अहरौरा (मिर्ज़ापुर) – मृतक में एक की पहचान हुई रवि पाण्डेय के रूप में, दूसरा क्या है शुभम केशरी, क्या शिकारी खुद यहाँ शिकार हो गया ?

तारिक़ आज़मी

वाराणसी। मिर्ज़ापुर जनपद के अहरौरा थाना क्षेत्र में कल दो युवको की लाश मिली थी। लाश अधजली स्थिति में बताई जा रही है। आज सुबह होने पर एक लाश की शिनाख्त रवि पाण्डेय के रूप में हुई है। रवि पाण्डेय भेलूपुर थाना क्षेत्र का रहने वाला युवक बताया जा रहा है। भेलूपुर थाने में रवि पाण्डेय की लगभग एक माह पूर्व गुमशुदगी दर्ज हुई थी। इसी दरमियान कोतवाली थाना क्षेत्र के कुख्यात अपराधी शुभम केशरी के परिजन भी उसकी गुमशुदगी की शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुचे थे। पुलिस का मानना था कि रवि पाण्डेय खुद शुभम केशरी के साथ कही गया है।

इस दरमियान कल शुक्रवार को अधजली स्थिति में दो लाशें मिली है। इन दोनों लाशो में एक की शिनाख्त रवि पाण्डेय के रूप में हुई है। जबकि दुसरे मृतक के शुभम केशरी के रूप में होने की संभावना व्यक्त किया जा रहा है। घटना के सम्बन्ध में मिली जानकारी के अनुसार स्थानीय थाना क्षेत्र के वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग पर स्थित अहरौरा थाना क्षेत्र के छातो गांव के पास शुक्रवार की दोपहर सड़क किनारे गड्ढे में झाड़ियों के बीच एक दो युवकों के अधजले शव मिले थे। दोनों शवो के मिलने से इलाके में एक सनसनी फ़ैल गई थी।

शव की सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को झाड़ियो से निकलवाया और अपने कब्ज़े में लेकर शिनाख्त की कोशिश जारी कर दिया। मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने शवों की शिनाख्त के लिए टीमों को भी लगाया था। आशंका जताई जा रही है कि किसी ने हत्या कर शवों को पहाड़ी पर फेंका होगा और शिनाख्त न हो इसके लिए दोनों के चेहरे को जला दिया गया होगा। शवो को देख कर लगता था कि चेहरे पर तेज़ाब डाल कर जलाने की कोशिश प्रतीत हो रही थी।

पहली सूचना एक राहगीर द्वारा शुक्रवार की दोपहर एक बजे के करीब पुलिस दिया गया था कि एक युवक और एक युवती का शव चादर में लिपटा हुआ सड़क के किनारे फेंका गया है। सूचना पर थानाध्यक्ष राजेश चौबे पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। सीओ नक्सल प्रभात भी मौके पर पहुंचे। शवों को रस्सी के सहारे झाड़ी से बाहर खींचकर निकाला गया। शवों के बाहर निकालने के बाद दोनों शव युवको का पाया गया।

शव की जानकरी मिलने पर एसपी, एएसपी महेश सिंह अत्री, प्रशिक्षु सीओ गौरव कुमार फोरेंसिक व डॉग स्क्वॉड की टीम के साथ मौके पर पहुंच कर छानबीन की। पुलिस ने शवों के पास से चादर, मेज, तोसक और कपड़ा बरामद किया था। मृतक युवक जींस व जूता मोजा पहने हुवे थे। शेष कपड़ा व अंग जले हुए हालत में मिले हैं। एक मृतक युवक छींटदार गुलाबी चादर में लिपटा हुआ था। जींस और जूता मोजा पहना हुआ था। आशंका यही जताई जा रही है कि किसी ने दोनों की हत्या कर उनके शव को जला दिया। आस-पास के जिलों में लापता लोगों की जांच की जा रही थी।

इसी दरमियान अहरौरा में शव मिलने की जानकरी वाराणसी तक पहुच गई। वाराणसी में मिली जानकारी के अनुसार आज सुबह रवि पाण्डेय के परिजनों ने एक शव की शिनाख्त लापता रवि पाण्डेय के रूप में किया। जबकि आशा किया जा रहा है कि दूसरा युवक शुभम केशरी है। इस सम्बन्ध में वाराणसी कोतवाली थाना प्रभारी प्रमोद कुमार पाण्डेय ने हमसे फोन पर बातचीत में बताया कि हम अहरौरा के लिए निकल चुके है। प्राप्त हुलिया के अनुसार दूसरा शव शुभम केशरी का होने की संभावना प्रतीत हो रही है।

