लखनऊ – राजधानी के पाश इलाके अलीगंज में डकैती, गार्ड को बंधक बना लूट ले गए लाखो

आदिल अहमद

लखनऊ. लखनऊ के पाश इलाके अलीगंज के सेक्टर बी में आज रात डकैतों ने एक बड़ी घटना को अंजाम देते हुवे घर में घुस कर लाखो का माल लूट लिया। मामला अलीगंज के सेक्टर बी का है जहा रहने वाले दवा कारोबारी दिनेश अग्रवाल के घर आज रात लगभग 8:30 बजे के करीब बदमाशो ने धावा बोल दिया। इस दरमियान उन्होंने सुरक्षा हेतु तैनात गार्ड को असलहा दिखा कर बंधक बना लिया दरवाज़ा तोड़ कर घर के अन्दर घुस गए तथा अलमारी में रखे हुवे जेवरात के साथ 9 लाख रुपया नगद लूट कर फरार हो गये।

डकैती की सुचना मिलते ही पुलिस महकमे में हडकंप मच गया। सुचना पर पहुची पुलिस ने जान पड़ताल शुरू कर दिया. वही कारोबारी ने पूछताछ में अपने दो पुराने नौकरों पर शक ज़ाहिर किया है।जिससे पुलिस इस नज़रिए से भी जाँच कर रही है। इस दरमियान आरोपियों की गिरफ़्तारी हेतु पुलिस प्रयास कर रही है। साथ ही गार्ड को संदेह के आधार पर हिरासत में लेकर पूछताछ समाचार लिखे जाने तक जारी है। मौके पर पहुंचे प्रभारी निरीक्षक अलीगंज पन्ने लाल यादव व एसीपी अखिलेश सिंह ने पड़ताल शुरू की। इसके बाद एडीसीपी प्राची सिंह व डीसीपी रईस अख्तर भी पहुंचे। काफी देर तक दिनेश अग्रवाल से पूछताछ की गई। इसके बाद उनके घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। डीसीपी रईस अख्तर के मुताबिक घर के अंदर दो बदमाश घुसे थे। बदमाशों ने अंदर लूटपाट की। जिसकी सीसीटीवी फुटेज में बदमाश दिखे है। दोनों ने चेहरा मास्क व रूमाल से ढंका हुआ था।

घटना के सम्बन्ध में प्राप्त समचारो के अनुसार राजधानी के पाश इलाके अलीगंज के सेक्टर बी निवासी दिनेश अग्रवाल की तालकटोरा में दवाओं की एजेंसी है। दिनेश ने बताया कि वह बुधवार रात करीब 8 बजे दो मकान छोड़कर रहने वाली बेटी के घर चले गये थे। करीब 50 मिनट बाद वापस आये तो घर का दरवाजा अंदर से बंद था। कई बार दस्तक देने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला। इसके बाद उन्होंने अपनी बेटी को इसकी सूचना दिया। वह अपने घर से अभी कुछ दूर ही चले थे कि दो युवक भागते हुए निकल गये। इसके बाद जब वह अंदर जाने लगे तो देखा कि दरवाजा टूटा हुआ था। अंदर आलमारी से नकदी व जेवरात गायब थे। दिनेश के मुताबिक बदमाशो ने आलमारी में रखी हुई नौ लाख रुपये की नकदी और रोज पहनने वाले जेवरात सभी लूट लिया। जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सुचना दिया.

बताया जा रहा है कि घटना के समय घर पर केवल गार्ड ही मौजूद था जिसे बदमाशो ने असलहा दिखा कर बंधक बना लिया और उसकी पिटाई करके बाथरूम में बंद कर दिया. वही गार्ड के मुताबिक तीन से चार बदमाश उसके पास थे। वहीं एक बदमाश बाहर खड़ा होकर पहरा दे रहा था। इस दौरान दो बदमाश अंदर दाखिल हुए थे। जिन्होंने बडे़ आराम से 10 से 15 मिनट तक घर के अंदर लूटपाट किया। इस दौरान लॉबी के पास के सभी कमरों में गये। वहां से नकदी व जेवरात बटोरा। बदमाशों के हाथ में हथियार साफ दिख रहा था। एक ने हथौड़ा भी लिया था। पीड़ित कारोबारी दिनेश के मुताबिक बदमाशों की संख्या करीब 5 से 7 रही है। उनको संदेह है कि बदमाशों में दो पुराने नौकर भी शामिल थे। जिनको उनकी परिवार के लोगों ने पहचान लिया है।

इस पूरी घटना के बाद पुलिस का अपराध छुपाने का खेल शुरू हो गया था. थाने के पास हुई इस डकैती की वारदात को अलीगंज पुलिस को चोरी की घटना बताने में जुटी रही. वारदात अलीगंज थाने से महज चंद कदमों की दूरी पर हुई। शुरू में पुलिस ने मामले को छिपाने की पूरी कोशिश किया लेकिन सफलता हाथ नहीं लग सकी तो पुलिस इस डकैती की वारदात को चोरी की घटना बताने लगी. घटना में सीसीटीवी फुटेज का हवाला दिया। जिसमें दो बदमाशों के अंदर जाने की बात कही। इसी बीच सोशल मीडिया पर अंदर और बाहर की कई सीसीटीवी फुटेज वायरल होना शुरू हो गई तो पुलिस के सुर बदल गए और वह इसको लूट बताने लगी. जबकि वायरल हो रहे फुटेज में बदमाशों की संख्या अंदर व बाहर कुल मिलाकर 5 से 7 दिखाई दे रही है।

मामले में एक और विरोधाभास सामने आया जब डीसीपी उत्तरी रईस अख्तर ने बताया कि दिनेश अग्रवाल ने वारदात में शामिल बदमाशों में दो को पहचान लिया है। दोनों उनके पुराने नौकर अमन व विकास है। दोनों ने दिसंबर महीने में भी इनके घर में चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। जिसका खुलासा पुलिस ने किया था। वही डीसीपी के इस दावे का खंडन कारोबारी ने किया और कहाकि पुलिस चोरों की तलाश ही कर रही थी तभी बदमाशो ने कोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे हासिल कर लिया थे। बहरहाल, रईस अख्तर ने कहा है कि दो टीम सीतापुर भेजी जा रही है. बदमाशो में जिन दो की पहचान हुई है उनकी गिरफ़्तारी के लिए वही दिनेश का गार्ड भी सीतापुर का है। गार्ड को हिरासत में लिया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है। जल्द ही वारदात का खुलासा कर दिया जाएगा।

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