तमाम अटकलों के बीच 900 किलोमीटर का सफ़र तय कर यूपी पुलिस बाहुबली विधायक मुख़्तार अंसारी को लेकर पहुची बांदा जेल

तारिक खान/जीशन अली

बांदा। तमाम अटकलों और रूकावटो के बाद अभी पंजाब से उत्तर प्रदेश पुलिस बाहुबली मुख़्तार अंसारी को बांदा जेल लेकर पहुच गई है। इस दरमियान पुरे रास्ते मीडिया कर्मियों की गाडिया भी मुख़्तार अंसारी को लाने वाले काफिले के पीछे चल रही थी। सियासी और गली नुक्कड़ की अटकले तेज़ हो गई थी। मुख्तार के सासद भाई अफजाल अंसारी ने तो विकास दुबे जैसे गाडी पलटने की भी आशंका ज़ाहिर कर दिया था। मगर सभी आशंकाओं के बाद अभी अभी कुछ देर पहले उत्तर प्रदेश पुलिस मुख़्तार अंसारी को बांदा जेल लेकर पहुच चुकी है।

पंजाब की रोपड़ जेल से यूपी पुलिस की टीम ने 900 किमी का सफर तयकर किया और अभी से लगभग आधे घंटे पहले यानी बुद्धवार की भोर में तकरीबन 4:30 बजे बाहुबली विधायक मुख़्तार अंसारी को लेकर बांदा जेल पहुंच गई। यहां मुख्तार को 15 नंबर की बैरक में रखा जाएगा। मुख्तार अंसारी को बांदा जेल के अन्दर लेकर जाया जा चूका है। सूत्रों की माने तो जेल प्रशासन जेल दाखिला की कार्यवाही कर रहा है। मुख़्तार अंसारी को यहाँ बैरेक नम्बर 15 में भेज दिया गया है। इस दरमियान सुरक्षा के समस्त उपाय किये गए है। कैमरों से पूरा जेल परिसर लैस हो गया है।

बताते चले कि दो साल में आठ बार यूपी पुलिस उसे लेने रोपड़ भी पहुंची लेकिन हर बार सेहत, सुरक्षा और कोरोना का कारण बताकर पंजाब पुलिस ने सौंपने से इनकार कर दिया था।  कभी पंजाब पुलिस हर बार डॉक्टर की सलाह का हवाला देती रही कि अंसारी को डिप्रेशन, शुगर, रीढ़ से संबंधित बीमारियां हैं। ऐसे में उसे कहीं और शिफ्ट करना ठीक नहीं है। तो कभी कोरोना काल का बहाना होता था।

आखिर ये मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा तो पंजाब सरकार ने आरोपी को पंजाब की जेल में रखने के लिए कई तर्क रखे लेकिन सभी तर्कों के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में मुख़्तार अंसारी को उत्तर प्रदेश पुलिस के हवाले करना का अपना फैसला सुनाया। बताते चले कि 21 जनवरी 2019 को मोहाली पुलिस बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी को रियल एस्टेट कारोबारी से रंगदारी मांगने के आरोप में यूपी से वारंट पर पंजाब ले गई।

इसके बाद 25 जनवरी 2019 से आरोपी बाहुबली विधायक मुख़्तार अंसारी रोपड़ जेल में बंद था। इस दरमियान लगभग 26 महीने से यूपी में चल रहे 54 केसों की सुनवाई हुई लेकिन हर बार सुनवाई टली। वह एक बार भी अदालत में पेश नहीं हुआ था। हालांकि वह इलाज के लिए आता जाता रहता था।  अब जब मुख़्तार अंसारी वापस उत्तर प्रदेश के जेल में आ चूका है तो उसके खिलाफ मामलो की सुनवाई में अब तेज़ी आने की संभावना व्यक्त किया जा रहा है। वही मुख़्तार के परिजनों का कहना है कि मुख़्तार अंसारी की जान को बांदा जेल में खतरा है। सांसद अफजाल अंसारी ने अपने विधायक बाहुबली भाई के लिए कहा है कि बांदा जेल में इसके पहले भी उसको चाय में ज़हर देने का प्रयास हुआ था।

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