दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के आवास पर हुई तोड़ फोड़, “आप” ने लगाया भाजपा पर तोड़फोड़ का आरोप

आफताब फारुकी

नई दिल्ली: दिल्ली के उपमुख्यमंत्री के आवास पर हुई तोड़फोड़ के बाद अब दिल्ली के मुख्यमंत्री के आवास पर तोड़ फोड़ की जानकारी प्रकाश में आ रही है। इस दरमियाँन वहा लगे सीसीटीवी कैमरों को तोड़ दिया गया। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर के बाहर तोड़फोड़ पर मुख्यमंत्री के कार्यालय ने रविवार को बीजेपी नेताओं पर तोड़फोड़ को अंजाम देने का आरोप लगाया है। मुख्यमंत्री कार्यालय का कहना है कि धरने पर बैठे भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री के घर पर लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़े हैं।

वहीं उत्तरी दिल्ली नगर निगम के मेयर जय प्रकाश ने कहा कि हम 7 दिनों से मुख्यमंत्री के घर के बाहर है पर मुख्यमंत्री मिलना तो दूर बात भी नही करना चाहते। उन्होंने आरोप लगाया कि रविवार को महिला पार्षद सोई हुईं थीं, वहां सीएम दफ्तर के लोगो ने महिला प्राइवेसी का ध्यान रखे बिना कैमरे लगाने शुरू कर दिए। इसका महिला पार्षदों ने विरोध किया। जय प्रकाश ने कहा, ऐसे अराजकता मत फैलाई जाए, हमने कोई कैमरा नही तोड़ा, बस महिला पार्षदों के ऊपर जो सीसीटीवी लग रहा था उसे लगने नही दिया।

आम आदमी पार्टी के नेताओं ने भी आरोप लगाया कि BJP के नेता और कार्यकर्ताओं ने सीएम केजरीवाल के घर पर प्रापर्टी को नुकसान, सीसीटीवी कैमरे तोड़ डाले। बीजेपी के कार्यकर्ता नगर निगम के बकाये के भुगतान को लेकर उनके घर के बाहर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। इससे पहले बीजेपी नेताओं पर उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के घर पर हमले का आरोप लग चुका है। यह भी कहा गया कि पुलिस इस दौरान खामोश खड़ी रही।

इससे पहले रविवार सुबह “आप” विधायक और दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा, विधायक आतिशी समेत नौ लोगों को हिरासत में ले लिया गया। उन्हें गृह मंत्री अमित शाह के घर पर आप के प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिया गया। आम आदमी पार्टी के विधायक राघव चड्ढा ने गृह मंत्री अमित शाह के आवास के बाहर प्रदर्शन करने की इजाजत मांगी थी, जिसे दिल्ली पुलिस ने खारिज कर दिया।

भाजपा का दावा है कि दिल्ली सरकार उत्तरी, दक्षिणी और पूर्वी नगर निगमों का बकाया 13 हजार करोड़ रुपये नहीं दे रही है। वहीं आप का आरोप है कि भाजपाशासित नगर निगमों ने 2500 करोड़ रुपये का घोटाला किया है। आप ने सवाल उठाया है कि भाजपा को प्रदर्शन की अनुमति दी गई है, लेकिन उनकी पार्टी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के घर विरोध करने की इजाजत नहीं मिली।

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