प्रशासन खत्म कर रहा ज़ुल्म की इन्तेहा, उन्हें ये फिक्र है हरदम, नया तर्ज-ए-जफा क्या है ?,हमे भी शौक है देखे सितम की इन्तहा क्या है : कानपुर के मुहम्मद अली पार्क की प्रदर्शनकारी महिलाये

आदिल अहमद/मो० कुमैल

कानपुर. उत्तर प्रदेश के मिनी शाहीनबाग़ बने मुहम्मद अली पार्क में CAA/NRC/NPR के मुखालफत में विरोध प्रदर्शन आज 30वे दिन भी जारी रहा। पुरे एक माह से यहाँ भारी तय्दात में महिलाए शांति पूर्वक विरोध प्रदर्शन कर रही है। इस दौरान प्रशासन ने कई बार इन प्रदर्शनकारी महिलाओं को यहाँ से हटाने का प्रयास किया। मगर ये प्रदर्शनकारी महिलाये अपनी जीवट शक्ति का प्रदर्शन करते हुवे अभी भी प्रदर्शन जारी रखे है।

आज प्रदर्शन में लगभग 5 हज़ार के करीब महिलाये जुटी। हमने महिलाओं से इस सम्बन्ध में बातचीत किया। एक प्रदर्शनकारी युवती ने हमसे बात करते हुवे कहा कि प्रशासन हमारे शांति पुर्वक चल रहे विरोध प्रदर्शन को तोड़ने के लिए अपना भरसक प्रयास कर रहा है। उन्होंने हमको पहले शांति से, फिर बल पुर्वक हटाने की कोशिश किया। मगर जब प्रशासन नाकामयाब हो गया तो अब वह छल का सहारा ले रहा है।

प्रदर्शनकारी युवती ने बताया कि पहले हमने यहाँ टेंट लगवा लिया था ताकि ओस और सर्द हवाओं से कुछ हिफाज़त बुज़ुर्ग महिलाओं और बच्चो की हो सके। मगर प्रशासन ने उस टेंट को हटवा लिया। इसके बाद भी प्रशासन का बस नही चल सका और हमारे प्रदर्शन को कमज़ोर नही कर सका तो प्रशासन ने हमारे परिजनों को शांति भंग की नोटिस तामील कर नाबालिग बच्चो तक को 2 लाख का बांड भरने को कहा।

बताया कि जब हमारी हिम्मत इससे भी नहीं टूटी तो प्रशासन ने स्थानीय सभी टेंट हाउस वालो को हमें सुविधा मुहैया कराने से धमकियों के साथ मना कर डाला। इसके बाद से कोई भी टेंट वाला हमको पैसे देने के बावजूद सामान नही दे रहा है। हम लाख कोशिशे कर रहे है, मुह मांगी कीमत किराए की देने को तैयार है, मगर स्थानीय प्रशासन के खौफ से कोई भी टेंट वाला हमको टेंट देने को तैयार नही हुआ तो हमने बैनरों का सहारा लिया और बैनरों से सर पर साया बनाया जिससे बुज़ुर्ग महिलाओं और मासूम बच्चो की सर्दी से कुछ हिफाजत किया जा सके।

प्रदर्शनकारी युवती ने बताया कि छल के साथ साथ प्रशासन अब ज़ुल्मो सितम पर उतर आया है, टेंट वालो पर दबाव बना कर प्रशासन ने हमारे माइक और बैठने के लिये आई कुर्सियों को भी वापस मंगवा लिया। हमने खुद चंदा करके कुछ फोम मंगवाए थे बैठने के लिए। मगर प्रशासन उसको भी उठा ले गया। अब हम ज़मीन पर बैठे है। प्रशासन के ज़ुल्मो सितम को भी मुस्कुरा कर हम सहने को तैयार है। मगर हम अपनी मांग पुरी होने तक मौके से नही हटेगे।

आज कार्यक्रम में प्रख्यात समाजसेवी नीलम रोमिला सिंह ने भी शिरकत किया। उन्होंने केंद्र सरकार पर जमकर कटाक्ष करते हुवे कहा कि आज़ादी के बाद के बटवारे के समय जो भारत में मुस्लिम रह गए थे वह बाई चॉइस इंडियन है। उन्होंने स्वेच्छा से भारत को अपना मदर-ए-वतन चुना। मगर सरकार उनके साथ गलत व्यवहार कर रही है। बाबा साहब के संविधान को ये खत्म करने की इनकी साजिश है।

हमसे बात करते हुवे प्रदर्शनकारी महिलाओं ने अपनी जमकर भड़ास मीडिया पर भी निकाला। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ ने अपनी भूमिका को बखूबी नही निभाया है और देश को सिर्फ और सिर्फ गुमराह किया है। कहा कि लोकतंत्र के इस चौथे स्तंभ ने अगर अपना काम इमानदारी से किया होता तो शायद आज मुल्क के ऐसे बुरे हालत नही होते।

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