कानपुर : दुष्कर्म आरोपी की खातिरदारी करने वाले पुलिस कर्मियों को मिली ये सज़ा

आदिल अहमद

कानपुर। दुष्कर्म के आरोपी से सम्बन्ध निभा कर उसकी खातिरदारी करना दो पुलिस कर्मियों को महंगा पड़ रहा है। दुष्कर्म के आरोपी पूर्व इस्पेक्टर दिनेश त्रिपाठी की थाने पर हुई खातिरदारी के सम्बन्ध में हुई जाँच में दो पुलिस कर्मी दोषी पाए जाने के बाद उनकी सजा निर्धारित हुई है। दुष्कर्म आरोपी पूर्व इस्पेक्टर को स्पेशल सहूलियत देने के मामले में दो पुलिसकर्मी पर सजा निर्धारति कर सीपी ने इन्हें परेड दलेल यानि सात दिनों तक दो दो घंटे दौड़ लगाने की सजा दी है।

हालांकि जांच पर कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं। क्योंकि पेशी आदि पर गाड़ी भेजने की जिम्मेदारी रिजर्व इंस्पेक्टर की होती है। इस मामले में भी आरआई की ही जिम्मेदारी थी कि वह सरकारी गाड़ी में आरोपी को भेजे। मगर आरआई की भूमिका जांच में शामिल ही नहीं की गई। बताते चले कि दिनेश त्रिपाठी कानपुर जिला जेल में बंद है। कानपुर देहात के एक पुराने हत्यायुक्त डकैती की वारदात में 19 अगस्त को माती कोर्ट में उसको सुनवाई के लिए तलब किया गया था। दिनेश के साथ हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र और कांस्टेबल प्रेम पाल एक निजी इनोवा कार से कोर्ट पहुंचे थे।

मामला मीडिया में छाने के बाद पुलिस विभाग की हुई किरकिरी को देखते हुवे कमिश्नर ने जाँच का आदेश दिया था। जाँच में पूरा ठीकरा दो पुलिस कर्मियों पर फोड़ दिया गया और आरआई को क्लीन चिट दे दिया गया। पुलिस कमिश्नर ने दोनों पुलिस कर्मियों परेड दलेल की सजा सुनाई। हिदायत भी दी है कि अगर भविष्य में ऐसी गलती की तो विभागीय जांच कर और सख्त कार्रवाई की जाएगी। हालांकि जो सजा दी है ये पुलिसकर्मियों के चरित्र पंजिका पर भी की जाएगी। सवाल यहाँ ये भी खड़ा हो रहा है कि आखिर आरआई की ज़िम्मेदारी भी तो इस मामले में निर्धारित होनी चाहिए थी। मगर आरआई की ज़िम्मेदारी का निर्धारण इस मामले में नही हुआ।



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