कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी मौनी अमावस्या पर्व पर पहुंचीं प्रयागराज, प्रियंका गाँधी की एक झलक पाने को बेताब दिखा प्रयागराज

तारिक खान

प्रयागराज। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी का वाड्रा आज मौनी अमावस्या के अवसर पर प्रयागराज दौरे पर थी। इस दरमियान एक अपार जनसमूह प्रियंका के एक झलक पाने को बेताब दिखाई दिया। प्रियंका ने जहा नौका विहार किया और खुद नाव भी चलाई। वही पूर्वजो के स्थल स्वराज भवन भी गई। इस एक दिन के दौरे पर प्रियंका गाँधी चिल्ड्रेन नेशनल स्कूल जाकर बच्चों के साथ भी वक्त गुज़ारा। उनके साथ बाते किया। बच्चो ने उन्हें इतनी शक्ति हमे देना दाता गाने को सुनाया।

प्रियंका गाँधी ने स्वराज भवन में सबसे पहले अपने पुरखों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उसके बाद वहां की व्यवस्थाओं का जायजा भी लियां। स्वराज भवन के अधिकारियों ने उन्हें जानकारियां दीं। इस दौरान अनाथालय में बड़ी हो चुकी बच्चियों के रोजगार के मामले में भी चर्चा की गई। कांग्रेस महासचिव अपने पैतृक आवास पहुंचने के बाद सबसे पहले पुरखों की याद में बनाए गए चबुतरे पर गईं। वहां उन्होंने पुष्प चढ़ाए और नमन किया। इसके बाद वह संग्रहालय देखती हुईं स्वराज भवन के सचिव के पास पहुंची और उनसे वहां की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली।

आज प्रियंका गांधी वाड्रा की एक झलक पाने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ आम लोगों में भी खासा उत्साह रहा। खासतौर पर युवाओं में एक अलग ही जोश दिखाई दिया। स्वराज भवन गेट पर एनएसयूआई के कार्यकर्ता दो घंटे से अधिक समय तक बैठे रहे तो अरैल में घाट से वाहन के बीच का करीब 50 मीटर का सफर भीड़ के कारण काफी कठिन रहा। प्रियंका के चेहरे पर पुरे दौरे एक मुस्कान भी थी। भीड़ का आलम ये था कि एक बार इस भीड़ के कारण खुद प्रियंका ही किनारे हो गईं। मगर उनके चेहरे पर एक मुस्कराहट रही। वह रास्ते भर लोगो का हाथ हिला कर अथवा हाथ जोड़ कर अभिनन्दन स्वीकार करती रही।

भीड़ का अंदाज़ इसी से लगाया जा सकता है कि प्रियंका को स्वराज भवन सुबह 11 बजे पहुंचना था लेकिन उनका काफिला दोपहर 12।28 बजे पहुंचा। बमरौली एयरपोर्ट पर ही उनका चार्टेड प्लेन करीब 11:40 बजे उतरा। इसके विपरीत कार्यकर्ताओं के स्वराज भवन पहुंचने का क्रम साढ़े दस बजे ही शुरू हो गया था। इंतजार का वक्त भले लम्बा था मगर सभी कार्यकर्ता अपने नेता की एक झलक पाने को बेताब थे। प्रियंका गांधी का काफिला पहुंचने पर धक्का-मुक्की शुरू हो गई। सभी स्वराज भवन में प्रवेश करना चाह रहे थे। प्रियंका गांधी की गाड़ी के पीछे कई कार्यकर्ता प्रवेश करने में भी सफल रहे। गेट के बाहर कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जमा हो गई। गेट टूटने के डर से उसे खोल दिया गया। हालांकि सभी को कुछ दूरी पर ही रोक दिया गया। करीब आधा घंटा बाद प्रियंका निकलीं तब भी यही स्थिति रही। इस दौरान वह हल्की मुस्कराहट के साथ कार्यकर्ताओं का लगातार अभिवादन करती रहीं। स्वराज भवन के बाद प्रियंका का अरैल पर भी जोरदार स्वागत हुआ।

