विक्की शर्मा हत्याकाण्ड – पुलिस ने किया सफल खुलासा, हत्यारोपी तीन गिरफ्तार, जाने कौन है मिलन विज और क्या उसका अपराधिक इतिहास

तारिक आज़मी

वाराणसी। स्वाट प्रभारी चंदौली राजीव कुमार सिंह के अथक प्रयासों ने आज सफलता का रंग धारण किया और कोल्ड ब्लाइंड मर्डर का सफल खुलासा करते हुवे चंदौली पुलिस ने हत्या के इस प्रकरण में तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्तों का नाम चौखम्भा निवासी मिलन विज, मंगला गौरी निवासी रोशन उपाध्याय और गढ़वासी टोला निवासी गोलू मिश्रा उर्फ़ अमित मिश्रा है। हत्या का कारण अपराधी प्रवित्ति के युवक मिलन विज के नाम से ज़मीन जायदाद की पंचायत हल करके पैसे उतारना बताया गया है। पुलिस टीम ने तीनों के पास से हत्या में प्रयुक्त खून लगी ईट, टूटा हुआ बेल्ट, मोबाईल फोन सैमसंग बरामद किया है।

गौरतलब हो कि चंदौली जनपद के मुगलसराय कोतवाली थाना क्षेत्र में मंगलवार को एक युवक की सर कुचली हुई लाश मिली थी। युवक की शिनाख्त का काफी प्रयास हुआ। बुद्धवार को युवक की शिनाख्त वाराणसी के राजमंदिर इलाके के निवासी विक्की शर्मा के रूप में हुई। विक्की ठठेरी बाज़ार स्थित एक आभूषण कारोबारी के दूकान पर काम करता था। मामले की गंभीरता को देखते हुवे एसपी चंदौली ने इस प्रकरण एक खुलासे के लिए तीन टीमो का गठन किया। स्वाट टीम प्रभारी इस्पेक्टर राजीव कुमार सिंह जो वाराणसी में पोस्टेड रह चुके है के अनुभवशील नेतृत्व में आखिर चंदौली पुलिस ने सफलता प्राप्त किया और मुखबिर के द्वारा सूचना पर गोधना मोड़ के पास से तीनो हत्या अभियुक्तों को हिरासत में ले लिया।

फाइल फोटो – मृतक विक्की शर्मा

पूछताछ में मिलन विज्ज ने बताया कि विक्की शर्मा उसका पुराना परिचित था। कुछ माह से विक्की और मिलन में दुष्मनी चल रही थी। विक्की, मृतक विक्की शर्मा मेरा नाम प्रयोग कर अपने रिश्तेदारो के माध्यम से जमीन व झगड़े में दलाली कर पैसा कमाता रहा और मेरा नाम बदनाम करता रहा विक्की शर्मा ने रिश्तेदारो के माध्यम से मेरे खिलाफ वाराणसी के पुलिस अधिकारियो के यहा झुठे व मनगढ़ंत आरोप लगाकर प्रार्थना पत्र देता रहा जिससे पुलिस मुझे व मेरे सहयोगी रोशन उपाध्याय व अमिंत मिश्रा को परेशान करने लगी तथा मेरे खिलाफ गुण्डा एक्ट की कार्यवाह भी हुयी जिससे मै व मेरे सहयोगी विक्की शर्मा को ठिकाने लगाने का प्रयास में थे ।

