित रहे।

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