वाराणसी के मशहूर आभूषण कारोबारी ज्वाला सेठ के कर्मचारियों से हुई लूट का हुआ खुलासा, ड्राईवर निकला लूट का मास्टर माइंड, लूट का पौने दो करोड़ के करीब बरामद

तारिक खान

प्रयागराज। वाराणसी के मशहूर आभूषण कारोबारी ज्वाला सेठ के कर्मचारियों के साथ हुई लूट का सफल खुलासा आज हो गया है। लूट की घटना को अंजाम देने में मास्टर माइंड कोई और नहीं बल्कि खुद आभूषण कारोबारी का ड्राईवर ही था। जिसने अपने भाई के साथ मिल कर लूट की इस पूरी घटना को अंजाम दिलवाया था। मामले में खुलासा मध्य प्रदेश की पुलिस ने किया है। ड्राईवर को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। साथ ही लूट के रकम में से एक करोड़ 74 लाख नकद,  एक लाख 87 हजार के अधजले नोट व 81 पूरी तरह से जले पांच सौ के नोट बरामद हुए हैं। लूट की रकम के साथ मध्य प्रदेश पुलिस ने तीन बदमाशो को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार बदमाशो में एक आभूषण कारोबारी के ड्राईवर का सगा भाई है।

गिरफ्तार बदमाशो ने पुलिस को जब खुलासा किया तो शायद भरोसे लफ्ज़ का मतलब ही खत्म हो गया हो। गिरफ्तार अभियुक्तों ने बताया कि ड्राईवर ने अपने भाई पर चढ़ा 25 लाख का कर्ज चुकाने के लिए घटना को अंजाम दिलवाया था। वही ड्राईवर भी इस समय पुलिस की हिरासत में है। घटना 30 जनवरी को प्रतापगढ़ जनपद के हथिगवां के पास हुई थी। घटना में कारोबारी ने 40 लाख के लूट की बात कही थी। मगर अब जब लूट की रकम बरामद हुई है तो वह पौने दो करोड़ है। मध्य प्रदेश पुलिस के सिवनी जनपद के उरई थाने में तीनो बदमाश लूट की रकम के साथ पकडे गए थे।

घटना कुछ इस प्रकार हुई थी कि वाराणसी के प्रसिद्द सर्राफा कारोबारी ज्वाला सेठ का चालक हरिनाथ यादव अपने फर्म के एक अन्य कर्मचारी विनोद रावत के साथ 30 जनवरी की रात करोड़ों रुपये कैश लेकर दिल्ली के लिए स्कॉर्पियो से रवाना हुआ। इस दरमियान बताया गया कि देर रात प्रतापगढ़ जिले के हथिगवां के समीप इनोवा सवार बदमाशों ने मारपीट कर गाड़ी व कैश लूट लिया था। लूट की घटना संज्ञान आते ही कारोबारी ने इस मामले में कोखराज पुलिस को तहरीर देकर 40 लाख रुपये लूटे जाने की बात कही। पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर मामले की छानबीन कर ही रही रही थी कि उसको पता चला कि मध्यप्रदेश के सिवनी जिला अंतर्गत उरई थाने में तीन बदमाश लूट की भारी रकम के साथ पकड़े गए हैं।

सिवनी जनपद में पकडे गए बदमाशो की शिनाख्त मुंबई के मोती शाह लेन मझगांव निवासी हरिओम यादव, कोलीवाड़ा थाना अंटापीर निवासी सुनील वर्मा और भिंड बाजार के ग्यासबाबू के रूप में हुई है। इनोवा सवार इन बदमाशों के पास से एक करोड़ 74 लाख नकद, एक लाख 87 हजार के आंशिक जले नोट व पांच सौ के 81 नोट पूरी तरह से जले बरामद हुए हैं। यह पैसा इनोवा के बोनट में छिपा कर रखा गया था। इस सम्बन्ध में पुलिस अधीक्षक सिवनी कुमार प्रतीक बताया कि पकडे गए बदमाशो ने पूछताछ में बताया कि हरिओम यादव का भाई हरिनाथ वाराणसी के आभूषण कारोबारी के यहां चालक है। अक्सर वह सोना चांदी खरीदने के लिए दिल्ली और मुंबई आया करता था। हरिओम ने भाई के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई और इनोवा से हथिगवां इलाके में लूटपाट कर मुंबई जा रहे थे। जिस दरमियान पकडे गए।

वही मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा in तीनो की गिरफ़्तारी के सम्बन्ध में भी बहुत रोचक समाचार मिल रहा है। गिरफ़्तारी के सम्बन्ध में मिल रहे समाचार के अनुसार मध्य प्रदेश पुलिस को स्थानीय किसी नागरिक से सुचना मिली कि एक इनोवा गाडी से नोट उड़ रहे है। मौके पर पहुची पुलिस ने जले और अधजले नोट बरामद किये और नोटों के सम्बन्ध में गिरफ्तार बदमाशो ने बताया कि मुंबई जाने के रास्ते में पुलिस चेकिंग से बचने के लिए उन्होंने लूट का कैश बोनट के नीचे छिपाकर रखा गया था। सुखतारा के समीप इंजन हीट होने व शॉटसर्किट से आग लग गई। गाड़ी रोकी गई तो नोट उड़ने लगे। जिस पर स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

बहरहाल, एक बड़ी घटना का अचानक ही खुलासा लगभग एक दुर्घटना के कारण हो गया है। जानकारी हासिल होने पर पुलिस ने डाइवर को हिरासत में लेकर उससे भी पूछताछ शुरू कर दिया है। दूसरी सबसे रोचक तथ्य निकल कर सामने आया कि लूट जब करोडो में हुई थी तो कारोबारी ने आखिर क्यों सिर्फ 40 लाख के लगभग की लूट दर्ज करवाई है। पुलिस मामले में गहनता से छानबीन कर रही है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *