ग्रेटा थनबर्ग टूल किट केस – जलवायु कार्यकर्ती 22 वर्षीया दिशा रवि गिरफ्तार, 5 दिन की पुलिस रिमांड पर दिशा, सोशल मीडिया पर गिरफ़्तारी के खिलाफ भड़का आक्रोश

आदिल अहमद

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने शनिवार देर रात को दिशा को नॉर्थ बेंगलुरु से गिरफ्तार कर लिया। दिशा पर आरोप है कि उन्होंने किसान आंदोलन से जुड़े टूलकिट को एडिट किया था और आगे बढ़ाया था। पुलिस ने 4 फरवरी को टूलकिट मामले में केस दर्ज किया था। पुलिस का कहना है कि इस टूलकिट में 26 जनवरी को हुई हिंसा को लेकर साजिश की रूपरेखा थी। आज दिल्ली पुलिस ने क्लाईमेट एक्टिविस्ट दिशा रवि को दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में पेश, जहां पर पुलिस को दिशा की पांच दिनों की रिमांड मिली है।

इस दरमियान 22 वर्षीय जलवायु कार्यकर्ता दिशा रवि की गिरफ्तारी से रविवार को सोशल मीडिया पर काफी आक्रोश देखने को मिला। ट्वीटर पर दिशा रवि की गिरफ्तारी को लेकर राजनेताओं, शिक्षकों, कार्यकर्ताओं, लेखकों और कवियों ने भी कड़ी आलोचना की। कांग्रेस पार्टी के पूर्व मंत्री जयराम रमेश ने ट्वीट करते हुए लिखा, “पूरी तरह से अत्याचार है! ये अनुचित उत्पीड़न और धमकी है। मैं दिशा रवि के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त करता हूं।”

इसके अलावा कांग्रेस के अन्य नेताओं और विपक्षी दलों के लोगों ने भी दिशा रवि की गिरफ्तारी को गलत बताया और इसकी खूब निंदा की। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने कहा, “सवाल ये है कि वो कब गिरफ्तार होंगे जो भारत की राष्ट्रीय एवं सामाजिक एकता को खंडित करने के लिए सुबह-शाम जनता के बीच घृणा व विभाजन को जन्म देने के लिए शाब्दिक ‘टूलकिट’ जारी करते रहते हैं। भाजपा सरकार बताए कि शिकायत करने पर भी वो इन ‘टूलकिटजीवियों’ पर कार्रवाई क्यों नहीं करती?”

पुलिस ने एक प्रेस नोट जारी करके बताया है कि ‘टूलकिट मामले में दर्ज अपराध संख्या 49/21 के तहत आपराधिक साजिश रचने के आरोप में 22 साल की दिशा रवि को गिरफ्तार किया गया है। वो टूलकिट गूगल डॉक को एडिट करने वालों और इसे फैलाने की साजिश में शामिल थीं। आरोपी दिशा रवि को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें पांच दिन की कस्टडी में भेजा गया है। आगे की जांच चल रही है।’

पुलिस ने आरोप लगाया है कि टूलकिट मामला खालिस्तानी ग्रुप को दुबारा खड़ा करने करने और भारत सरकार के खिलाफ एक बड़ी साजिश है। दिशा रवि पर आरोप लगाया है कि उन्होंने टूलकिट को एडिट किया है। पुलिस का कहना है कि इस साजिश में हजारों और लोग शामिल हैं। ये खालिस्तानी आतंकी गुरूपतवंत सिंह पन्नू से प्रभावित हैं। पुलिस ने आरोप लगाया है कि दिशा ने 3 फरवरी को टूलकिट एडिट किया है। उनका मोबाइल बरामद किया गया है लेकिन डेटा डिलीट कर दिया गया है।

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