कोरोना काल मे गर्भवती के स्वास्थ्य का रखें खास ख्याल, फर्स्ट रेफरल यूनिट की जानकारी अवश्य रखें,गर्भवती महिलाओं का कोविड टेस्ट अवश्य कराएं

आदिल अहमद

कासगंज. गर्भावस्था में महिलाओं  की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती हैं। गर्भावस्था मे  महिलाओ को अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है। कोरोना महामारी के संक्रमण में गर्भवती महिलाओ को अपना खास ख्याल रखने की ज़रूरत है। क्यूंकि गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिलाओं में आम दिनों के चलते रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। अशोकनगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की डॉ. मारुती ने बताया.

उन्होंने कहा कि कोविड-19 के संक्रमण से बचने के लिए घर पर रहकर अपने स्वास्थ्य का खास ख्याल रखें। खाने पीने का विशेष ध्यान दें व्यायाम करें और डॉक्टर से  सम्पर्क करती रहे तथा समय-समय पर अपनी जांच कराती रहे। गर्भवती को कोरोना महामारी से डरने की नहीं लड़ने की ज़रूरत है। कोरोना को लेकर मानसिक दवाब न  ले। अपने  स्वास्थ्य के प्रति सजग रहे बाहर से आने वाले व्यक्ति के सम्पर्क मे  न आएं और बात करें भी तो मास्क लगा कर ही बात करें।

डॉ. मारुती ने बताया की जिस गर्भवती ने अभी जाँच नहीं कराई है बह जाँच कराकर दवा ले।  गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिलाओं को अपनी सेहत के प्रति सजग रहना चाहिए। गर्भवस्था के दौरान जन्म योजना बहुत महत्वपूर्ण है जिसे आशा के साथ परिवार के सदस्य सहित मिलकर जन्म योजना को तैयार रखें। ऐसे में गर्भवती महिलाओं को फर्स्ट रेफरल यूनिट की  जानकारी भी अवश्य रखनी चाहिए । सीएचसी पर डॉक्टर या आशा से सम्पर्क करें।  खुद को फिट रखने  के लिए व्यायाम करें। खान- पान पर विशेष ध्यान दें। हरी सव्जी फल दूध का सेवन करें ज़्यादा से ज़्यादा पानी पिए।

डॉ. ऋचा प्रतिहार ने बताया कि गर्भवती महिलाओ को विटामिन व आयरन की गोलिया रोज़ाना लेनी चाहिए नींद भी भरपूर मात्रा मे लेनी चाहिए। बताया कि गर्भवती को अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखने के साथ- साथ जाँच भी ज़रूर करानी चाहिए गर्भवती महिला को गर्भ के तीसरे और चौथे माह मे अपना स्वास्थ्य की जाँच कराए और आठवें नवें माह  में अस्पताल जाकर अपनी जाँच कराएं साथ ही कोविड टेस्ट कराना भी है।

उन्होने कहा कि कोविड-19 के संक्रमण से बचने के लिए गर्भवती महिलाओं को कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए. खांसी के दौरान अपने मुंह को ढक कर रखें. टिश्यू ना होने पर खांसी के समय अपने हाथ की बाजू से मुंह ढकें. बीमार लोगों से बिल्कुल भी न मिलें. भीड़ वाली जगहों पर ना जाएं.समय-समय पर हाथ धोते रहें और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करते रहें. सावधानी रखें लेकिन घबराएं नहीं क्योंकि स्ट्रेस आपके बच्चे के लिए घातक हो सकता है डॉक्टर या आशा के सम्पर्क में  बनी रहे।

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