किस्सा गैग आफ बादशाह अली एंड राशिद खान – देखे वीडियो, वादिनी मुकदमा ने किया बड़ा खुलासा कि राशिद ने दबाव बना कर झूठा पाक्सो और रेप का केस करवाया था (भाग -2)

तारिक़ आज़मी

हमे प्रकरण की जानकरी दालमंडी के मालूम नहीं बहुत बड़े बड़े कौन कौन से पद पर आसीन एक सपा नेता द्वारा ये सोच कर दिया गया कि ऍफ़आर इस प्रकार के केस में लग गई ये एक बड़ी खबर हो सकती है। मामले में उन्होंने हमको बताया कि मोटी रकम में डील हुई होगी। किसी पत्रकार को कोई क्लू मिले तो ऐसा लगता है जैसे भूखे को रोटी मिल गई हो। हम भी ऐसे ही खुश हो गए। पहले केस के पुन्रविवेचना का आदेश देखा हमने। थोडा मेहनत किया और थोडा एक परिचित अधिवक्ता का सहारा लिया। इसके बाद हम वादिनी मुकदमा का घर तलाशते हुवे पहुचे। वादिनी मुकदमा का बयान आप वीडियो में सुन सकते है। हम उसके बयान को लिखित में संक्षेप में बताते है।

किस्सा गैग आफ बादशाह अली एंड राशिद खान – देखे वीडियो, वादिनी मुकदमा ने किया बड़ा खुलासा कि राशिद ने दबाव बना कर झूठा पाक्सो और रेप का केस करवाया था (भाग -1)

वादिनी मुकदमा ने हमको बयान तो काफी कुछ दिया और कई कागज़ भी दिखाए। मगर हम मुद्दे पर रहते है। हमने वादिनी मुकदमा से अनुमति लेकर उसका वीडियो बयान दर्ज किया। वीडियो बयान आप देख रहे है। हमने वादिनी के बयाँन में शुरू में लिए गए उसके नाम को काट दिया है और वादिनी की पहचान गुप्त रखने के लिए चेहरे को ब्रल कर दिया है। वादिनी ने हमसे कहा कि “ऐसा कोई भी कांड अथवा केस नही हुआ था। वो राशिद ने गद्दारी हमारे साथ किया। राशिद ने अपनी भाभी यानी मेरी बड़ी बेटी पर दबाव बनाया और उसकी बहन से मुकदमा करने के लिए उसको टार्चर किया। जिस समय ये मुकदमा हुआ था उस समय मेरी बेटी को बच्चा होने वाला था। राशिद आकर कहता था कि उसकी पत्नी ने उसका भी नाम केस में दिया है तो क्या बच्चा जेल में होगा। राशिद के बहकावे में आकर हमने केस कर दिया। मगर हमको नही पता था कि राशिद इतना बड़ा गद्दारी का काम करेगा। ऐसा कोई भी केस नहीं हुआ था।”

वादिनी ने स्पष्ट तौर पर बताया कि आरोपी युवक इमरान कभी मेरे घर नही आया। और न ही हम उसके घर गए। न कभी मिला। बस राशिद ने हमको बहका दिया था कहा था कि सरकार से डेढ़ लाख रुपया दिलवायेगे। हम कहे नही हम गरीबी में खुश है और सरकार का पैसा नही चाहिए। राशिद हमारा खाता मांग रहा था मगर हम देने से मना कर दिए। राशिद बहुत बड़ा गद्दार निकला। धोखा से हमसे ये झूठा केस करवाया।” हमारे सवाल कि क्या आपने ये बात पुलिस को बताया तो वादिनी मुकदमा ने जवाब देते हुवे कहा कि “यहाँ (पुलिस चौकी लाटभैरव) गए थे और कहा था कि हम लोग को केस नही लड़ना है मगर जो लड़के इमरान पर केस किये है वो तो कुछ नहीं न करेगे तो ऊ (दरोगा अथवा विवेचक) कहे कि जब तुम केस नही करना चाहती हो तो कोई कुछ नही करेगा।”

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हमारी बेटी को भी करते है ये सब टार्चर – वादिनी मुकदमा       

वादिनी मुकदमा ने कहा कि राशिद और उसका परिवार मेरी बेटी को भी टार्चर करते है। वादिनी मुकदमा के लफ्जों में “ऊ लोग बहुत टार्चर करते है हमारी बेटी को, एक बार तो वो राजघाट पुल से जा रही थी ख़ुदकुशी करने के लिए। अपना बच्चा भी फेक दिए थी। लोग कोई तरीके से उसे बचाए। बात बात में ये लोग उसको घर पर भेज देते है। बहुत परेशान करते है। बहुत टार्चर करते है।” वादिनी के बयान में हमको उसका अपनी बेटी के लिए सुरक्षा भाव दिखाई दे रहा था। वादिनी ने बताया कि उसकी बेटी के देवर राशिद और उसका परिवार उसको बहुत टार्चर करता है।

