कानपुर – मुहम्मद अली पार्क बन गया दिल्ली का शाहीनबाग़, प्रशासनिक सोच से इतर महिलाये बैठी सडको पर, जाने ताज़ा स्थिति

आदिल अहमद/ मोहम्मद कुमैल

कानपुर प्रशासन ने शायद इस बात को कभी सपने में भी सोचा होगा कि कानपुर का मुहम्मद अली पार्क दिल्ली का शाहीनबाग़ बन जायेगा। एक महीने तक हर तरीके की कोशिशो के बावजूद भी मुहम्मद अली पार्क में बैठी प्रदर्शनकारी महिलाए अपना प्रदर्शन ख़त्म नही कर रही थी। प्रदर्शनकारी महिलाओं की माने तो प्रशासन ने कल, बल सब कुछ प्रयोग कर डाला था। इस क्रम में पार्क में लगे टेंट के मालिको ने अपने टेंट हटा लिए थे। इसके बाद भी प्रदर्शन खत्म नही हुआ तो पहले माइक और फिर कुर्सियों का नंबर आया।

इसी क्रम में वहा पड़े फोम भी प्रशासन ने हटवा दिया और प्रदर्शनकारी लोगो को चिन्हित करने के क्रम में शांति भंग की नोटिस के तहत 66 लोगो से दो-दो लाख के बांड भी भरवाने की नोटिस तमिल कर डाली। महिलाओं को टस से मस होता न देख प्रशासन ने पहले शहर क़ाज़ी को प्रदर्शन ख़त्म करवाने हेतु प्रदर्शनकारी महिलाओं से वार्ता हेतु भेजा। मगर बात तब भी नही बनी तो खुद जिला प्रशासन मौके पर बड़े अमले के साथ आकर वार्ता किया और ज्ञापन देकर प्रदर्शन खत्म करने की अपील किया।

इस अपील का प्रदर्शनकारी महिलाओं पर कोई खास फर्क नही पड़ा और घंटो में होने वाला प्रदर्शन 24 अवर में तब्दील हो गया। शनिवार को प्रशासन ने आखरी प्रयास किया और प्रदर्शनकारी महिलाओं से महिला अधिकारी के अगुवाई में बात किया। प्रदर्शन मद्धिम पड़ने की उम्मीद तो दिखाई दी। इसके बाद शनिवार की देर रात लगभग 3 बजे भारी संख्या में पुलिस बल के साथ पार्क को खाली करवा लिया गया।

पार्क से निकली महिलाये सड़क पर बैठ गई। सुबह हो चली। मौके से इस प्रदर्शन के मद्देनज़र प्रशासन ने भारी फ़ोर्स क्षेत्र में रविवार की सुबह बुला लिया। इसके बाद प्रदर्शनकारीयो की भीड़ भी बढती गई और महिलाए मुहम्मद अली पार्क से लेकर हलीम कालेज चौराहे तक बैठ गई। भारी तय्दात में शहर के अन्य हिस्सों से भी महिलाओं ने प्रदर्शन में भाग लिया और पूरा इलाका महिलाओं की भीड़ से भर गया। महिलाओं ने इस दौरान जमकर प्रशासन विरोधी नारेबाजी भी करना शुरू कर दिया।

65-66 घंटो की मशक्कत के बाद आखिर प्रशासन ने कई दौर में प्रदर्शनकारी महिलाओं से बात किया। पूरा इलाका दुसरे शाहीनबाग़ में तब्दील हो गया। प्रशासन के लिए सबसे बड़ी जद्दोजेहद प्रदर्शनकारी महिलाओं को हटाना था। क्षेत्र के सभी रास्ते लगभग अघोषित ब्लाक की कंडीशन में हो चूका था। इसके बाद आन मंगलवार को प्रशासन ने कई दौर की वार्ता के बाद प्रदर्शनकारी महिलाओं को मुहम्मद अली पार्क में टेंट और कुर्सियों को लगाकर जगह प्रदान किया गया।

इसके बाद से देर रात समाचार लिखे जाने तक काफी महिलाये पार्क के अन्दर जा चुकी है। मगर अभी भी हलीम कालेज चौराहे पर सैकड़ो महिलाये प्रदर्शन कर रही है। इन सर्द रातो में डीएम, डीआईजी समेत भारी पुलिस बल व प्रशासनिक अधिकारी क्षेत्र में लगातार मौजूदगी दर्ज करवाते रहे। प्रदर्शन दिल्ली के शाहीनबाग की तरह शुरू हो गया है। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि जब वह शांति से पार्क में प्रदर्शन कर रही थीं तो पुलिस को वहां कार्रवाई कर जबरन उठाने की क्या जरूरत थी। उन्होंने पुलिस पर लाठीचार्ज करने का भी आरोप लगाया। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने स्थानीय एसएचओ और एक दरोगा के सस्पेंशन की भी मांग किया है।

समाचार लिखे जाने तक अधिकतर प्रदर्शनकारी महिलाए पार्क के अन्दर जा चुकी है। इसके बावजूद भी हलीम कालेज चौराहे पर भारी संख्या में महिलाए मौजूद है। प्रदर्शन स्थल पर प्रशासन मुस्तैद है। हलीम कालेज चौराहे पर मौजूद महिलाओं को समझकर पार्क के अन्दर भेजने की कोशिशे जारी है। हमारी संवाददाताओ की टीम मौके पर आपको लेटेस्ट  अपडेट देने के लिए मौजूद है। रात के लगभग 3:30 हो रहे है। बुधवार की सुबह अंगड़ाईया लेने को बेचैन हो रही है। वही इस सर्द रात में भी मौके पर प्रदर्शन जारी है।

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