कौन है शुभम केशरी

शुभम केशरी कोतवाली थाना क्षेत्र का एक अपराधी प्रवित्ति का युवक है। शुभम केशरी के ऊपर विभिन्न धाराओं में कई अपराधिक मामले पंजीकृत है। शुभम केशरी की गुमशुदगी पिछले पखवारे कोतवाली में दर्ज हुई थी। मिल रही जानकारी के अनुसार शुभम केशरी के गुमशुदगी दर्ज करवाने के लिए उसके परिजनों को जिले के कप्तान की चौखट पर जाना पड़ा था तब जाकर कोतवाली पुलिस ने उसकी गुमशुदगी दर्ज किया था। अब जब शुभम केशरी की लाश मिलने की संभावना प्रतीत हुई है तो मामले में वाराणसी कोतवाली ने तेज़ी दिखानी शुरू कर दिया है। मिल रहे समाचारों के अनुसार कोतवाली इस्पेक्टर खुद अपनी टीम के साथ अहरौरा को रवाना हो चुके है।

क्या शिकारी खुद शिकार हो गया

शुभम केशरी खुद अपराधी प्रवित्ति का व्यक्ति था। शुभम की पहचान अपराध जगत में बहुत जल्द बन गई थी और आया राम गया राम की दुनिया में शुभम एक दबंग के नाम से जल्द ही मशहूर हो चूका था। अपराध जगत में शुभम केशरी किसी से नही डरने वाले के रूप में पहचाना जाता था। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शुभम केशरी का सम्बन्ध रवि पाण्डेय के साथ हो गया था। वही सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जेल में उसकी दोस्ती बिहार के कुछ अपराधियों के साथ हो गई थी। वही अहरौरा बिहार के अपराधियों की चारागाह पहले से ही रहा है। सन्नाटे इलाके के कारण बिहार से सम्बंधित अपराधी इस क्षेत्र को अपने अपराध को छुपाने के लिए काफी समय से प्रयोग किया जाता रहा है।

वही पुलिस इस घटना को शिकारी के शिकार की तरह से देख रही है। पुलिस को आशा है कि साथी अपराधियों ने ही शायद पैसे के बटवारे में हुवे विवाद में दोनों की हत्या कर दिया हो और शव को वहा लाकर फेक दिया हो। शव की शिनाख्त मिटाने के लिए चेहरे को तेज़ाब से जला दिया गया।

इसके पहले भी हो चुकी है कई घटनाये

अहरौरा पहले भी कई ऐसी घटनाओं का गवाह रह चूका है। आराम करती अहरौरा पुलिस को मामले की जानकरी भी काफी घंटो के बाद होती है। नजीर अगर देखे तो 2014 में हुई डबल मर्डर केस की घटना को नजीर के तौर पर देख सकते है। अगस्त महीने में मिर्जापुर जनपद के अहरौरा के खप्पर बाबा आश्रम के पास राजेश चौधरी हत्याकांड भी ऐसे ही हुआ था।

मुम्बई में एनकाउंटर में मारे गए मुन्ना बजरंगी के कुख्यात शूटर कृपा चौधरी का दामाद राजेश चौधरी यहाँ मारा गया था। तत्कालीन 50 हज़ार का इनामी अपराधी राजेश चौधरी इसी जगह मारा गया था। इसके साथ इसके साथी कल्लू पाण्डेय और एक अन्य युवक मारा गया था। हार्ट की बाईपास सर्जरी के बाद राजेश ने अपराध की दुनिया से मुह मोड़ लिया था। मगर सूत्रों की माने तो राजेश भले अपराध से मुह मोड़ चूका था मगर अपराधियों से उसकी साठगाँठ बढ़िया थी। अपराध में उसको अपना हिस्सा चाहिए होता था।

इसी अपराध में अपने हिस्से को लेकर राजेश चौधरी और उसके साथियों की हत्या होने की बात सामने आई थी। उसके साथ मारा गया कल्लू पांडेय दौलतपुर के एक प्रतिष्ठित परिवार का लड़का था। खुद इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके कल्लू का भी आपराधिक इतिहास रहा था। इस घटना के बाद भी कई घंटो तक अहरौरा पुलिस को घटना की जानकारी नही मिली थी।

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