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ढाई लाख रुपया ज़मीन दिलवाने के लिए लिया और सब भाई बाट कर खा गए है – वादिनी

वादिनी मुकदमा ने हमसे बयान देते हुवे कहा कि “ढाई लाख रुपया राशिद हमसे ज़मीन दिलवाने के लिए लिए रहे। सब पैसा कुल भाई आपस में बाट लिए है। अब 5 हज़ार रुपया करके हमे वापस कर रहे है महीने का। वो भी महीने में अपने से नही देते है बल्कि जब हम बीस बार फोन करते है तो कहते है फलानी जगह आकर ले जाओ।” हमने देखा कि उस महिला के पास एक स्टाम्प पर दो अंगूठे लगे हुवे थे जिस पर 76 हज़ार की लिखा पढ़ी थी कि उसको 76 हज़ार रुपया मिलेगा।

इस बात पर वादिनी ने बताया कि “ऊ पईसा सब भाई आपस में बाट कर खा गये थे न तो गुड्डू (राशिद का भाई) ने कहा कि पैसे की गारंटी हमारी है। हम वापस करवायेगे पैसा। मगर ऊ सामने आकर साईंन नही किये है। हमे तो लगता है कि राशिदवा ही खुद तीन पांच किया है। पैसा सब खा गया है और अब दौड़ा रहा है देने के लिए।” बताते चले कि उस स्टाम्प पेपर की लिखा पढ़ी की फोटो हमारे पास उपलब्ध है। उस पेपर पर नोटरी तक नही हुई है। और सिर्फ 76 हज़ार के किश्तों में देने की बात लिखी है। स्टाम्प पेपर पर राजू का अंगूठा निशान होने का दावा किया जा रहा है जबकि राजू हस्ताक्षर कर सकता है।

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स्टाम्प पर बकाया में भी किया बयान के हिसाब से घोटाला

वादिनी मुकदमा ने बताया कि हमे सिर्फ 5 हज़ार रुपया महीने का मिल रहा है। 76 हज़ार की लिखा पढ़ी हुई है। उसके ऊपर राजू नाम से कथित रूप से अंगूठा भी कई सवाल उठाता है क्योकि राजू अपना नाम लिख सकता है। साथ ही अगर वादिनी मुकदमा के बयान को आधार माने तो ढाई लाख दिया था मगर लिखा पढ़ी में केवल 76 हज़ार लिखा है और साथ ही लिखा है कि बकिया पैसा ज़मीन हेतु दिला हुआ वापस दिया जा चूका हु। वही वादिनी मुकदमा का कहना है कि 76 हज़ार जो गुड्डू के तरफ निकल रहा है उसकी गारंटी राजु ने लिया है। वादिनी ने कहा कि “हमे तो लगता है कि राशिद इम्मे भी तीन पांच और गद्दारी किया है कहे कि अंगूठा लगाने राजू नही आये रहे बल्कि राशिद लेकर आया रहा। लगता है कि वही अंगूठा लगा दिए है।

राशिद ने अपने किरायदार से भी कोई झूठा मुकदमा करवाया है  वादिनी मुकदमा

वादिनी मुकदमा ने अपने बयान में एक और खुलासा किया था जिसको हमे बाद में अब समझ आ रहा है कि उसके कहने का क्या मतलब क्या था। वादिनी ने कहा था कि “पड़ाव पर राशिद रहते है। राशिद पड़ाव पर किरायदार रखे है। ऊ किरायदार से राशिद कहवा रहे है कि राशिद कहेगा हम सब करेगे। राशिद वहु से एक मुकदमा करवाईस है झूठा मुठा। अपनही मुकदमा केहू पर करवाईस है झूठा मुठा।” ये बयान कुछ और ही इशारा कर रहा है। एक कथित पीडिता दशाश्वमेघ थाने एक रेप का मामला दर्ज करवाने के लिए बार बार आ रही है। साथ ही उसने इस मामले में अदालत में भी केस दाखिल कर रखा है जिसकी तारिख सुनवाई होली के बाद की है। मगर इसके बाद भी वह महिला अक्सर थाना दशाश्वमेघ में शिकायत लेकर पहुच रही है कि उसके साथ रेप हुआ है मुकदमा दर्ज करो। वह पीडिता भी पडाव (जलीलपुर चौकी के पीछे) राशिद के मकान में किरायदार है।

हम काहे कोई के लड़का को झूठा फंसाए जब हमरे संग ही गद्दारी कर रहे हो – वादिनी

वादिनी ने अपने बयान में कहा कि “हमे जब मालूम है तो काहे हम कोई के लड़का को झूठा मुठा फंसाए। जब हमारी लड़की की ज़िन्दगी बर्बाद है, हमसे जब तू पईसा लेकर हमरे संग गद्दारी किये तो हम कईसे समझे कि हमसे सच बोल के करवा रहे हो।   

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