हरियाणा के तीन किसान संगठनो ने कृषि मंत्री नरेन्द्र तोमर से मुलाकात कर संशोधन के साथ कृषि बिल को स्वीकारा

आफताब फारुकी

नई दिल्ली: हरियाणा के किसानों के एक वर्ग ने पंजाब के किसानों से खुद को अलग कर लिया है। वे कृषि कानूनों संशोधनों के साथ स्वीकार करने के लिए तैयार हो गए हैं। कल किसानों के आह्वान पर भारत बंद और बुधवार को किसान नेताओं के साथ सरकार की बैठक से पहले तीन किसान सगठनों के प्रतिनिधि, जिन्होंने हरियाणा के 1,20,000 किसानों का प्रतिनिधित्व करने का दावा किया है, आज शाम को कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर से मिले।

तीन संगठनों द्वारा हस्ताक्षरित एक पत्र में कहा गया है : “इन बिलों को किसान संगठनों के सुझावों के अनुसार जारी रखा जाना चाहिए। जैसा कि किसान संगठनों ने सुझाव दिया है, हम MSP और मंडी प्रणाली के पक्ष में हैं। लेकिन हम आपसे अनुरोध करते हैं कि इन कानूनों को सुझाए गए संशोधनों के साथ जारी रखा जाना चाहिए।”

किसान संगठनों के नेताओं ने शनिवार को सरकार के साथ हुई पिछली बैठक में तीनों कृषि कानूनों में संशोधन की पेशकश को ठुकरा दिया था। उन्होंने कहा था कि तीनों कानूनों को निरस्त करने के अलावा कुछ भी स्वीकार नहीं करेंगे।

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