लखनऊ – दहेज़ के लालची शहाबुद्दीन हाश्मी के लड़के साकिब हाशमी ने दहेज़ की मांग न पूरी होने पर दिया महज़ दो महीने में ही मासूम दुल्हन को दिया तीन तलाक

आदिल अहमद

लखनऊ। दहेज़ की लालच में पूर्व एचएएल कर्मी शहाबुद्दीन हाशमी इतना अँधा हो गया कि खुद की पैसो की भूख मिटाने के लिए अपने बेटे साकिब हाशमी से महज़ तीन महीने की शादी के बाद ही मांग न पूरी होने पर तीन तलाक़ दिलवा कर एक मासूम बेटी की ज़िन्दगी बर्बाद कर डाली। यही नहीं आरोपों को आधार माने तो गर्भवती पीडिता से जानबूझ कर ऐसी मारपीट किया गया जिससे उसका गर्भपात हो जाए। कानपुर निवासिनी पीडिता ने इस सम्बन्ध में थाना छावनी में लिखित शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस मामले की गंभीरता के अनुसार जाँच में जुट गई है।

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घटना के सम्बन्ध में प्राप्त समाचार के अनुसार कानपुर के माल रोड स्थित फाई साहब के हाथे निवासी दुल्हन के पिता ने अपनी बेटी की शादी बीते 10 नवम्बर को अपनी हजब-ओ-हैसियत के मुताबिक लखनऊ के बी-59, हिम सिटी, मटियारी चौराहा चिनहट, लखनऊ निवासी पूर्व एचएएल कर्मी शहाबुद्दीन हाशमी के बेटे सकीब हाशमी से किया था। बाप ने अपनी ज़िन्दगी में जो पाई पाई जोड़कर रखा था, इस शादी में वो सब खर्च कर दिए। दुल्हन के दोनों भाईयो ने अपने बचत का एक एक रुपया खर्च कर आलिशान तरीके से बहन को बड़ी तमन्नाओ के साथ बिदा किया।

आरोपों को आधार माने तो दहेज़ के लालची दरिदे ने दुल्हन ही दहेज़ है को दरकिनार कर दुल्हन के घर वालो से पहले ही दिन से दहेज़ में नगद रकम कम देने के ताने देने शुरू कर दिए और दुल्हन को दहेज़ के पांच लाख रुपया घर से मंगवाने का दबाव डालने लगे। इस दरमियान मासूम दुल्हन को बात बात में ताने देना। और नौकरों के तरीके से बर्ताव करना ससुराली जनों ने शुरू कर दिया। प्रताड़ित बेटी पढ़ी लिखी होने के वजह से अपने ससुराल का मामला मायके तक नही पंहुचा रही थी। मगर पानी सर से ऊपर तो तब गुज़र गया जब शाहबुद्दीन हाशिमी और उसका बेटा सकीब हाशमी दुल्हन को भूखा रखने लगे। दो दो दिनों तक खाने न देना। बात बात में मारपीट करना रोज़ की बात बन गई। कभी शहाबुद्दीन तो कभी उसकी बेटियाँ दुल्हन से मारपीट करती। पति साकिब तो रोज़मर्रा ही मारपीट करता और पत्नी की कोई बात न सुनता। दो दो दिन तक भूखी रहने वाली आखिर दुल्हन मायके आती है और अपने परिजनों को पूरी बात बताती है।

आरोपों के अनुसार बेटी के ससुराल में हुवे इतने अत्याचार को सुनकर माँ बाप और भाइयो के दिल तड़प गए। सभी बेटी को लेकर मामले का निस्तारण करने और खुद के उधार क़र्ज़ लेकर रखे हुवे कुछ पैसो को लेकर 31 जनवरी को लखनऊ के चिनहट स्थित मटियारी चौराहे के निकट बने हिम सिटी जाते है। बेटी की गलती न होने के बावजूद भी माँ बाप हाथ जोड़ कर बेटी की तरफ से माफ़ी मांगते है। मगर दहेज़ के लालच में अंधे हो चुके शहाबुद्दीन और उसके बेटे साकिब तथा शहाबुद्दीन की बेटियों पर कोई असर नही पड़ता है। सभी उलटे दुल्हन के भाई और माँ बाप के सामने गालिया देते हुवे दहेज़ की मांग पर टिके रहते है और गर्भवती हो चुकी दुल्हन से आमादा मारपीट हो जाते है।

पीडिता और उसके परिजनों ने बताया कि दहेज़ के लालची बने दानव रूपी इंसान शहाबुद्दीन हाशमी के घर में लगा सीसीटीवी कैमरा इस बात का गवाह है कि किस तरीके से हम लोगो ने हाथ जोड़ कर दहेज़ के लालची शहाबुद्दीन और उसके बेटे साकिब और शाहबुद्दीन की बेटी से माफ़ी मांगी और कुछ वक्त की और मोहलत मांगी कि हम कोशिश करते है रकम का इंतज़ाम करने की। मगर दहेज़ लोभी शहाबुद्दीन इसके लिए तैयार नही था और उसको तुरंत ही पैसे चाहिए थे। वो भी कम से कम पांच लाख रुपया चाहिए था। हमारे आंसू और जुड़े हाथ भी उन दहेज़ लोभियों को तरस न दिलवा पाए। उन्होंने दुलहन के साथ मारपीट किया। पेट पर ऐसे मारा कि उस गर्भवती का गर्भपात हो गया। इसके बाद साकिब ने तीन तलाक देकर दुल्हन को और उसके माँ-बाप-भाई को घर से निकाल दिया।

अपना सब कुछ लुटा कर पीडिता के परिजन लखनऊ से घर को कानपुर आते है। जहा पीडिता की तबियत ख़राब हो जाती है। अधिक रक्तश्राव होने के कारण पीडिता को एक निजी चिकित्सालय में भर्ती करवाया गया। जहा डाक्टरों की मेहनत के बाद पीडिता की जान बच सकी। पीडिता के तरफ से इस घटना की लिखित शिकायत थाना छावनी में दर्ज करवाई गई। थाना छावनी प्रभारी ने पीडिता से पूरा घटनाक्रम जानने के बाद मामले में शिकायत दर्ज कर वैधानिक कार्यवाही शुरू कर दिया है। ऐसे दहेज़ के लोभी पापियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की परिजनों ने मांग किया है।

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