प्रभु राम के विवाह से हुआ राम कथा का समापन

गौरव जैन

रामपुर – अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा द्वारा गोस्वामी तुलसीदास जयन्ती के उपलक्ष्य में श्री राम कथा महोत्सव का  समापन प्रभु राम के विवाह से सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर काशी से पधारे मानस मर्मज्ञ पंडित शम्भूनाथ व्यास ने कहा कि जो प्रार्थना शुद्ध संकल्प और सच्ची लगन से की जाती है वो अवश्य पूरी होती है। यदि गुरु के प्रति सच्ची निष्ठा हो तो गुरु अपने जीवन का सारा अनुभव आशीर्वाद अपने शिष्य को समर्पित कर देता है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा गुरु विश्वामित्र और कुलगुरु वशिष्ठ के आशीर्वाद से भगवान राम ने धनुष भंग किया। उसके बाद जगत जननी माता सीता से विवाह किया। विदाई में राजा जनक की पत्नी सुनयना ने अपनी पुत्री सीता को सीख देते हुए कहा कि अपने ससुर में पिता का दर्शन, सास में माता का दर्शन और पति के अनुसार आचरण करना। आज परिवार टूटने का कारण संस्कारों का न होना है। माता पिता को चाहिए कि वह अपनी बेटी को भले ही कार न दें लेकिन संस्कार जरूर दें। बेटियों को संयुक्त परिवार की संकल्पना से अवश्य परिचित कराएं। क्योंकि बेटी एक परिवार को नही वल्कि पिता और पति दोनों के परिवारों को तार देती है।

कथा के विश्राम के बाद महिला सभा द्वारा सुन्दरकाण्ड का पाठ,प्रभु नाम संकीर्तन और भजन गाये गए। श्री राम विवाह की खुशी में भंडारे जा आयोजन किया गया। जिसमें समाज के सभी वर्गों के लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इन अवसर पर डॉ मोनिका शर्मा, सुधा शर्मा, सुषमा पांडेय, मीनाक्षी शर्मा, लक्ष्मी शर्मा, प्रियंका पाठक, संगीता पांडेय, अर्चना शर्मा, मृदुल शर्मा, अनीला जोशी, प्रीति भारद्वाज, मुनीश चन्द्र शर्मा, सौरभ पाठक दीपक शर्मा, रामबाबू शर्मा, अभिषेक शर्मा आदि उपस्थित रहे।

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