किसान आन्दोलन – हाड कपा देने वाली ठण्ड में जमे है आन्दोलनकारी किसान, सरकार से हुई छठवे दौर की वार्ता, बोले कृषि मंत्री नरेन्द्र तोमर – 2 मुद्दों पर बनी आपसी सहमती

आफताब फारुकी

नई दिल्ली. दिल्ली की सीमाओं पर बैठे किसानों का आंदोलन आज 35वें दिन में प्रवेश कर चुका है। शीतलहर और घटता तापमान भी उनका हौसला नहीं तोड़ सका है। आज सबकी निगाहें किसान नेताओं और सरकार के बीच होने वाली छठे दौर की बैठक पर टिकी हैं। बैठक की सफलता और असफलता पर ही इस आंदोलन का भविष्य टिका है। वहीं दूसरी तरफ दिल्ली की जिन सीमाओं पर किसान प्रदर्शन कर रहे हैं वहां उनके समर्थकों का जमावड़ा बढ़ता ही जा रहा है। अब इस आंदोलन की लहर बिहार भी पहुंच चुकी है जहां से किसी तरह के प्रदर्शन की बात अब तक सामने नहीं आ रही थी।

आंदोलन के 35वें दिन हुई महापंचायत में भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि आंदोलन का निष्कर्ष निकलना चाहिए नहीं तो किसान बिरादरी बर्बाद हो जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी किसान संगठन हल नहीं निकलने तक आंदोलन पर डटे रहें। वार्ता में राजनाथ सिंह, लालकृष्ण आडवाणी जैसे बुजुर्ग नेताओं को शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार दो कदम पीछे हटे तो किसान ढाई कदम पीछे हटने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि हम प्रधानमंत्री का सर नीचे नहीं करना चाहते बशर्ते की वह भी किसान का सम्मान बनाए रखें और किसानों की सभी मांगों को मानें।

आज पंजाबी गायक जैजी बी ने देर शाम सिंघु बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि मैं रोज प्रदर्शन के वीडियो देखता था। किसान जो सभी का पेट भरते हैं, उनके लिए हम यहां आए हैं। मेरी सरकार से विनती है कि तीनों कृषि कानून वापिस लिए जाएं। इस दरमियान दिल्ली यूपी को जोड़ने वाले गाजीपुर बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे एक किसान की बेटी ने प्रदर्शन स्थल पर ही अपना जन्मदिन मनाया।

आज आप विधायक राघव चड्ढा भी सिंघु बॉर्डर पहुंचे हैं। उन्होंने वहां पहुंच पत्रकारों से कहा, सिंघु बॉर्डर पर प्रदर्शनकारी किसानों के लिए हमने लंगर से लेकर कंबल की सेवा मुहैया कराई है। आज हम यहां फ्री वाई-फाई स्थापित हुआ है कि नहीं ये देखने आए हैं क्योंकि यहां के किसानों ने सिगनल की कमी की शिकायत की थी।

क्या हुआ किसानो के साथ सरकार की बैठक में

केंद्र सरकार द्वारा पारित 3 कृषि कानूनों को रद्द किए जाने की मांग लेकर पिछले 35 दिनों से दिल्ली की सीमाओं पर धरने पर बैठे किसानों के साथ केंद्र सरकार सरकार ने बुधवार को छठे दौर की वार्ता की। वार्ता संपन्न होने के बाद कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने जानकारी देते हुए बाताया कि दोनों पक्षों के बीच दो मुद्दों पर सहमति बन गई है। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों में प्रस्तावित बिजली कानून, पराली जलाने से संबंधित मुद्दों पर सहमति बनी।

उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों में प्रस्तावित बिजली कानून, पराली जलाने से संबंधित मुद्दों पर सहमति बनी। वहीं किसान नेता कलवंत सिंह संधू ने बताया कि सरकार और किसान यूनियनों के बीच अगले दौर की बैठक चार जनवरी को होगी। उन्होंने कहा कि आज की बैठक मुख्य रूप से बिजली और पराली जलाने के मुद्दे पर केंद्रित रही। अगली बैठक में एमएसपी गारंटी और तीन कृषि कानूनों पर बात होगी। इससे पहले कि सरकार ने किसानों के साथ बैठक में कहा कि तीनों कृषि कानूनों से जुड़ी मांगों और मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक समिति बनाई जा सकती है। सरकार ने बैठक में कानूनों से जुड़ी जानकारी विस्तार से दी और कहा कि कानून बनाने और वापस लेने की एक लंबी प्रक्रिया है।

किसान नेता कलवंत सिंह संधू ने बताया कि सरकार और किसान यूनियनों के बीच अगले दौर की बैठक चार जनवरी को होगी। उन्होंने कहा कि आज की बैठक मुख्य रूप से बिजली और पराली जलाने के मुद्दे पर केंद्रित रही। अगली बैठक में एमएसपी गारंटी और तीन कृषि कानूनों पर बात होगी।

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