ओमकालेश्वर के सलमान की पीट-पीट कर हत्या प्रकरण : आरोपियों की गिरेबाँ के नज़दीक पुलिस के हाथ, जाने वो राज़ जो कर देगा आपको अचंभित   

तारिक़ आज़मी / शाहीन बनारसी

वाराणसी। ओमकालेश्वर निवासी अशरफ के बुढापे का वो सहारा था, बहन शाइस्ता की आँखों का वो नूर था। महज़ 22 साल की उम्र में वह दिन और रात कलीम की दूकान पर मेहनत करके अपने माँ-बाप और भाई-बहनों का पेट पालता था। दुकानदार कलीम जो उसका रिश्तेदार भी था के लिए वह पुरे दिल-ओ-जान से काम करता था। वही दुकानदार कलीम उसकी जान का दुश्मन बन गया। महज़ एक शक के बिना पर उसने सलमान की पिटाई उसके बाप, बहन और जीजा के सामने इस तरीके से किया कि यह पिटाई ही उसकी मौत का सबब बन गयी। शनिवार रात को हुई इस घटना के बाद रविवार की देर शाम को सलमान को सुपुर्द-ए-ख़ाक किया गया।

सलमान अपने जीजा तौफिक के ममेरे भाई कलीम की दूकान जो चौक थाना क्षेत्र के रेशम कटरे में है बड़ी मेहनत से काम करता था। घटना शनिवार के शाम की है। कलीम ने सलमान के घर फोन किया और फोन करके अपने दूकान पर बुलाया और कहा की सलमान ने सोना चुराया है। मौके पर मौजूद उसके परिजनों के सामने ही कलीम अपने साथियो के साथ मिलकर सलमान को मारने लगा। जब मृतक परिजनों ने विरोध किया तो कलीम ने उन्हें बंधक बना लिया। जब कलीम ने देखा सलमान अधमरा हो गया है। तो वह उसको कबीरचौरा लेकर पहुंचा और वहां के डॉक्टरो से कहा कि इसने ज़हर खा लिया है। बताया जाता है कि डॉक्टरो ने बीएचयू के ट्रामा सेंटर में रेफर करने को कहा जहा सलमान को लेकर जाने से पहले ही बीच में ही मौत हो गयी। कलीम मौका देख कर वहां से फरार हो गया। इस घटना की जानकारी चौक पुलिस को परिजनों द्वारा रात के देड बजे दी गयी। चौक पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था।

सूत्रों से मिली जानकरी के अनुसार पोस्टमार्टम में कई चौकाने वाले खुलासे भी हुए है। अति गोपनीय सूत्र बताते है कि सलमान का विसरा सुरक्षित किया गया। वही सूत्रों का ये भी कहना है कि मृतक सलमान के शरीर में ज़हर का अंश भी पाया गया है। इस हिसाब से अगर देखा जाये तो कहानी में अजीबो गरीब ट्विस्ट है।

अगर सूत्रों की बात को आधार मानते है तो फिर घटना को दो प्रकार से देखा जा सकता है। पहला तो ये कि सलमान अपने साथ हो रहे टॉर्चर से इतना परेशान हो गया कि उसने स्वयं ज़हर खा लिया। या फिर दूसरा एंगल यह भी बनता है कि उसी टॉर्चर का एक हिस्सा ज़बरदस्ती ज़हर खिलाना रहा हो। वैसे  पुलिस जाँच का ये हिस्सा है कि वास्तव में मौके पर हुआ क्या था? मगर जो कुछ भी हुआ था वह वाकई में काफी दर्दनाक और जुल्म-ओ-सितम की इन्तहा ढाने वाला रहा होगा।

आखिर कहा है आरोपी कलीम?

घटना के बाद से कलीम फरार है। एक ज़ालिम अपना जुल्म ढाकर किसी बिल में जा छुपा है। घटना के दिन ब्रह्मनाल चौकी इंचार्ज प्रकाश सिंह छुट्टी पर थे। जानकारी मिल रही है कि कल उनकी छुट्टी ख़त्म हुई और वापस उन्होंने ड्यूटी जॉइन की। वही घटना की पूरी रात चौक थाना प्रभारी डॉ0 आशुतोष तिवारी और दालमंडी चौकी इंचार्ज सौरभ पाण्डेय अपने अधिनस्थो के साथ इस प्रकरण में पूरी रात जाग कर पसीना बहाते और साक्ष्य एकत्रित करते दिखाई दिए।

हत्यारोपी कलीम अभी भी पुलिस के हाथो से अपने आपको महफूज़ समझने की बेवकूफाना सोच के साथ फरार है। मगर हमारे सूत्र बताते है कि कलीम अपने एक रिश्तेदार के यहाँ छिपा हुआ है। भागते समय लेकर भाग हुआ पैसा अब शायद खत्म हो रहा है। वही सूत्रों की माने तो उसकी पैसा ख़त्म होने कि बेचैनी उसके अन्दर फडफडाहट पैदा कर सकती है। चौक पुलिस कलीम की गिरफ्तारी के लिए पैनी नज़र रखे है। गोपनीय सूत्र बताते है कि कलीम जहा पर भी है इस घटना में शामिल सभी अभियुक्तों के साथ है। पुलिस के हाथ कलीम के  गिरेबाँ से काफी नज़दीक पहुँच चुके है। अब इंतज़ार है कि कब ज़ालिम कलीम गिरफ्तार होगा। और इस घटना की पूरी हक़ीक़त अयां होगी।



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