आखिर चढ़ ही गया चौक पुलिस के हत्थे पाकेटमारी और चोरी में दुर्दान्त हो चूका करण डोम

तारिक़ आज़मी

वाराणसी। चोरी, छिनैती, पाकेटमारी उसका पेशा बन चूका था। वह इतना दुर्दान्त हो चूका था कि घटना को अंजाम देकर पलक झपकते हुवे गायब हो जाता था। पुलिस ने कई बार पहले भी गिरफ्तार किया था मगर अपराध की यूनिवर्सिटी बन चुके जेल ने उसको हर बार और भी दुर्दान्त बना डाला था। वो इस अपराध को अपना कारोबार बना चूका था और कारोबार में इसके पार्टनर भी थे। सबका सरगना ये खुद बन कर बैठा था और छोटे छोटे

 मासूम बच्चो से चंद सिक्को की लालच देकर चोरी और पाकेटमारी में अपना भागिदार बना लेता था।

जी हाँ, हम बात कर रहे है दुर्दान्त हो चुके अपराधी करण डोम की। नाम के विपरीत काम को अंजाम देने वाला करण डोम आखिर चौक पुलिस के हत्थे पड़ ही गया। कल यानी शुक्रवार की रात लगभग 7:15 बजे के करीब दालमंडी चौकी इंचार्ज सौरभ पाण्डेय की लगभग एक महीने की मेहनत सफल हुई और चौक पुलिस टीम के साथ उन्होंने करण डोम को धर दबोचा। शातिर और पेशेवर अपराधी करण डोम ने भागने की लाख कोशिश किया मगर चौक पुलिस की घेरेबंदी को आखिर तोड़ नही सका और गिरफ्तार हो गया। चौक पुलिस को अपने यहाँ पंजीकृत अपराध संख्या 65/20 में उसकी तलाश थी। उसके बाकी साथी इस मामले में पहले ही गिरफ्तार हो चुके है।

गिरफ़्तारी और पंजीकृत अपराध में सम्बन्ध में प्राप्त समाचार के अनुसार 31 जुलाई 2020 को शाम एक व्यक्ति का गहना और नगद रुपया दालमंडी क्षेत्र की भरी बाज़ार इस करण डोम और उसके अपराधिक साथियों ने उड़ा दिया था। दालमंडी और उसके आसपास इलाको में इस प्रकार की घटना व्यापारियों में आक्रोश का कारण हो गई थी। मामला पुलिस के संज्ञान में जाते ही चौक थाना प्रभारी निरीक्षक आशुतोष तिवारी ने तत्काल मामले को दर्ज कर छानबीन हेतु दालमंडी चौकी इंचार्ज सौरभ पाण्डेय के हवाले किया। एक भूसे में सुई तलाशने जैसे काम में लगे सौरभ पाण्डेय ने हर आस पास के इलाको का सीसीटीवी फुटेज चेक किया और कई दिन रात की मेहनत के बाद इन आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत तलाशते हुवे घटना में शामिल गिरफ्तारिया भी किया।

इस दरमियान शातिर करण डोम फरार हो गया। पुलिस लगातार उसके एक एक गतिविधि पर नज़र रखने लगी। इस दरमियान कल शनिवार को चौक पुलिस को मिली सुचना पर एतबार करते हुवे दालमंडी चौकी इंचार्ज सौरभ पाण्डेय, काशीपुर चौकी इंचार्ज स्वतंत्र सिंह के साथ तेज़ और फुर्तीले का0 अली अतहर के साथ हे0का0 नंदलाल की टीम में घेरेबंदी कर डाला। करण जो नए शिकार की तलाश में था कि एक और घटना को अंजाम दिया जा सके, इस दरमियान भागने की कोशिश करता है। मगर पुलिस ने उसको दौड़ा कर गुदड़ी बाज़ार के पास से गिरफ्तार कर लिया।

तलाशी लेने पर करण के पास से एक अदद कट्टा नाजायज़, एक कारतूस और 11,600 रुपया बरामद हुआ। बरामद रुपया दर्ज मुक़दमे में हुई घटना में करण के हिस्से में बचा रुपया था। बाकी के पैसे करण अपनी दारुबाज़ी की आदत में शायद खर्च कर बैठा है। पूछताछ पर अभियुक्त द्वारा बताया गया कि बरामद पैसा करीब एक महिने पहले दालमण्डी में अपने साथियों के साथ एक व्यक्ति का जेब काटकर चोरी किये गये गहनो व पैसों में से मेरे हिस्से में आये पैसों में से बचे हुए पैसे हैं तथा प्राप्त तमन्चा व कारतूस की मदद से अँधेरे व सुनसान जगह पर किसी व्यक्ति की छिनैती करने के लिए अपने साथियों का इंतजार कर रहा था।

गिरफ्तार अभियुक्त करन डोम पुत्र दीपक डोम बनिया थाना चौक का रहने वाला है। उसके ऊपर थाना चेतगंज में 3, थाना शिवपुर में कुल 5 और थाना चौक में कुल 2 मुक़दमे दर्ज है। शिवपुर पुलिस ने उसके ऊपर गैंगेस्टर एक्ट की 2018 में कार्यवाही भी किया है। समाचार लिखे जाने के दौरान ही जानकारी उपलब्ध हुई कि करण के ऊपर वाराणसी जीआरपी कैंट में भी 7 अपराधिक मामले दर्ज है. जीआरपी ने इसके ऊपर 2015 में गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्यवाही भी किया था. इस प्रकार इस दुर्दान्त हो चले करण पर अभी तक मिली जानकारी के अनुसार कुल 17 मुक़दमे दर्ज है.

इस गिरफ़्तारी करने वाली टीम में चौक पुलिस के दालमंडी चौकी इंचार्ज सौरभ पाण्डेय, काशीपूरा चौकी इंचार्ज स्वतंत्र सिंह, हे0का0 नन्दलाल तथा का0 अली अतहर मौजूद रहे। इस गिरफ़्तारी के बाद दालमंडी और आसपास के कारोबारियों ने चोरी, पाकेटमारी से राहत महसूस किया है।

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