सर छुपाने को थी एक मड़ई, लगी अचानक आग, बाप करता रहा मदद की गुहार, तीन मासूम बच्चे हुवे जलकर ख़ाक

शहनवाज़ अहमद

गाजीपुर. जिले में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है जब एक बाप अपने मासूम बच्चो की जान बचाने के लिए चिल्लाता रह गया और उसके बच्चे जलकर भस्म हो गए. घटना की जानकारी से पुरे जनपद में ही हडकंप की स्थिति पैदा हो गई. घटना के सम्बन्ध में मिली जानकारी के अनुसार जिले के गांव में ईंट भट्ठे पर काम करने वाला एक मजदूर की मड़ई (झोपड़ी) में बुधवार की रात आग लग गई, जिसमें तीन बच्चों की जलकर मौत हो गई। वहीं, मां जीवन-मौत से जूझ रही है। उनका इलाज वाराणसी में चल रहा है। पुलिस ने मृत बच्चों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

जानकारी के अनुसार, जमानिया कोतवाली क्षेत्र के लहूआर गांव स्थित ईंट भट्ठे पर बबलू बनवासी मजदूरी का काम करता है। वह बुधवार की रात में परिजनों के साथ खाना खाकर झोपड़ी (मड़ई) में सो रहा था। आधी रात के बाद करीब दो बजे अचानक झोपड़ी में आग लग गई। जब तक आस-पास के लोग मौके पर पहुंचते तब तक पूजा (13)‚ चन्द्रका (7) की मौके पर झुलसकर मौत हो गई थी। जबकि गंभीर रूप से झुलसे पुत्र डमरू(3) और पत्नी भागरथी देवी(32) को वाराणसी ले जाया गया। वहां इलाज के दौरान तीन वर्षीय डमरू की मौत हो गई।

उधर पत्नी भागरथी देवी (32) का इलाज चल रहा है। आग लगने की सूचना पर सीओ हितेन्द्र कृष्ण‚ तहसीलदार आलोक कुमार‚ नायब तहसीलदार राकेश कन्नौजिया सहित हल्का लेखपाल ने मौका मुआयना किया। तहसीलदार आलोक कुमार ने बताया कि घटना से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद पीड़ितों को सरकार कि ओर से हर संभव मदद दिलाने का प्रयास किया जाएगा। कोतवाल राजीव कुमार सिंह ने बताया कि चंदौली जिले के दिग्गी गांव से बबलू बनवासी अपने परिवार के साथ लहूआर गांव के ईंट भट्ठे पर करीब तीन माह पूर्व काम करने आया था।

आग लगने का कारण स्पष्ट नही हो पाया है। आग लगने से तीन बच्चों कि मौत हो गई है। घटना में पत्नी भागरथी देवी भी झुलस गई है। जिसका इलाज वाराणसी में चल रहा है। फिलहाल जांच चल रही है।

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