संगम स्नान और पूजन के दौरान भी चारों तरफ खड़े स्नानार्थी प्रियंका को देखते और हर-हर गंगे का जयकारा लगाते रहे। स्नान के बाद अरैल घाट पर लौटीं प्रियंका की झलक पाने के लिए तो आम श्रद्धालु भी उमड़ पड़े। बेरिकेडिंग के बावजूद उन्हें घाट से वाहन तक जाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। इस दरमियान प्रियंका के चेहरे पर कहीं भी शिकन नहीं दिखी और लोगों से लगातार बात करती रहीं। प्रियंका गांधी ने अपने इस दौरे पर मीडिया और कार्यकर्ताओं से दूरी बनाए रखी। चुनिंदा नेताओं को ही उनके साथ चलने की अनुमति थी लेकिन अरैल घाट पहुंचे आम श्रद्धालुओं के साथ वह फासला नहीं दिखा।

भीड़ में शामिल कुछ युवतियों से उन्होंने बात की और सियासी नब्ज टटोलने की कोशिश की। युवतियों के कंधे पर हाथ रखकर कुछ दूर चलने के साथ ही उन्होंने अपने पूर्वजों की इस नगरी के लोगों के साथ भावनात्मक रिश्ता कायम करने की कोशिश की। इस तरह से अपने कंधे पर प्रियंका गांधी का हाथ पाकर एक युवती तो अवाक रह गई। युवतियों के साथ प्रियंका ने बातचीत किया और युवतियों ने उनके साथ सेल्फी भी लिया। बेरिकेडिंग के बाहर से एक युवती प्रियंका की तरफ लगातार हाथ हिलाती रहीं। नजर पड़ने पर प्रियंका गांधी खुद सुरक्षा घेरा हटाते हुए युवती के पास पहुंची और उससे बात किया। प्रियंका उस युवती के कंधे पर हाथ रखकर चलते हुवे अपने वाहन तक पहुची।

नौका विहार का लिया आनंद और खुद चलाई पतवार

प्रियंका गांधी ने नौका विहार का आनंद लिया और खुद पतवार भी चलाया। इस नौका विहार में नाविक सुजीत निषाद था। प्रियंका गांधी ने नाविक सुजीत निषाद को नौका विहार हेतु दो हजार रुपये दिए। इस दरमियान अरैल घाट पर कांग्रेस नेता और शहर में पोस्टर बॉय के नाम से मशहूर हसीब अहमद ने सेल्फी का अनुरोध किया तो प्रियंका ने सुजीत को भी इस सेल्फी के लिए बुलाया। प्रियंका को नाव पर बैठाकर सुजीत काफी उत्साहित थे। उनका कहना था कि प्रियंका ने खुद ही नाव चलाई। उनके आदेश को नकारने की हमारी हिम्मत नहीं थी। इसलिए पतवार थमा दी। प्रियंका गांधी नांव से उतरने के बाद सुजीत को धन्यवाद देना भूल गईं थीं। ऐसे में उन्होंने प्रदेश महासचिव विवेकानंद पाठक को सुजीत के पास भेजा और फोन पर बात करके धन्यवाद दिया।

चिल्ड्रेन स्कूल के बच्चे प्रियंका को देख कर हुवे उत्साहित

प्रियंका जब चिल्ड्रेन नेशनल स्कूल पहुची तो वहा के बच्चे उनको देख कर खूब उत्साहित हुवे। प्रियंका ने बच्चो से बातचीत भी किया इस दौरान प्रियंका गांधी के सवालों का बच्चो ने जवाब भी दिया। बच्चों ने कहा कि आप अपनी दादी जैसी लग रही हैं मैम। इस पर प्रियंका ने खूब ठहाका भी लगाया। उन्होंने बच्चों की क्लास भी ली और कोरोना से निपटने के लिए हैंडवॉश के तरीके भी बताए। सबसे पहले उन्होंने बच्चों के नाम जाने और फिर उनसे पढ़ाई-लिखाई के बारे में पूछा। कहा कि आप लोग कैसे पढ़ाई कर रहे हो! बच्चों ने बताया कि वे स्कूल नहीं जा रहे हैं ऑनलाइन ही पढ़ाई कर रहे हैं। इस पर उन्होंने ऑनलाइन क्लासेस करने के बारे में भी तरीके बताए।

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