बैंक मैनेजर हत्याकांड – हत्या के बाद हुई है 41 लाख की लूट, ऐसे है हालात कि परिजनों की हाल देख कर पत्थर भी आंसू बहा दे

अनुराग पाण्डेय

वाराणसी। पंजाब नेशनल बैंक के मैनेजर फूलचंद राम की कल गोली मार कर अज्ञात बदमाशो ने हत्या कर दिया था। हत्या के बाद फुलचंद राम के बैग में रखा काश भी वह लूट कर फरार हो गये थे। घटना कल बुद्धवार की शाम वाराणसी के फूलपुर थाना क्षेत्र के पिंडराई गांव के समीप थी। कल तक लूट की रकम निश्चित नही थी कि कितना लूट हुई है। देर रात घटना में 41 लाख लूटने की बात सामने आई है। पुलिस मामले में कड़ियाँ जोड़ रही है। इस दरमियान आज मृतक फूलचंद्र राम का शव उनके पैत्रिक आवास पंहुचा और भारी पुलिस फ़ोर्स के मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार हुआ।

मृतक फूलचंद्र राम जौनपुर जिले जलालपुर थाना क्षेत्र के कुसियां गांव के मूल निवासी थे। पत्नी ने अपहरण कर हत्या का आरोप लगाया है। पत्नी बिंदू गौतम का कहना था कि जिस स्कॉर्पियो में फूलचंद की हत्या हुई, वह बुधवार को सुबह उन्हें घर से लेने भी आई थी। साजिश के तहत पहले अपहरण किया गया और फिर हत्या कर दी गई। पुलिस इस मामले में दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई करे।

पीएनबी के ब्रांच मैनेजर फूलचंद्र राम के परिजनों का विलाप देख पत्थर की भी आँखे भर आएगी। फूलचंद राम की चार बहने है और एक छोटा भाई संजीव सिंह है। परिवार में फूलचंद्र राम के बाद फूलकुमारी नाम की बहन है। फिर फूलचंद्र राम है और उनके बाद मनीषा, अनीता, राजकुमारी फूलचंद से छोटी बहने है। छोटे भाई संजीव सिंह भी बाहर रहते हैं। परिवार के अन्य सदस्यों में परिवार में मां शीतला देवी, पत्नी बिंदू गौतम, बेटा पीयूष गौतम, विशाल और बेटी प्राची हैं। सभी के रो रो कर बुरा हाल है। फूलचंद्र राम की पत्नी बिंदु गौतम बार बार सिर्फ यही दोहरा रही है कि कह कर गए थे देर से आयेगे फिर आखिर क्यों नही आये ? माँ शीतला देवी खुद के आंसू बहा रही है मगर बार बार पोते-पोती और बहु को सँभालने की कोशिश कर रही है।

फूलचंद की तैनाती पहले मध्य प्रदेश के मैहर में थी। जुलाई 2020 में वह ट्रांसफर होकर मड़ियाहूं (जौनपुर) आए थे। करीब छह माह तक यहां रहने के बाद उनका तबादला जनवरी में बैंक की वाराणसी में करखियांव शाखा में हुआ था। फूलचंद अपनी पत्नी और बच्चों के साथ वाराणसी के चांदमारी स्थित वीडीए कॉलोनी में रहते थे। कोरोना कर्फ्यू के कारण परिवार समेत गांव आ गए थे। यहीं से वह रोजाना बैंक आते-जाते थे।

पुलिस को मामले में तार जौनपुर से जुड़े होने की संभावना दिखाई दे रही है। घटना में पुलिस पंचायत चुनाव को भी मध्य में रखकर देख रही है। दरअसल शाखा प्रबंधक के चचेरे भाई जलालपुर ब्लाक से ब्लॉक प्रमुख पद के दावेदार भी हैं। लिहाजा घटना के पीछे पंचायत चुनाव को भी वजह माना जा रहा है। वही बैंक के उच्चाधिकारियों ने आज बैंक पहुच कर मामले में अपने स्तर से जाँच किया है। बैंक अधिकारियों की छानबीन के बाद यह स्पष्ट हुआ है कि 41 लाख रुपये जौनपुर के मड़ियाहूं स्थित पीएनबी शाखा से निकाला गया था। बृहस्पतिवार को वाराणसी के मुख्य शाखा प्रबंधक प्रवीण कुमार सिंह के नेतृत्व में बैंक की टीम मड़ियाहूं पहुंची। बैंक में जाकर सीसीटीवी फुटेज खंगाले। बातचीत में प्रवीण कुमार सिंह ने मड़ियाहूं शाखा से 41 लाख रुपये निकालने की पुष्टि की। और बताया कि यह रुपये दिन में 11 से 12 बजे के बीच निकाले गए हैं। इस मामले में अन्य किसी तरह की जानकारी देने में उन्होंने असमर्थता जताई। अब मड़ियाहूं शाखा से दिन में ही रुपये निकालने और शाम पांच बजे हत्या होने के बाद जांच में जुटी पुलिस टीम मामले को कई एंगल से देख रही है। एक शंका ये भी है कि मृतक का पीछा यही से शुरू हुआ होगा।

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