प्रयागराज – प्राइवेट अस्पताल की लापरवाही आई सामने, सास लेने में थी तकलीफ रख दिया वेंटीलैटर पर नहीं किया कोरोना जाँच हुई मौत

तारिक खान

प्रयागराज. प्राइवेट अस्पतालों के खेल का एक नया मामला सामने आया है, जहा एक युवक को 3 दिन पहले एक निजी हॉस्पिटल में एडमिट किया गया था। उनको सास लेने में प्रॉब्लम थी। इसके बावजूत हॉस्पिटल  में कोरोना टेस्ट  किये बिना  उसको एडमिट कर लिया। जिसके बाद उसको वेंटिलेटर पर रख दिया और 27 जुलाई शाम 5 बजे तक हॉस्पिटल स्टाफ बोले की वो सही है और उसके बाद रात 9 बजे उनको मृत घोषित कर दिया।

इस सुचना के बाद मृतक के घर वालो में कोहराम मच गया, अब घर वाले हॉस्पिटल पर ये आरोप लगा रहे है। उसको सास लेने में तकलीफ थी उसके बावजूद उसका कोरोना टेस्ट नहीं किया गया और वेंटीलेटर पर रख दिया। जिसके बाद नजदीकी थाने पर इसकी सुचना दे दी गयी। मौके पर पहुची पुलिस जाच में लगी है।

ऐसा नहीं है कि अस्पतालों का पहला लापरवाही का मामला सामने आया है इससे एक के बाद एक लापरवाही के मामले सामने आये है. एसआरएन कोविड अस्पताल में  शुक्रवार को एक कोरोना संक्रमित मरीज ने सुसाइड कर लिया था तो वहीं दूसरे दिन शनिवार को एक कोरोना मरीज अस्पताल से निकलकर कहीं लापता हो गया। 60 वर्षीय यह मरीज गवर्नमेंट प्रेस से रिटायर्ड हैं। 23 जुलाई को यह कोरोना की चपेट में आया था। वह अस्पताल में व्यवस्थाओं से क्षुब्ध था। इटावा जनपद के रहने वाले यह मरीज शहर के राजापुर में मकान बनवाकर परिवार के साथ रहते हैं। तीन दिन पहले जब उनकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई तो उन्हें एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्हेंं ऑक्सीजन लगाया गया था। परिवार के लोगों से वह जब बात करते तो अस्पताल की अव्यवस्थाओं के बारे में बताते। उनकी बेटी ने ऑडियो भी वायरल किया है। उनकी बेटी व पत्नी शनिवार को शाम करीब चार बजे एसआरएन अस्पताल में कुछ सामान लेकर उन्हेंं देने गई थीं।

शाम को घरवाले गए थे। तो अस्पताल वार्ड के बाहर से ही वह उन्हें सामान भेजवा दिया। उस समय उन्होंने अपनी पत्नी से सिर्फ इतना कहा कि, मेरा यहां कोई नहीं है, जाओ तुम लोग। जब पत्नी व बेटी अस्पताल से घर पहुंची तो कुछ देर बाद ही अस्पताल की ओर से पत्नी को फोन कर यह बताया किया कि उनका मरीज अपने बेड पर नहीं है। इसी सूचना पुलिस को भी दी गई, छानबीन देर रात होती रही। एसआरएन के नोडल डॉ. सुजीत वर्मा ने बताया कि मरीज कोरोना संक्रमित था। वह अपनी इच्छा से अस्पताल से चला गया। स्टाफ के कुछ लोगों ने उसे रोकने का प्रयास किया लेकिन मरीज चला गया। जिसके बाद 26 जुलाई को भागा क्रोना संक्रमित एसपी विजिलेंस आफिस के सामने मृत पाया गया।

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