सनबीम लहरतारा के कृत्य से शर्मसार हुई सर्वविद्या की राजधानी

साभार आलोक श्रीवास्तव की फेसबुक वाल से  

वाराणसी। सर्वविद्या की राजधानी व सांस्कृतिक नगरी से पीएम मोदी जब सांसद बने तो पूरे विश्व की निगाहें काशी की ओर लग गयी। सांसद मोदी जब से देश के प्रधानमन्त्री बने है, तब से इस नगरी को स्मार्ट बनाने की जोर-शोर से कवायद शुरू की गयी। काशी स्मार्ट होती गई और पश्चिमी सभ्यता काशीवासियों पर हावी होती चली गई। स्थिति यह हो गई कि काशी की जनता अपनी सभ्यता को भूलने लगी। बावजूद इसके लोगों को गर्व होने लगा कि वे पीएम के संसदीय क्षेत्र में रहते हैं। लेकिन शुक्रवार को सर्वविद्या की राजधानी शर्मसार हो गई।

लेखक आलोक श्रीवास्तव वाराणसी जनपद के वरिष्ठ पत्रकारों में एक है। समय समय पर वह अपनी फेसबुक वाल पर बेबाक टिप्पणी करते रहते है। वाराणसी के सनबीम स्कूल में हुवे कुकर्म की घटना पर उनकी पोस्ट फेसबुक वाल पर उपलब्ध है।

जब लहरतारा स्थित सनबीम स्कूल में एक स्वीपर ने कक्षा 3 में पढ़ने वाली 9 वर्षीय छात्रा के साथ दुष्कर्म कर डाला। विद्यालय प्रशासन ने मामले को दबाने का हर सम्भव प्रयास किया। इस सनसनीखेज वारदात की जानकारी जब बच्ची के परिजनों को हुई तो सुनकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। जांचोपरांत पुलिस ने स्कूल के स्वीपर को गिरफ्तार कर रेप की धारा 376 आईपीसी 9/10 पास्को एक्ट के तहत केस दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन के लिए जेल भेज दिया गया।

सनबीम लहरतारा स्कूल में कक्षा 3 की छात्रा सिगरा थानाक्षेत्र के एक मोहल्ले की रहने वाली है। मिली जानकारी के अनुसार, बच्ची की आपबीती सुन पूरे परिवार में हड़कंप मच गया। बच्ची की मां व अन्य परिजन बच्ची को लेकर स्कूल पहुंचे। जहां 2 घन्टे की लंबी जद्दोजहद के बीच मामले को दबाने की कोशिश होती रही। मासूम बच्ची के साथ हुई गंभीर वारदात को विद्यालय प्रशासन द्वारा दबाए जाने के दबाव के आगे परिजन कुछ भी सुनने को तैयार नहीं हुए और उन्होंने इसकी जानकारी पुलिस को दी।

164 के बयान से पूर्व छात्रा से किसी के मिलने पर रोक लगाई जाए : विवेक शंकर

दी सेंट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष विवेक शंकर तिवारी ने कहा कि बच्ची का जब तक 164 का बयान दर्ज नहीं हो जाता, उसे किसी से मिलने न दिया जाये। साथ ही पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए जिससे स्कूल प्रबंधन किसी प्रकार का दबाव न बना सके।

स्कूल प्रबन्धक की गिरफ्तारी कर मुकदमा चलाया जाए : मीना चौबे

महिला आयोग की पूर्व सदस्य व भाजपा की प्रदेश मंत्री मीना चौबे ने सनबीम लहरतारा में बच्ची के साथ हुए कृत्य को जघन्य अपराध बताते हुए कहा कि विद्यालय प्रबंधन अभिभावकों से फीस के नाम पर मोटी रकम वसूलता है और अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेता है। कहा कि किसी भी संस्थान की जिम्मेदारी होती है कि उसके यहां पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी स्कूल प्रबन्धन की होती है। यदि उसके यहां अपराध होता है तो प्रबन्धन जिम्मेदार होता है। इसलिए सनबीम लहरतारा के प्रबंधक दीपक मधोक की गिरफ्तारी कर कानूनी कार्यवाही की जाए।



Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *