पौधरोपण जमीन पर कम, कागजों में ज्यादा, इसीलिए करोना ने किया मारने का इरादा – ज्योति बाबा

समीर मिश्रा

कानपुरl कोरोना से बचने व सभी को बचाने के लिए भारतीय नव संवत्सर पर्व पर नशा छोड़ो परिवार जोड़ो पेड़ लगाओ खुशियां पाओ के मंत्र को आत्मसात कर क्रियारूप देते हुए उत्साह उमंग व उल्लास से मनाए। तभी विक्रम संवत का ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक महत्व सार्थक बन सकेगा। उपरोक्त बात सोसाइटी योग ज्योति इंडिया व उत्तर प्रदेश वैश्य व्यापारी महासभा के संयुक्त तत्वाधान में नशा हटाओ, पेड़ लगाओ, कोरोना मिटाओ, जीवन पाओ अभियान के तहत जरीब चौकी मलिन बस्ती में आयोजित ई-संगोष्ठी शीर्षक “भारतीय नव संवत्सर में क्या हो हमारा संकल्प” पर नव वर्ष की बधाई देते हुए अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्त अभियान के प्रमुख योग गुरु ज्योति बाबा ने कही।

ज्योति बाबा ने आगे कहा की कोरोना फैलने के प्रमुख कारणों में वनाच्छादित क्षेत्रों का कम हो जाना, ग्रीन बेल्ट लगभग ना के बराबर होना,वंजरीकरण का बढ़ना परिणामस्वरूप शुद्ध ऑक्सीजन नहीं मिलने से फेफड़ों में जल्दी-जल्दी संक्रमण होने तथा पान मसाला खाकर हर जगह थूकने के चलते रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी से कोरोना की दूसरी लहर ज्यादा खतरनाक बन रही है। इसीलिए इस हिंदू नववर्ष पर हमें 10 पेड़ लगाने के साथ लगाए गए पेड़ों की सुरक्षा का संकल्प व हर प्रकार के नशे से दूर रहने की शपथ लेकर पर्व को उद्देश्यपूर्ण बना सकते हैं। अर्थपूर्ण बना सकते हैंl

संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के सदस्य राज्य सलाहकार समिति उत्तर प्रदेश शासन रविशंकर हवेलकर ने कहा कि हमारे धार्मिक रीति रिवाज जन्म विवाह मृत्यु से संबंधित सामाजिक आचार विचार दशहरा दीपावली होली रक्षाबंधन सहित सारे पर्व और त्यौहार विक्रम संवत पर ही निर्भर हैं। इसीलिए नई पीढ़ी को इसका ज्ञान कराने के साथ कुरीतिमुक्त संकल्पों से जोड़ना सही अर्थों में पर्व मनाना है। प्रदेश महामंत्री संगठन अनूप अग्रवाल ने कहा की सम्राट विक्रमादित्य से लेकर राजा भोज के काल तक कि लगभग 10 सदियों में हम लोग जिस ऊंचाइयों पर थे, वहीं भारतीय इतिहास की स्वर्णिम पद चिन्हों पर हमें चलने को संकल्पित विक्रम संवत में होना है। संगोष्ठी का संचालन सुभाष अग्रवाल व धन्यवाद प्रदेश अध्यक्ष सत्यप्रकाश गुलहरे ने दियाl अन्य प्रमुख भाग लेने वाले गणेश गुप्ता, बीना अग्रवाल, राकेश चौरसिया, दीप कुमार मिश्रा सीए, विमल माधव, रोहित कुमार, इंजीनियर जगन मोहन गुप्ता, देवेंद्र गुप्ता, गिरीश कुमार, डॉ अर्चना गुप्ता, गीता पाल इत्यादि थीl

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *