खबर की सुपारी लेकर पत्रकारिता का ढोंग करने वालो ने अब बनाया कथित रेप पीडिता का वीडियो, जाने क्या है घटना की हकीकत और क्या है फ़साना

तारिक आज़मी

वाराणसी के चौक थाना क्षेत्र के दालमंडी से संचालित झूठे रेप और पाक्सो जैसे गंभीर मामलों को दर्ज करवाने वाले गैंग का खुलासा करना अब शायद पत्रकार को महंगा पड़ सकता है। पहले ही जैसा हमने आपको बताया था कि ठेका लेकर खबर बनाने वाले एक कथित पत्रकार को दस हज़ार का ठेका देकर अडवांस दस हज़ार रुपया प्रदान इस गैंग ने कर दिया। मौके पर मौजूद एक सूत्र ने हमको इसकी जानकारी दे दिया तो इस सुपारी के फेल होने पर दूसरा वीडियो कथित पत्रकार द्वारा बनवाया गया। इस वीडियो में फिर राशिद खान को सामने रखकर आरोपों की झड़ी लगवाई गई। मगर फिर एक बार दुबारा हमारे सूत्र ने हमको जानकारी दे दिया तो हमने उसकी भी खबर लिख दिया।

अब जब जानकारी लीक हो जा रही है तो खबर बनाने की कथित पत्रकारों की सुपारी फेल हो जा रही थी। दस हज़ार तो जेब के अन्दर जा चूका है वो वापस करना पड़ेगा तो एक नया ढोंग रचा गया। अब कथित रेप पीडिता को सामने रखकर आज देर शाम वीडियो बनाया गया। हमारे सूत्रों ने हमको बताया कि ये कथित रेप पीडिता के साथ उनके अधिवक्ता महोदय भी वीडियो में मौजूद है जो झूठे आरोपों की झड़ी लगा रहे है। मामले में कई अप्लिकेशन देने की बात अधिवक्ता महोदय कर रहे है। साथ ही साथ कथित रेप पीडिता के सुपारी गैंग पत्रकारिता करने वाले फर्जी पत्रकार के द्वारा मामले में मेरा भी नाम घसीटा जा रहा है। प्रकरण में क्षेत्राधिकारी तक जाँच कर चुके है और मामला फर्जी निकल कर सामने आया है। मगर सुपारी पत्रकारिता करने वाले फर्जी पत्रकारों का क्या कहना वो तो अपनी जाँच थोडा ऊपर उठ कर करते है।

क्या है हकीकत क्या है फ़साना

इस गैंग का खुलासा मैंने किया तो ये बिलकुल आवश्यक था कि राशिद खान और बादशाह अली के द्वारा मेरे ऊपर आरोप तो लगाये जायेगे। मगर मामले में एक बड़ा नाम और डाला गया वो है सलीम लम्बू का नाम। मोहम्मद सलीम को अमूमन लोग मुहब्बत से सलीम लम्बू कहते है। सलीम क्षेत्र के जनप्रिय पार्षद है। सूत्रों की माने तो सलीम ने राशिद के सट्टे के कारोबार को बंद करवाने के लिए कई शिकायत अधिकारियो से किया था। वही इसके बाद जब इस गैंग के कुकृत्य अधिक बढ़ गए तो सलीम सहित क्षेत्र के कई लोगो ने लिखित शिकायत क्षेत्राधिकारी से इस गैंग की किया था कि ये फर्जी ऐसे मुक़दमे दर्ज करवाते है। इन सब खुन्नस के कारण बादशाह अली और राशिद खान द्वारा उनका नाम भी लाना लाजिम था।

क्या है हकीकत, क्या है फ़साना (झूठ)

फर्जी पत्रकारों के द्वारा दस हज़ार की सुपारी खबर बनाना ज़रूरी था। क्योकि अडवांस की बात थी। खबर का जो वीडियो बना है और हमारे सूत्र तथा इस कथित रेप पीडिता के आरोप लगाये जाने वाले पत्र की जानकारी के आधार पर पहले आपको उसका पहला झूठ बताते है।

ये वो शपथ पत्र है जो कथित रेप पीडिता के पति ने अधिकारियो को दिया है जिसमे उसने साफ़ साफ़ कहा है कि महिला झूठे आरोप लगा रही है। साथ ही उसने इसका असली पता भी उल्लेखित किया है।

पहला झूठ है कि वह चौराहट की रहने वाली है। जबकि हकीकत ये है कि ये महिला धनबाद की रहने वाली है इसका पति चौराहट में सब्जी बेचता है। मूलतः धनबाद की रहने वाली इस महिला के इसके पहले भी कई शिकायती पत्र अधिकारियो को विभिन्न नाम से पड़े है। इसका दूसरा झूठ है इसका झोला सिलने का काम। जबकि इसके खुद के पति ने शपथ पत्र के माध्यम से लिखित रूप से अधिकारियो को दिया है कि यह महिला कभी झोला नही सिली है। साथ ही उसने शपथ पत्र दिया है कि इस महिला के साथ कभी कोई बलात्कार की घटना नही हुई है। नियमो के तहत हम इस महिला की पहचान को गोपनीय रखते हुवे खबर के साथ वह शपथ पत्र लगा रहे है।

इस कथित रेप पीडिता का तीसरा झूठ है कि अधिकारी इसकी सुन नही रहे है। जबकि पुलिस सूत्रों के अनुसार दशाश्वमेघ पुलिस ने महिला सिपाहियों के साथ इसको घटना स्थल पर अकेला भेजा। जिस जगह ये बलात्कार होने की बात कर रही है वह जगह ये पहचानती भी नहीं है। वही पुलिस को जांच में मालूम चला कि जिस संजय सहगल पर ये आरोप लगा रही है उस संजय सहगल को भी ये पहचान नही पाई। इस कथित रेप पीडिता के चौथे झूठ की बात ये है कि ये जिस धमकी की बात कर रही है कि इसके पति के नम्बर पर फोन करके धमकी सलीम और तारिक आज़मी ने दिया है तो वही उसके पति ने खुद इस महिला के खिलाफ शिकायत पत्र दिया है कि ये महिला राशिद खान के साथ भाग गई है।

इस प्रकरण में हम प्रशासन से मांग करते है कि आरोपों की निष्पक्ष जांच क्षेत्राधिकारी से करवा कर यदि आरोप सही है तो मुकदमा दर्ज कर लिया जाए और यदि आरोप ये झूठा लगा रही है तो इसके और इसके गैंग के खिलाफ कार्यवाही किया जाये।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *