किस्सा गैग आफ बादशाह अली एंड राशिद खान – देखे वीडियो, वादिनी मुकदमा ने किया बड़ा खुलासा कि राशिद ने दबाव बना कर झूठा पाक्सो और रेप का केस करवाया था (भाग -1)

तारिक़ आज़मी

वाराणसी के चौक थाना क्षेत्र के दालमंडी से संचालित गैंग जो झूठे रेप/पाक्सो और छेड़खानी जैसे केस दर्ज करवाने के लिए जाना जाता है के सम्बन्ध में हम लगातार खुलासे करते आ रहे है। लगभग एक दशक से क्षेत्र की जनता इस गैंग और इसके काले कारनामो से परेशान है। हमको मालूम था कि एक गन्दगी समाज की साफ़ करेगे तो हमारे ऊपर भी छीटे उछलेगे। हुआ भी कुछ ऐसा ही जब इस गैंग ने हमारे ऊपर ही झूठा और अनर्गल आरोप लगाने शुरू कर दिए। हमारे सम्मान को ठेस पहुचाने की इस गैंग के द्वारा हर एक कोशिश जारी है।

यहाँ तक कि हमारे ऊपर कभी भी हमला ये गैंग करवा सकता है अथवा झूठा रेप/पाक्सो अथवा छेड़खानी का आरोप लगा सकता है। अंततः हमने अपने सम्मान की रक्षा के खातिर इस गैंग का सबसे बड़ा खुलास सीरिज़ के बीच में ही कर देने का फैसला किया। हम इस साक्षात्कार को आखरी सीरिज़ के बम्पर विजिट और बड़े खुलासे के लिए सुरक्षित रखे हुवे थे। मगर खुद के सम्मान से खिलवाड़ करते उनको देखा तो हमको ये आखरी अंक के मैटिरियल को आज ही पब्लिश करना पड़ रहा है। वैसे इस वीडियो को देखकर उत्तर प्रदेश पुलिस इसका अंदाजा लगा सकती है कि ये गैंग कितना खतरनाक है जो अभी तक पुलिस रिकार्ड में दर्ज नही हुआ है।

हकीकत में बच के रहिएगा इस गैंग से क्योकि इनसे पंगा लेने का मतलब है आप घर में अपने कैद हो जायेगे। वरना अगर आप इस गैग से पंगा लेंगे तो इस गैंग में शामिल महिलाये और लडकियाँ खुद के कपडे फाड़ कर आपको बीच सड़क नंगा कर देंगी और फिर सम्मानित व्यक्ति के लिए ये स्थिति आत्महत्या करने को मजबूर कर देगी। यानी आप अपनी इज्ज़त से भी जायेगे और जान से भी चले जायेगे। इस गैंग का एक सरगना खुद को सपा नेता बताता है और ये गैंग खुद को सपा के नेताओ की पत्तेचाटी करते हुवे खुद को उनके संरक्षण में रखता है।

क्या है पूरा मामला

वाराणसी के आदमपुर थाने में एक रेप और पाक्सो का मामला दर्ज हुआ। अपराध संख्या 66/19 में पीडिता की उम्र का अंदाजा आप खुद लगा सकते है कि वह कक्षा तीन में पढ़ती है। उस केस की मेडिकल रिपोर्ट और 164 के बयानों को अगर आप मिलान करेगे तो मामला पूरी तरह से सही समझ आएगा। केस दर्ज हुआ था इमरान खान के खिलाफ। इमरान खान भीखाशाह गली का रहने वाला कोई युवक है जिसके बयान लेने की मैंने काफी कोशिश किया मगर वो युवक और उसका परिवार इस गैंग से इस कदर डरा हुआ है कि वह कुछ भी बात करने को तैयार नही है। यहाँ तक कि फ़ोन पर भी बात करने को तैयार नही है और सांरी रोंग नम्बर कहकर फोन काट दे रहा है।

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काफी कोशिश के बाद इस परिवार ने हमसे फोन पर बात किया तो उनके ऊपर हमको दया आ गई। इस परिवार की एक बेटी की शादी इस जालिम राशिद खान के साथ हुई थी। टार्चर करके राशिद बड़ी बड़ी मांग ससुराल से पूरी करवाना शुरू कर दिया। आखिर रोज़ रोज़ के इस उत्पीडन से तंग आकर लड़की अपने मायके रुक गई और राशिद के ऊपर दहेज़ उत्पीडन का मुकदमा दर्ज करवा दिया। इसके बाद पेंशन प्लान के तरीके से मोटी रकम हाथो से निकलते देख राशिद ने अपनी पत्नी के बिदाई की एक नोटिस भेज दिया। वैसे अमूमन 99% दहेज़ लोभी भेडिये ऐसा ही करते है। उनको कोई सलाह दे देता है कि वह इससे सुरक्षित रहेगे। इसी सलाह के आधार पर राशिद ने भी बिदाई की नोटिस भेजी। मगर जब खुद पर हुवे मुक़दमे की जानकारी उसको मिली तो उसके पैरो के नीचे से ज़मीन सरक गई।

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वह जानता था कि उसका ससुराल बेहद सीधा साधा परिवार है। सिर्फ कारोबार और अपने घर से मतलब रखने वाले इस परिवार का कोई दुश्मन और विरोधी नही है। ये परिवार अपनी इज्ज़त बचाने के लिए कुछ भी कर लेगा। इसी सोच के तहत राशिद ने एक मुकदमा आदमपुर थाने पर दर्ज करवाया केस नम्बर 66/19 धारा 376AB, और पाक्सो जैसे गंभीर आरोपों के आधार पर। इस मामले के तात्कालीन विवेचक चौकी इंचार्ज लाटभैरव देवी शरण थे। एसआई देवी शरण का सम्मान क्षेत्र का हर एक सम्भ्रांत नागरिक करता है। वैसे किसी को उसकी ईमानदारी का प्रमाणपत्र तो नही दे रहा हु मगर देवी शरण को जब से जान रहा हु उनके ऊपर किसी प्रकार का आरोप नही सुना मैंने। विवेचक ने विवेचना किया और जब आरोपी के बहन द्वारा राशिद के ऊपर मुक़दमे की जानकारी हुई और अन्य कई साक्ष्य मिले तो उन्होंने केस में फाइनल रिपोर्ट संख्या 17/2019 लगा दिया।

इस फ़ाइनल रिपोर्ट लगने के बाद गैग आफ बादशाह अली एंड राशिद खान बुरी तरह से बौखला गए। आनन फानन में राशिद खान ने अधिवक्ता के द्वारा मामले में प्रोटेस्ट दाखिल किया गया और प्रकरण में पुर्नविवेचना का आदेश करवा लिया गया। वैसे वादिनी मुकदमा की माने तो उसको इस बात की जानकारी ही नहीं थी कि ऐसा कोई पत्र अदालत में दिया गया है। फिर भी अदालत का मामला है हम उसके ऊपर कुछ नही कह सकते है। हो सकता है महिला पढ़ी लिखी न होने के कारण उसको जानकारी ही न हो कि क्या हुआ।

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