बोले किसान, सरकार किसानो को बाटने की कोशिश कर रही है, ये पुरे देश के किसानो का आन्दोलन है, कृषि कानून रद्द करे अन्यथा हम दिल्ली जाम कर देंगे

आफताब फारुकी

नई दिल्ली: कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे किसानों ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी है कि सरकार विशेष सत्र बुलाकर इन कानूनों को रद्द कर दे अन्यथा किसान दिल्ली ब्लॉक कर देंगे। किसानों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि यदि तीनों किसान कानूनों को रद्द नहीं किया गया तो वे दिल्‍ली के रास्‍ते ब्‍लॉक कर देंगे। उन्होंने यह भी कहा है कि सरकार पंजाब के किसानों के अलावा पूरे देश के किसान नेताओं को बातचीत के लिए बुलाए।

प्रोफेसर दर्शनपाल ने कहा कि हमने आपस में मीटिंग ख़त्म की है। केंद्र सरकार ने पहले सिर्फ़ पंजाब को बुलाया था, हमने चार नुमाइंदों की समिति का प्रपोज़ल ठुकराया ताकि और किसानों को भी बुलाया जाए। योगेंद्र यादव के नाम पर केंद्र सरकार को ऐतराज था। सरकार ने दिखाने की कोशिश की कि ये सिर्फ़ पंजाब के किसानों का आंदोलन है। सरकार ने हमें बांटने की कोशिश की। सरकार ने हमें टरकाने की कोशिश की।

उन्होंने कहा कि हमने मिलकर निर्णय लिया है कि कल फिर इन्हें लिखकर देंगे। हम चाहते हैं कि तीनों कानूनों को रद्द करें। हम चाहते हैं कि सरकार विशेष सत्र बुलाकर इन कानूनों को रद्द कर दे। हम कल  फिर से लिखकर देंगे कि हम क्यों चाहते हैं कि ये कानून रद्द हों। नहीं तो आंदोलन होगा। पूरी दिल्ली ब्लाक कर देंगे।

बताते चले कि किसानो और सरकार के बीच मंगलवार को हुई बैठक बेनतीजा रही है। मंगलवार की बैठक में किसानों से चर्चा के दौरान सरकार ने कृषि कानूनों पर चर्चा के लिए समिति बनाने का सुझाव रखा, लेकिन किसानों ने इस प्रस्‍ताव को ठुकरा दिया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसान संगठनों से कहा कि 4 से 5 नाम अपने संगठन से दें। एक समिति बना देते है जिसमें सरकार के लोग भी होंगे, कृषि एक्सपर्ट भी होंगे, नए कृषि कानून पर चर्चा करेंगे। किसानों ने सरकार के इस प्रस्‍ताव को ठुकरा दिया। इससे पहले सरकार की ओर से एमएसपी और एपीएमसी एक्ट पर किसान प्रतिनिधियों के सामने प्रजेंटेशन दिया गया था।

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