प्रयागराज फाफामऊ सामूहिक हत्याकांड : पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ खुलासा कि तीन दिन तक चार लाशें एक घर में पड़ी रही और पड़ोसियों को खबर नही हुई

शाहीन बनारसी (इनपुट : तारिक़ खान)

प्रयागराज। 25 नवंबर को फाफामऊ के गोहरी गांव में एक ही परिवार के चार लोगों की बेरमही से हत्या कर दी गई थी। मृतकों में फूलचंद (50), उसकी पत्नी मीनू (45), बेटा शिव (10) और 17 वर्षीय बेटी शामिल थीं। सभी के खून से लथपथ शव सुबह घर के भीतर पड़े मिले। फूलचंद्र की बेटी का शव नग्नावस्था में मिला था जिससे उसके साथ बलात्कार की आशंका भी व्यक्त किया जा रहा है। धारदार हथियार से हमला कर एक ही परिवार के सभी चार लोगो को मौत के घाट उतारा गया था। पुलिस इस मामले में समाचार लिखे जाने तक पूछताछ कर रही थी और किसी गिरफ़्तारी की सुचना अभी नही मिली है।

अब इस हत्या कांड में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। फाफामऊ सामूहिक हत्याकांड को दो दिन नहीं बल्कि तीन दिन पहले अंजाम दिया गया था। पोस्टमार्टम के दौरान इस बात का खुलासा हुआ कि हत्याकांड सोमवार व मंगलवार की दरमियानी रात अंजाम दिया गया।  बेहद चौंकाने वाली बात यह है कि न सिर्फ आसपास के लोगों बल्कि पड़ोस में ही रहने वाले भाइयों व अन्य परिजनों को भी घटना की जानकारी नहीं हो सकी। इसे लेकर सवाल भी खड़े हो रहे हैं कि आखिर कैसे तीन दिन तक एक साथ चार शव घर में पड़े रहे और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। पोस्टमार्टम के बाद डॉक्टरों ने यह बात बताई है कि शव तीन दिन पुराना था। पोस्टमार्टम 25 नवंबर को हुआ ऐसे में माना जा रहा है कि हत्याकांड सोमवार व मंगलवार की दरमियानी रात अंजाम दिया गया।

ऐसे में कई तरह के सवाल भी खड़े हो रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि तीन दिन तक परिवार के किसी भी शख्स के दिखाई न देने पर क्या किसी को अनहोनी की आशंका नहीं हुई। सूत्रों का कहना है कि फूलचंद मिलनसार स्वाभाव का था और गांव में उसका सबसे मिलना जुलना था। ऐसे में क्या तीन दिनों तक उसके नहीं दिखाई देने पर किसी ने भी उसकी सुध लेने की नहीं सोची। एक खास बात यह भी है कि चाट विक्रेता संदीप ने बृहस्पतिवार को मृतक के भाई किशन को दरवाजा खुला पड़ा होने की जानकारी दी थी। अब सवाल यह है कि दरवाजा खुला पड़ा था तो तीन दिनों तक इस पर किसी की नजर कैसे नहीं पड़ी।

वही पुलिस सूत्रों की माने तो गोहरी कांड में मृतकों के घर से बरामद मोबाइल से भी कुछ अहम सुराग पुलिस को हाथ लगे हैं। पता चला है कि इस मोबाइल से 22 नवंबर की शाम सात बजे के करीब आखिरी बार कॉल की गई थी। इस दिन मोबाइल से जिन लोगों से बातचीत की गई, उनमें फूलचंद के भाई किशन भी शामिल था। इसके अलावा कई लोगों से व्हाट्सएप कॉल के जरिए बात की गई थी। सूत्रों का कहना है कि फिलहाल कॉल लॉग में मिले सभी नंबरों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

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