सोशल मीडिया के इश्क ने किया जब माशूक का सामना तो हुआ कुछ ऐसा कि जानकार आप भी हो जायेगे अचम्भित

ए जावेद

वाराणसी। सोशल मीडिया पर बनारस के युवक को एक युवती की प्रोफाइल पिक बहुत पसंद आती है। पहले सोशल मीडिया का सोशल इश्क परवान चैट के माध्यम से चढ़ता है। फिर बात थोडा बढती है और इश्क को और जवानी मिलती है। चैट अब न होकर फोन कर घंटो बाते होने लगती है। प्रोफाइल पिक्चर से हुआ प्यार खूब जोरो शोर से परवान चढ़ रहा था।

इस दरमियान इश्क और हुस्न दोनों ही एक नज़र एक दुसरे के दीदार को तरसने लगे। आशिक ने तो गाने भी गाना शुरू कर दिया। “जी चाहता है तोहफे में भेजू तुझे आँखे, दर्शन का तो दर्शन हो” के तर्ज पर तड़प मिलने की दोनों तरफ बढ़ने लगी। झारखण्ड का इश्क और आशिक बनारस का। बनारसी आशिक भी थोडा दिमागदार था। उसने खुद किराया भाड़ा लगा कर झारखण्ड जाना न सही समझा बल्कि अपनी फेस्बुकिया मुहब्बत को ही बनारस बुलवाना सही समझा।

फिर क्या था, फेसबुक के इश्क ने अपने आशिक से मिलने का सपना सजाया और ट्रेन पकड़ लिया तथा बनारस रवाना हो गई। इधर आशिक ने फेसबुक के प्यार को देखने और मिलने के कई सपने सजाये। अचानक सपने शीशे के तरह चूर हो गए और जब फेसबुक के इश्क और हुस्न ने एक दुसरे का दीदार किया तो लड़का चिहुक उठा। लड़के को तो प्रोफाइल पिक से मुहब्बत हुई थी। मगर वास्तविकता उसके एकदम उलट थी।

अब इश्क को आशिक पहचानने से ही इनकार कर दिया। उसको तो इश्क उस प्रोफाइल पिक से था जो एक मॉडल सरीखी थी। मगर सामने जो खडी थी वह उसके उलट थी। फिर क्या था। इश्क काफूर हो गया और आशिक रफूचक्कर हो गया। आशिक ने अपने इश्क की सूरत देख पहचानने से इंकार कर दिया।

इसके बाद परेशान युवती की रात बनारस के कैंट रेलवे स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में कटी। 20 वर्षीय युवती को स्टेशन स्थित मुख्य आरक्षण केंद्र के बाहर बदहवाश हाल में देख एक टीटीई ने युवती को जीआरपी के संरक्षण में सुपुर्द किया। हालांकि युवती का कहना रहा कि उसके साथ धोखे से कोई नशीला पदार्थ सूंघा कर गलत कृत्य किया गया। जीआरपी ने युवती के परिजनों से बातचीत की तो मामला स्पष्ट हुआ।

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