हत्या के घटनाक्रम पर शातिर अपराधी मिलन विज ने बताया कि दिनांक 19/07/2021 को मै और मेरे सहयोगी रोशन व अमित मिश्रा ओम भोजनालय विशेश्वरगंज मे खाना खा रहे थे कि दारु के नशे मे विक्की शर्मा आया और हम लोगो के साथ दारु पीने की जिद करने लगा । हम लोग के दारु मंगा कर दारु पीने लगे । दारू खतम होने के बाद वह और दारु पीने के लिये जिद करने लगा । आस पास के ठेके बन्द हो गये थे उसी दरमियान वह उल्टी सीधी बाते कर हम लोगो के साथ गाल गलौज कर रहा था तथा कह रहा था कि जमीन वाले मामले में ढाई लाख रुपये तुम्हारे नाम पर दलाली ली है। तुम चाहोगे तो पाच लाख रुपये और मुझे मिल जायेगा । यदि तुम ऐसा नही करोगे तो तुम्हारे खिलाफ फिर प्रार्थना पत्र दे दुँगा । तब हम तीनो ने आपस में तय किया इसने हम लोगो की जिन्दगी नर्क बना दी है, इसे आज दारु पीने के बहाने ठिकाने ही लगा देते है । इस तयशुदा प्लान के मुताबिक हमलोग विक्की शर्मा को रोशन उपाध्याय के बुलेट पर बैठाकर मिलन और अमित मिश्रा उर्फ गोलु अपाची मो0सा0 से ओम भोजनालय से दारु पीने के लिये पडाव चौराहे पर चल पडे ।

मिलन ने बताया कि पड़ाव चौराहे पर समय अधिक होने के कारण दारु नही मिल पाया । हम तीनो ने तय किया कि समय व्यर्थ नही करना है । हम लोगो ने बिना समय गवाये विक्की शर्मा को ठिकाने लगाने हेतु सुनसान जगह तलाश हेतु मुगलसराय की तरफ चल दिये कि रुद्रा अपार्टमेन्ट के सामने हमे एक खाली स्थान दिखायी दिया जहा आगे डिवाइडर से यू टर्न लेकर पेशाब करने के बहाने हम लोग मो0सा0 से उतार कर बहाने से खाली प्लाट में ले गये जहाँ विक्की शर्मा को हम लोगो ने ईट से मुह व सर पर वार कर मार डाला तथा उसके चेहरे को इस तरह कूच दिया गया कि उसकी पहचान न हो सके, फिर वहाँ से हम लोग फरार हो गये । आज हम लोग बिहार भागने के फिराक में थे कि पकडे गए।

एक पत्रकार भी था शातिर मिलन विज के निशाने पर

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मिलन विज ने घटना के सम्बन्ध में बताते हुवे पुलिस को बयान दिया था कि उसके निशाने पर विक्की शर्मा का रिश्ते का मामा जो एक पत्रकार है और एक प्रतिष्ठित समाचार पत्र में कार्यरत है भी निशाने पर था। हम लोग उसके ही फिराक में थे कि इसी दरमियान विक्की शर्मा मिल गया।

कौन है मिलन विज

मिलन विज एक कुख्यात अपराधी है। मिलन विज का अपराध जगत में पहली बार नाम वर्ष 1994 में एक हत्या के मामले में प्रकाश में आया था। इसके बाद उसके अपराध पर लगाम नही लगी। इसके बाद वर्ष 1997 में एक मारपीट के मामला तथा वर्ष 1998 में हत्या के प्रयास का एक मामला मिलन विज पर लगा। सूत्र बताते है कि इस दरमियान मिल्न विज रिंकू गुप्ता का करीबी हो गया। रिंकू गुप्ता के साथ कई अपराधो में उसके साथ था मगर इसका नाम सामने नही आ सका। इसके बाद वर्ष 1999 में हत्या के एक मामले में इसका नाम आया और फिर वर्ष 2003 में हुई हत्या के मामले में भी इसका नाम आया।

इस हत्या के मामले में ज़मानत पर छुट कर आने के बाद सफ़ेदपोशी की चादर ओढ़ कर मिलन विज कुछ अलग ही काम करने लगा। सूत्रों की माने तो मिलन विज का कांटेक्ट नेपाल तक बन गया। नेपाल में संपर्क स्थापित होने के बाद मिलन विज बड़े कामो का निर्देशन करने लगा ऐसा सूत्र बताते है। इस दरमियान विवादित संपत्ति पर नज़रे इसकी रहती थी। जिसके मसलो को हल करवा कर बड़ी रकम कमाता था। सूत्रों की माने तो एक विवादित संपत्ति इस घटना के पीछे मुख्य कारण है। क्रमशः……..!



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