दर्दनाक – सड़क दुर्घटना में 24 प्रवासी मजदूरों की मौत, एक कप चाय ने बचा लिया कई ज़िन्दिगियाँ, बोली प्रियंका गाँधी सरकार काम की जगह सिर्फ बयानबाजी कर रही है

आदिल अहमद/विवेक राजावत

कानपुर। अपनी रोज़ी रोटी को छोड़ कर वापस अपने आशियाँ को जाते मजदूरों की सड़क दुर्घटनाओं के समाचार में लगातार वृद्धि हो रही है। बेतहाशा सडको पर दौड़ते मौत के सौदागर बने ट्रको की रफ़्तार ने कई साँसों को अब तक सडको पर रोक दिया। ताज़ा घटनाक्रम में कानपुर के निकट औरैया में आज तड़के साढ़े तीन बजे ट्रकों की भिड़ंत में 24 मजदूरों की मौत हो गई है, और लगभग 40 लोग घायल हो गए हैं।

इस पूरी दुर्घटना को लेकर जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक दिल्ली से आया एक ट्रक ढाबे पर खड़ा था। उसमें कुछ मजदूर चाय पीने के लिए नीचे उतर गए थे और कुछ बैठे थे। ये सभी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों के रहने वाले थे। इसी बीच फरीदाबाद से आ रहा एक दूसरा ट्रक जिसमें 80 मजदूर थे, ने पीछे से दिल्ली वाले ट्रक पर टक्कर मार दिया। टक्कर इतनी तगड़ी थी कि टक्कर मारने वाला ट्रक पलट गया। टक्कर मारने वाला ट्रक जो फरीदाबाद से आ रहा था में बोरियां भी लदी थीं और इसमें झारखंड, बिहार, यूपी, पश्चिम बंगाल के प्रवासी मजदूर बैठे थे। इन्हीं बोरियों के नीचे कई मजदूर दब गए और जब तक इनको निकाला जाता इनमें से कइयों की जान चली गई।

एक कप चाय ने बचा लिया कई ज़िन्दिगियाँ

दुर्घटना भोर में लगभग 3 बजे के आसपास हुई थी। दुर्घटना के समय काफी मजदूर दिल्ली से आ रहे खड़े ट्रक से उतर कर चाय पी रहे थे। बकिया काफी ट्रक के अन्दर ही बैठे थे। शायद ये गरीबी का मंज़र ही होगा कि भूसे की तरह ठूस का आ रहे मजदूरो में केवल कुछ ही चाय पीने उतरे थे। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि ट्रक का भाडा देने के बाद शायद उन ट्रक के अन्दर बैठे मजदूरों के पास चाय पीने के लिए भी पैसे नही रहे होंगे, अन्यथा वो भी चाय के दूकान पर दुर्घटना के समय चाय पी रहे होते। बहरहाल, राहत और बचाव कार्य तथा घायलों का इलाज जारी है। सियासत पर बयानबाजिया तेज़ हो रही है। आरोप प्रत्यारोप के दौर तो जारी रहेगे। मगर सड़क पर मरते गरीब प्रवासी मजदूरों की ज़िन्दिगियो को कैसे बचाया जाए सरकार को इसके ऊपर भी सोचना चाहिये

हादसा नहीं बल्कि हत्या है – अखिलेश यादव

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने  सड़क दुर्घटना में प्रवासी मजदूरों की मौत को ‘हादसा नहीं हत्या’ बताया है। यादव ने शनिवार को ट्वीट कर कहा, ‘उप्र के औरैया में सड़क हादसे में 24 से भी अधिक ग़रीब प्रवासी मज़दूरों की मौत पर अवर्णनीय दुख। घायलों के लिए दुआएं। सब कुछ जानकर….. सब कुछ देखकर भी…. मौन धारण करने वाले हृदयहीन लोग और उनके समर्थक देखें कब तक इस उपेक्षा को उचित ठहराते हैं।, ऐसे हादसे मृत्यु नहीं हत्या हैं।

काम के नाम पर सरकार कर रही सिर्फ बयानबाजी – प्रियंका गाँधी

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने सवाल किया कि क्या सरकार का काम सिर्फ बयानबाजी करना रह गया है। पार्टी की उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका ने ट्वीट किया, ‘‘औरैया की हृदय विदारक घटना ने एक बार फिर यह प्रश्न खड़ा कर दिया है कि आख़िर सरकार क्या सोचकर इन मजदूरों के घर जाने की समुचित व्यवस्था नहीं कर रही है? प्रदेश के अंदर मजदूरों को ले जाने के लिए बसें क्यों नहीं चलाई जा रही हैं?’

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