मेयर प्रमिला पांडेय के पुत्र अनुराग पांडेय ने मेरे खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज करा है स्कूल हेतु प्रायोजित वक्फ की संपत्ति हड़पना चाहते है-मंसूर सोलेजा

आदिल अहमद

कानपुर। मेयर प्रमिला पाण्डेय के पुत्र अनुराग पाण्डेय द्वारा दर्ज करवाए गए ऍफ़आईआर संख्या 35/20 के सम्बन्ध में अब एक बड़ा आरोप कथित आरोपी मंसूर सोलेजा ने लगाते हुवे कहा है कि षड़यंत्र के तहत मेयर प्रमिला पाण्डेय ने अपने पुत्र अनुराग पाण्डेय को आगे करके फर्जी मुकदमा दर्ज करवाया है।

उन्होंने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से आरोप लगाया है कि कानपुर की महापौर प्रमिला पांडेय के बेटे अनुराग, वक्फ की जमीन पर कब्जे का प्रयास कर रहे हैं। स्कूल के लिए प्रस्तावित इस जमीन को लेकर बीती 22 फरवरी को एक रेस्तरां में दोनों पक्षों में मारपीट हुई थी। कारोबारी मंसूर सोलेजा के अनुसार, साधारण मारपीट के फुटेज के बावजूद पुलिस ने भाई-भतीजे को हत्या के प्रयास में जेल भेज दिया। उन्हें भी रिपोर्ट में नामजद कर दिया, जबकि वह उस दिन इजरायल में थे।

विज्ञप्ति में मंसूर सोलेजा ने कहा है कि उक्त घटना में मेरे बड़े भाई और भतीजे के साथ मेरा भी नाम फर्जी तरीके से डाला गया है। उन्होंने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कहा है कि 16 फरवरी 2020 से लेकर 23 फरवरी 2020 तक मैं इजराइल में था। इसके मेरे पास साक्ष्य उपलब्ध है। जबकि घटना 22 फरवरी की है जब मैं देश में था ही नही तो मेरा नाम फर्जी तरीके से लिखवाया गया है। उन्होंने कहा कि मेरे पास साक्ष्य उपलब्ध है कि 23-02-20 तक मैं इजराइल में था और वह से फ्लाइट द्वारा दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल तीन पर सुबह 7:25 पर उतरा। इसके बाद मैंने वह से स्पाइज जेट की फ्लाइट D7H37S द्वारा कानपुर के लिए रवाना हुआ। इस सम्बन्ध में हमने साक्ष्य हाई कोर्ट में प्रस्तुत किया है। क्योकि पुलिस काफी दबाव में है और सही से विवेचना नही कर पा रही है। उन्होंने कहा कि हम आरोपी नहीं बल्कि पीड़ित है। घटना एक षड़यंत्र के तहत करवाया गया है।

घटना के सम्बन्ध में से मंसूर सोलेजा ने कहा कि ग्वालटोली में वक्फ की 4 हजार गज जमीन पर स्कूल बनवाने के लिए यूनुस अली ने जावेद सोलेजा से समझौता किया था। मंसूर सोलेजा का दावा है कि बतौर किराएदार जमीन पर स्कूल बनाने का काम हो रहा था, तभी 21 फरवरी को पेशे से वकील अनुराग पांडेय कथित तौर पर अपने साथियों के साथ वहां आए और मजदूरों को काम करने से रोक दिया। आरोप है कि अगले दिन दोबारा काम होने पर अनुराग के करीब 100 लोग वहां पहुंचे और काम नहीं होने दिया।

फोन पर जावेद और भतीजे माहिन सोलेजा को बातचीत के लिए सिविल लाइंस के एक रेस्तरां में बुलाया गया। यहां पहले से पुलिस अधिकारी मौजूद थे। आरोप है कि यहां बातचीत के बाद दोनों पक्षों में मारपीट हुई। इसमें अनुराग को चोटें आईं। 2 घंटे बाद कोतवाली में हत्या के प्रयास और अन्य धाराओं में माहिन, जावेद, मंसूर सोलेजा के खिलाफ रिपोर्ट लिखी गई। माहिन और जावेद जेल भेज दिए गए। इसी दिन प्लॉट की बाउंड्री तोड़ सोलेजा परिवार की गाड़ियां क्षतिग्रस्त कर दी गईं।उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाते हुवे कहा कि हमने जब अपने साथ हुवे अन्याय के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाना चाहा तो पुलिस दबाव के तहत हमारी ऍफ़आईआर नहीं लिख रही है। वही सही तरीके से विवेचना भी नही कर रही है। पुलिस पर काफी राजनैतिक दबाव है। इन लोगो ने हमारी सपत्ति पर कैमरे तोड़ डाले और डीवीआर लूट लिया। मगर पुलिस हमारी शिकायत नही दर्ज कर रही है।

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