सरैया इलाके में होली के दिन पत्थरबाजी प्रकरण में वायरल हुआ एक और वीडियो, पुलिस पर एकपक्षीय कार्यवाही का बड़ा आरोप, देखे वीडियो कैसे तोडा होली खेल रहे युवको ने दरवाज़ा

तारिक आज़मी

वाराणसी। वाराणसी के जैतपुरा थाना क्षेत्र के सरैया इलाके में कल होली के दिन दो पक्षों में विवाद हो गया था। इस दरमियान एक पक्ष के द्वारा पत्थरबाजी करता हुआ एक वीडियो वायरल करते हुवे कुछ तथाकथितो ने घटना को बड़ा सांप्रदायिक मोड़ देते हुवे पूरी घटना के लिए एक वर्ग विशेष को ज़िम्मेदार ठहराते हुवे बड़ी बड़ी पोस्ट लिख कर मामले को काफी चर्चित कर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़े का प्रयास किया। पुलिस ने भी एक पक्षीय कार्यवाही करते हुवे मामले में दो युवको को गिरफ्तार कर एक पक्ष की तहरीर पर मुकदमा कायम कर लिया।

पुलिस द्वारा गिरफ्तार व्यक्ति

इस दरमियान कल रात दुसरे पक्ष की महिला सदस्यों ने थाना जैतपुरा जाकर एक और तहरीर देने का दावा किया है जिसमे कहा गया है कि पुलिस ने एक पक्षीय कार्यवाही किया है। वही थाना प्रभारी और सरैया चौकी इंचार्ज पर भी बड़ा आरोप लगाते हुवे एक महिला ने बयान में बताया है कि एक दरोगा के द्वारा उसको भद्दी भद्दी गालियाँ देते हुवे थप्पड़ मारा गया। ये आरोप वर्त्तमान सरैया चौकी इंचार्ज पर महिला ने लगाया है। हम इस आरोप की पुष्टि नहीं करते है मगर यदि ऐसा हुआ है तो ये वाकई में पुलिस की छवि को ख़राब करने के लिए काफी है।

वही इस प्रकरण में एक और वीडियो वायरल हुआ है। इस वीडियो में होली खेल रहे शरारती तत्वों के द्वारा एक घर का दरवाज़ा तोड़ता हुआ दिखाई दे रहा है। वैसे बताते चले कि पुलिस ने कल दोपहर वायरल हुवे एक पथराव के वीडियो को आधार बना कर एक पक्ष के तरफ से मिली तहरीर पर मुकदमा पंजीकृत कर आसिम और अज़ीम को कल ही हिरासत में ले लिया था। वही आसिम और अज़ीम के परिजनों का आरोप है कि थाना प्रभारी को हमने तहरीर दिया था जिसके ऊपर कोई कार्यवाही नही हुई है। इस सम्बन्ध में थाना प्रभारी जैतपुरा शशिभूषण राय से बात करने पर उन्होंने दुसरे पक्ष से तहरीर मिलने की बात को इनकार किया और कहा कि कोई तहरीर नही मिली है।

दुसरे पक्ष का दावा है कि उन्होंने यह तहरीर स्थानीय थाने को घटना वाले दिन दिया है मगर कोई कार्यवाही नही हुई है। वही इस्पेक्टर जैतपुरा शशि भूषण राय ने कोई तहरीर मिलने से इनकार किया है।

क्या हुआ था मामला

कल होली के दिन दोपहर में सरैया के कहारटोला इलाके में लगभग डेढ़ बजे करीब होली खेल रहे शरारती तत्वों का दुसरे वर्ग के युवको से कुछ विवाद हो गया था। विवाद का कारण स्थानीय नागरिको ने होली खेल रहे होली खेल रहे शरारती तत्वों के द्वारा नंगा डांस बताया जा रहा है। जैसा कि वायरल हो रहे वीडियो में दिखाई दे रहा है और स्थानीय पार्षद हाजी ओकास अंसारी का बयान है कि इस विवाद के बाद होली खेल रहे होली खेल रहे शरारती तत्वों की एक टोली ने दुसरे पक्ष के एक घर पर पथराव शुरू कर दिया। इस दरमियान उस घर का दरवाज़ा भी तोडा गया। घर में घुस कर तानी (पॉवर लूम में बिनकारी का रेशम) को नोच दिया। आरोप है कि इस दरमियान महिलाओं से बदतमीज़ी भी किया गया है। जिस पर दुसरे वर्ग के द्वारा एक घर से ईंट का जवाब पत्थर के तर्ज पर पथराव किया गया। बताया जाता है कि पथराव का वायरल हो रहा वीडियो इसी दरमियान का है। बताया जा रहा है कि इसी वीडियो को आधार बना कर दुसरे पक्ष के तरफ से पुलिस के एक तरफ़ा कार्यवाही करते हुवे 5 नामजद और 1 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दो युवको की गिरफ़्तारी कर लिया गया है।

