दुबारा डराने लगा है कोरोना का कहर, एक ही दिन में मिले 35 हज़ार से अधिक नए कोरोना संक्रमण के मामले

आदिल अहमद

नई दिल्ली: भारत में कोरोना के कहर ने डराना शुरू कर दिया है। इस बार कोरोना के कहर ने लोगो में सिहरन पैदा करना शुरू कर दिया है। बिना मास्क पहने खुद को शूरवीर समझने वाली भीड़ अभी भी कोरोना के कहर से खौफ नही खा रही है। ताज़ा अपडेट को देखे तो बृहस्पतिवार को कोरोना के कुल 35,871 नए मामले भारत में दर्ज किए गए है। ये आकडे पिछले 100 से अधिक दिनों में एक दिन में संक्रमण के सबसे ज्यादा मामले हैं। आज आये ताज़ा आकड़ो के बाद संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 1,14,74,605 पर पहुंच गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, लगातार आठवें दिन कोरोना वायरस के मामले बढ़ने से संक्रमितों की संख्या 2,52,364 पर पहुंच गई है जो संक्रमण के कुल मामलों का 2.20 प्रतिशत है।

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आज सुबह आठ बजे तक जारी आंकड़ों के अनुसार, मरीजों के स्वस्थ होने की दर गिरकर 96.41 प्रतिशत हो गई है। आंकड़ों के अनुसार, 172 और कोविड-19 से लोगों के जान गंवाने से मृतकों की संख्या बढ़कर 1,59,216 हो गई है। गौरतलब हो कि छह दिसंबर को संक्रमण के 36,011 नए मामले सामने आए थे। इस बीमारी से ठीक होने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 1,10,63,025 हो गई है। जबकि मृतकों की दर 1.39 प्रतिशत है।

अगर पुराने ग्राफ को गौर से देखे तो भारत में कोविड-19 के मामले सात अगस्त को 20 लाख का आंकड़ा पार कर गए थे। इसके बाद संक्रमण के मामले 23 अगस्त को 30 लाख, पांच सितंबर को 40 लाख और 16 सितंबर को 50 लाख से पार चले गए थे। वैश्विक महामारी के मामले 28 सितंबर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख, 20 नवंबर को 90 लाख और 19 दिसंबर को एक करोड़ का आंकड़ा पार कर गए थे। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के मुताबिक 17 मार्च तक 23,03,13,163 नमूनों की जांच की जा चुकी है। जबकि अभी तक देश में इस वैश्विक महामारी से 1,59,216 लोगों की मौत हुई है। इनमें से महाराष्ट्र में 53,080, तमिलनाडु में 12,564, कर्नाटक में 12,407, दिल्ली में 10,948, पश्चिम बंगाल में 10,298, उत्तर प्रदेश में 8,751 और आंध्र प्रदेश में 7,186 लोगों की मौत हुई। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि जिन लोगों की मौत हुई उनमें से 70 प्रतिशत से अधिक लोगों को अन्य बीमारियां भी थीं। मंत्रालय ने कहा, ‘‘हमारे आंकड़ों का भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के आंकड़ों से मिलान किया जा रहा है।”

स्थिति भले ही कोरोना को लेकर चिंताजनक बनती जा रही है। मगर लोगो की लापरवाही इसमें कोढ़ में खाज जैसी साबित हो रही है। आप अपने आसपास नज़रे उठा कर तो देखे लोगो ने मास्क लगाना ही बंद कर दिया है। बिना मास्क के सडको पर टहलती भीड़ ने इस समस्या को और भी विकराल करने की जैसे ठान रखा हो। नो सोशल डिस्टेंस के तर्ज पर लोग भीड़ का हिस्सा बने हुवे है। भीड़ बाजारों में बढती ही जा रही है। हमें इस विषय पर सावधानी बरतना चाहिए। सोशल डिस्टेंस मेंटेन करना और मास्क पहनना बेहद ज़रूरी है। सावधान रहे। सुरक्षित रहे।

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