हाथरस कांड – सीबीआई ने माना पीडिता का हुआ था गैंग रेप, पेश किया अदालत में चार्जशीट

आफताब फारुकी

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के हाथरस काण्ड में सीबीआई ने आज चार्जशीट अदालत में दाखिल किया। इस चार्जशीट के दाखिल होने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस की अच्छी खासी किरकिरी हुई है। गौरतलब हो कि हाथरस काण्ड में पुलिस ने दावा किया था कि रेप नही हुआ है। इसके लिए एडीजी ने भी अपने बयान दिए थे। मगर अब सीबीआई ने इस बात को मानते हुवे चार्जशीट दाखिल किया है कि पीडिता के साथ गैंग रेप हुआ था।

सीबीआई ने आज अदालत में धारा 302 (हत्या), एससी-एसटी एक्ट, धारा 376 (रेप), धारा 376 डी (गैंगरेप) और धारा 376 ए (रेप के कारण मौत या स्थिति विकृतशील होना) के आरोप के साथ सभी चार अभियुक्तों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया है। मामले में जांच कर रही सीबीआई ने आज शुक्रवार को हाथरस में एक अदालत के सामने चार्जशीट दाखिल किया। आरोपियों के वकील मुन्ना सिंह पुंढीर ने कहा कि सीबीआई ने चारों आरोपियों संदीप, लवकुश, रवि और रामू पर रेप और हत्या का आरोप लगाया गया है। वकील ने कहा कि सीबीआई ने आरोपियों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत भी आरोप लगाए हैं।

बताते चले कि 14 सितंबर को हाथरस के एक गांव में कथित रूप से गैंगरेप और प्रताड़ना की शिकार हुई 20 साल की पीड़िता की दिल्ली के एक अस्पताल में मौत हो गई थी। 30 सितंबर को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में देर रात उसका अंतिम संस्कार हाथरस में कर दिया गया। कहा जा रहा था कि पुलिस ने बिना परिवार की इजाजत लिए मृतका का अंतिम संस्कार कर दिया था। इसे लेकर पुलिस को काफी आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ा। हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि “परिवार की इच्छा के अनुसार” अंतिम संस्कार किया गया था।

मामला अक्टूबर में सुप्रीम कोर्ट तक पंहुचा और अदालत ने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसी यानी सीबीआई द्वारा की जा रही जांच की निगरानी इलाहाबाद हाईकोर्ट करेगा। इस दरमियान हाथरस  केस के मुख्य आरोपी संदीप ठाकुर ने उत्तर प्रदेश पुलिस को एक चिट्ठी लिखकर दावा किया था कि उसे और बाकी तीन आरोपियों को इस केस में फंसाया जा रहा है। उसने उल्टा पीड़िता की मां और भाई पर ही उसे प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। उसने चिट्ठी में सभी ‘आरोपियों के लिए न्याय’ की मांग की थी।

बता दें कि हाथरस केस में पीड़िता के भाई ने ही FIR दर्ज कराई थी। CBI ने 11 अक्टूबर को हाथरस केस की जांच शुरू की थी। अब तक पीड़ित व आरोपियों के परिजन समेत 50 से अधिक लोगों से पूछताछ हो चुकी है। घटनास्थल पर सबसे पहले पहुंचने का दावा करने वाले चश्मदीद छोटू से कई बार पूछताछ की गई। सीन री-क्रिएशन के साथ घटनास्थल का भी नक्शा बनाया गया। कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख 27 जनवरी तय की है। कोर्ट ने उस दिन जिलाधिकारी प्रवीण कुमार और पुलिस अधीक्षक रहे विक्रांत वीर को तलब किया है। तब पीड़ित परिवार भी कोर्ट में होगा।

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