पहले भी होली पर हो चूका है विवाद

होली पर ये कोई पहली बार विवाद की स्थिति नही है। इसके पहले भी इस इलाके में पास के बस्ती में रहने वाले युवको का विवाद होता रहा है। मगर विवाद कभी इतना हाईलाइट नही हुआ और पुलिस को सुचना मिलने के बाद मौके पर पहुचने पर मामला शांत हो जाता था। जैतपुरा पुलिस ने पहले की घटनाओं का संज्ञान न लेकर वहा कोई पुलिस की ड्यूटी नही लगाया जाना कही न कही स्थानीय पुलिस चौकी की चुक है।

थाना प्रभारी जैतपुरा पर लगा है इसके पहले भी एक वर्ग के मुखालफत का आरोप

स्थानीय नागरिको के अनुसार थाना प्रभारी जैतपुरा शशि भूषण राय पर इसके पहले भी कई बार एक पक्षीय सुनवाई का आरोप है। एनआरसी के मुद्दे पर विरोध दर्ज कर ज्ञापन देने के एक कार्यक्रम में थाना प्रभारी जैतपुरा का वीडियो भी वायरल हुआ था जिसमे उनके द्वारा एक वर्ग विशेष के युवको को गाली दिए जाने का आरोप था। हम उस वीडियो की भी पुष्टि नही करते है मगर घटना में एक पक्ष की सिर्फ सुनने का प्रकरण पुलिस की निष्पक्ष छवि पर एक बड़ा धब्बा है।

पुलिस ने एक पक्ष से मिली तहरीर पर कार्यवाही करते हुवे धारा संख्या 147/ 149/ 323 /504/ 336/ 352/ 3 -(1) एसटी एससी के तहत मामला दर्ज किया है। अब आप वायरल हो रहे महिला के बयान को सुने पहले और यदि आरोप सही है तो फिर दरोगा के कृत कार्यो को आखिर किस प्रकार से पुलिस जस्टिफाई करेगी। क्या पुलिस की छवि इससे ख़राब हुई है ?

आपने इस वीडियो में देखा एक बुज़ुर्ग महिला किस प्रकार का आरोप लगा रही है। अब आप खुद सोचे कि यदि ऐसा हुआ है तो फिर माहोल को ख़राब करने में किसका योगदान है समझा जा सकता है।

देखिये अब वायरल होता दूसरा वीडियो जो इस बात को साफ़ ज़ाहिर करता है कि होली खेल रहे शरारती तत्वों के द्वारा एक घर का बंद दरवाज़ा तोडा गया और उस घर के अन्दर घुस कर कुछ किया गया। वीडियो में साफ़ दरवाज़े को तोड़ता हुआ देखा जा सकता है। मगर पुलिस ने कार्यवाही करते हुवे लल्लन, रहीम, अज़ीम, आसिम और शुऐब पर अपराध नामज़द दर्ज कर 1 अज्ञात के खिलाफ कार्यवाही किया है।

अब आप उस वीडियो को देखिये जो कल से एक तथा कथित पत्रकार के द्वारा वायरल कर शहर के माहोल को ख़राब करने का प्रयास किया जा रहा है। इस वीडियो में दो युवको के द्वारा एक छत से पथराव करते हुवे देखा जा सकता है। स्पष्ट रूप से इस छत से पथराव हुआ है। जो बेहद गलत और निंदनीय है। मगर पथराव करने वाले पक्ष का कहना है कि जब उस घर का दरवाज़ा तोड़ कर शरारती तत्व अन्दर घुस कर तोड़ फोड़ और महिलाओं से मारपीट कर रहे थे उस समय उस परिवार को बचाने के लिए ऐसा किया गया! मगर फिर भी कानून को हाथो में लेने का अधिकार किसी को नही है. जिसमे ये पथराव किया उसको भी नही और जिसने घर का दरवाज़ा तोडा उसको भी नही, मगर जैतपुरा पुलिस ने इस सम्बन्ध में कोई कार्यवाही क्यों नही किया ये बड़े प्रश्नगत विषय के रूप में क्षेत्र में चर्चा का केंद्र बना हुआ है.

दुसरे पक्ष के कृत्यों पर पर्दा डालना शायद इन्साफ के पैमाने पर सही नही है। पुलिस को निष्पक्ष होने की बात कही जाती है। मगर दोनों वीडियो देखा कर जैतपुरा पुलिस की निष्पक्षता भी सवालो के घेरे में है। पुलिस को मिली दुसरे पक्ष की तहरीर पर जाँच की बात किया जा रहा है। मगर एक पक्ष की न सुनकर सिर्फ दुसरे पक्ष की सुन लेना पुलिस के कार्यशैली पर एक बड़ा सवालिया निशाँन है।

क्या कहते है थाना प्रभारी

प्रकरण में थाना प्रभारी जैतपुरा से संपर्क किया गया तो उन्होंने इस मामले में कोई भी बयान देने से परहेज़ करते हुवे कहा कि क्षेत्राधिकारी इस प्रकरण में खुद विवेचना कर रहे है। यदि किसी के पास कोई साक्ष्य है तो उनको उपलब्ध करवाए।

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