शहीद हसन खान मेवाती सरकारी मेडिकल कॉलेज विशेष कोविड-19 अस्पताल घोषित

तरुण गौड़

चंडीगढ़ – हरियाणा सरकार ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए अपने प्रयासों को ओर तेज करते हुए नलहड़ के शहीद हसन खान मेवाती सरकारी मेडिकल कॉलेज को विशेष रूप से कोविड-19 अस्पताल के रूप में घोषत किया है। इस अस्पताल में 600 बैड हैं और यहां सभी प्रकार के चिकित्सा उपकरण की पूर्ण उपलब्धता और आपूर्ति है। हरियाणा की मुख्य सचिव श्रीमती केशनी आनन्द अरोड़ा ने यह जानकारी आज यहां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संकट समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते दी।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो मरीज पहले से इस अस्पताल में भर्ती हैं, उन्हें स्थानांतरण प्रोटोकॉल का विधिवत पालन करते हुए जारी दिशा निर्देशों के अनुसार तुरंत नजदीकी अस्पतालों में स्थानांतरित कर दिया जाए। इसके अलावा, इस अस्पताल में पीपीई किट, मास्क आदि सहित पर्याप्त चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता और आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।  उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में विशेष रूप से कोविड वार्ड बनाए जाएं।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि मेडिकल कॉलेजों को विशेष रूप से कोविड अस्पतालों में परिवर्तित करने के लिए संभावनाएं तलाशी जाएं और प्रत्येक जिले में निजी लैब की भी पहचान की जाए ताकि सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने के बाद इन लैबों को कोविड- 19 के सैंपल की जांच के लिए नामित किया जा सके। इसके साथ ही, हर अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में रैपिड टेस्टिंग किट की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

मुख्य सचिव ने यह भी निर्देश दिए कि सब्जियों के रेट कैप करने के आदेश पहले ही जारी किए जा चुके हैं और सभी उपायुक्त यह सुनिश्चित करें कि दुकानें और रेहड़ी वाले सब्जियों को तय रेट से अधिक न बेचें। उन्होंने कहा कि तय कीमतों को सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित किया जाए ताकि लोग को कीमतों के बारे में पता लग सकें। इसके अलावा, अधिकारी यह भी सुनिश्चित करें कि कीमतों की सूची दुकानों के बाहर और फेरीवालों की गाडिय़ों पर चिपकाई जाए। मुख्य सचिव ने यह भी निर्देश दिए कि मूंग दाल और सरसों के तेल की दर भी तय की जाए। इसके अलावा, यह भी सुनिश्चित किया जाए कि राजमार्गों पर स्थित पेट्रोल पंप भी खुले रहें।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जिन जिलों में जहां-जहां कोरोना के पॉज़िटिव मामले पाए गए हैं, उन इलाकों में दूध की आपूर्ति करने वाले दूधवालों की संख्या को कम किया जाए और इसके स्थान पर पैक्ड दूध की आपूर्ति बढ़ाने पर अधिक ध्यान दिया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी आवश्यक वस्तु की तय दर से अधिक कीमत न वसूली जाए, इस पर कड़ी निगरानी रखी जाए।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि पुरानी धर्मशालाओं में रहने वाले साधुओं की उचित निगरानी की जानी चाहिए और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि इन साधुओं की थर्मल स्कैनिंग की जाए और सोशल डिस्टेंसइंग का पालन करवाना सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टी.वी.एस.एन. प्रसाद  ने बताया कि बैंकों में अधिक भीड़ न हो, इसके लिए एक तंत्र बनाया गया है, जिसके तहत लोग दिनों के अनुसार बैंकों में जाएं ताकि बैंकों में आने वाले लाभार्थी सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते हुए अपने धन को निकाल सकें।

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