रेल मंत्री जी – बेल्थरारोड स्टेशन निर्माण में ठेकेदार खा रहा मलाई, ज़िम्मेदार सो रहे ओढ़े रजाई

तारिक आज़मी

बेल्थरारोड (बलिया). अगर आपने सीधे आँख में धुल झोकना नही जाना हो तो आइये आपका स्वागत है आदर्श नगर पंचायत बेल्थरारोड के रेलवे स्टेशन पर। यहाँ होने वाले निर्माण को देखे। उसमे प्रयोग हो रही सामग्री को देखे और सज्जन के तौर पर बैठे यहाँ के ठेकेदार से मुलाकात करे। थोडा सम्भाल कर मिलिएगा, क्योकि सज्जन अपने समय के दबंग भी रह चुके है। फिर उनसे सवाल पूछने की हिम्मत जुटाये और पूछे कि क्या सामग्री लग रही है। तत्काल ठीकेदार साहब बोलेंगे सभी मानक के अनुरूप सामग्री लग रही है। जबकि हकीकत आपके सामने होगी कि मानक को ताख पर रख कर ठेकेदार मुनाफे की मलाई खा रहे है और ज़िम्मेदार शायद रजाई ओढ़े सो रहे है।

क्या हो रहा है काम

प्रयोग में लाइ जा रही घटिया ईंट

बेल्थरारोड स्टेशन पर निर्माण कार्य चल रहा है। चारदीवारी का निर्माण जोरो शोरो से हो रहा है। इस सम्बन्ध में जब हमने बेल्थरारोड स्टेशन मास्टर से बात करना चाह तो महोदय ने बड़ी सज्जनता के साथ कहा कि मित्र मैं कोई भी जवाब नही दे सकता हु। वह हमारे कार्य क्षेत्र में नही है। आप ऊपर के स्तर से बात करे। दरअसल निर्माण में जमकर सामग्री में लूट ठेकेदार के द्वारा किया जा रहा है। मगर ठेकेदार साहब ठहरे बाहुबली, कौन मुह लगे। अपने साथ दो चार असलहाधारी खड़ा करके काम करवाने वाले ठेकेदार साहब के बाहुबल के आगे कोई भी आवाज़ उठाने की हिम्मत नही करता है। वो तो गनीमत रहा कि कैमरा देख कर उनके असलहाधारी साथी धीरे से सरक लिए और कैमरे के जद में आने से बच गये।

क्या है नियम

नियमो के अनुसार निर्माण में एक नंबर की ईंट लगाई जाती है। जूड़ाई के लिए उत्तम क्वालिटी की सीमेंट और बालू का प्रयोग होना चाहिए। साथ ही जूडाई में 5 हिस्सा बालू और एक हिस्सा सीमेंट का प्रयोग होना चाहिए।

क्या हो रहा है मौके पर

निर्माण में जमकर नियमो की उड़ रही धज्जिया, मानक के विपरीत हो रहा है कार्य

जैसा की आप तस्वीरो में साफ़ देख सकते है कि एक नंबर की ईंट के जगह तीन नंबर की ईंट का प्रयोग हो रहा है। एक नंबर ईंट और तीन नंबर की ईंट के दामो में ज़मीन आसमान का फर्क है। तीन नंबर ईंट कमज़ोर और कच्ची होती है। इसके साथ ही रद्दी क्वालिटी की सीमेंट (अधिकतर ब्रांडेड बोरी में नकली सीमेंट) का प्रयोग हो रहा है। साथ में जूडाई हेतु 5-1 के मसाले के जगह 7-1 के मसाले का प्रयोग हो रहा है। आपत्ति कर भी कौन सकता है। ज़िम्मेदार शायद इस लूट के लिए खुली छूट दे रखे है।

क्या कहते है ठेकेदार

ठेकेदार साहब कैमरे से मुह छुपाते फिरते रहे। काफी मनाने पर आफ द कैमरा बोलने को तैयार हुवे। कहा कि ईंट असल में एक नंबर ही है। बस बरसात में थोडा धुप पानी के कारण सफ़ेद दिखाई देती है। मसाले के सम्बन्ध में बताया कि मसाला अधिकतर 5-1 का ही प्रयोग हो रहा है। थोडा उन्नीस बीस तो चलता ही है। सब देखना पड़ता है।

क्या कहते है ज़िम्मेदार

इस प्रकरण में कोई भी अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नही है। स्टेशन मास्टर यह कह कर अपना कमरा बंद कर लेते है कि ये मेरे कार्यक्षेत्र के बाहर का मामला है। विभाग खामोश है, जनता के मेहनत की कमाई जो टैक्स के रूप में सरकार को जाती है और सरकार उससे जनहित के कार्य करती है। वह पानी के भाव बह रही है। ठेकेदार अपनी मलाई काट रहा है और ज़िम्मेदार खामोश बैठे है। अगर सही से निष्पक्ष तौर पर मामले की जाँच हो तो एक बड़े घोटाले का खुलासा होगा। अब देखना होगा कि मंत्रालय इसपर क्या संज्ञान लेता है।   

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