तमंचे के बल पर किया था बलात्कार, पीडिता के गर्भवती होने की जानकारी मिली तो सबूत मिटाने के लिए सहअभियुक्तों ने दिया तेज़ाब से जलाने की धमकी

कलीम अहमद/आदिल अहमद

उन्नाव/कानपुर। अभी उन्नाव में कुलदीप सेगर वाले प्रकरण पर वक्त की धुल भी नही पड़ पाई है कि एक और घटना अपना पाव पसारने की तैयारी कर रही है। ताज़ा मामले में एक रेप पीडिता के आरोपियों के मददगार सह अभियुक्तों ने पीडिता को तेज़ाब से जला देने की धमकी दिया है। रेप की घटना में किशोरी गर्भवती है। गर्भ की जानकारी मिलने के बाद आरोपियों के मददगारो ने सबूत मिटाने के लिए तेज़ाब से जला देने की धमकी दिया है।

पीड़ित किशोरी के पिता ने गुरुवार को एसपी से मिलकर आप बीती बताई और सह आरोपियों पर गंभीर आरोप लगाते हुवे उनकी गिरफ्तारी कराए जाने की मांग की है। उन्होंने मामले में विवेचक पर भी मिलीभगत का आरोप लगाया है। अचलगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक ने एसपी को शिकायती पत्र देकर बताया कि उसकी पत्नी की मौत हो चुकी है। वह अपनी 16 वर्षीय पुत्री के साथ रहकर मजदूरी करता है। छह माह पहले वह बेटी को घर में अकेला छोड़कर मजदूरी करने चला गया। बेटी को अकेला देख गांव का युवक दो अन्य साथियों की मदद से घर में घुस गया और तमंचे के बल पर बेटी से दुष्कर्म किया। बेटी के गर्भवती होने पर जब उसे सच का पता चला तो उसने 26 अगस्त 2020 को अचलगंज थाना में मुख्य आरोपी व उसके दो साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।

बेटी के नाबालिग होने के बाद भी पुलिस ने पॉक्सो की धारा नहीं लगाई है। पुलिस ने मुख्य आरोपी को तो जेल भेज दिया पर उसके साथियों पर हाथ तक नहीं डाला। अब सबूत मिटाने के लिए सहअभियुक्त बेटी को तेजाब से जिंदा जलाने की धमकी दे रहे हैं। पीड़ित किशोरी के पिता ने विवेचक पर आरोपियों से मिलीभगत का आरोप लगा शीघ्र सह आरोपियों की गिरफ्तारी व विवेचक को बदले जाने की मांग किया है। एसपी रोहन पी कनय ने जांच करा कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

वही पीडिता के पिता ने बताया कि नामजद सह आरोपियों द्वारा लगातार बेटी को तेजाब से जलाने की धमकी दी जा रही है। उसने थाना पुलिस से कई बार इसकी शिकायत की पर पुलिस ने उसकी एक नहीं सुनी। जिस पर 10 सितंबर को उसने जनसुनवाई पोर्टल पर भी शिकायत कर कार्रवाई की मांग की थी।

अब सवाल ये उठता है कि आखिर किस कारणों से विवेचक ने पाक्सो जैसी धारा नही लगाई है जबकि पीडिता नाबालिग बताई जा रही है। वही साथ ही सवाल है कि जब सहभियुक्त नामज़द है तो क्या उनके ऊपर कार्यवाही नही होगी। साथ ही बड़ा सवाल है कि इतने गंभीर आरोप के बाद भी पुलिस मामले में हीलाहवाली करके फिर किसी बड़ी घटना का इंतज़ार कर रही है क्या ?

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