कोर्ट पहुंचे सपा विधायक रमाकांत यादव को नहीं मिली ज़मानत, कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेजा जेल

संजय ठाकुर

आजमगढ़: सपा के बाहुबली विधायक रमाकांत यादव को कोर्ट ने जेल भेज दिया है। कोर्ट के वारंट पर हाजिर हुए बाहुबली रमाकांत यादव को जेल भेज दिया है। 2016 में दर्ज एक मुकदमे में बाहुबली विधायक को जेल भेजा गया है। वह हत्या के प्रयास और चक्का जाम करने के मामले में समाजवादी पार्टी के फुलपुर पवई के विधायक रमाकांत यादव ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया जहां कोर्ट ने उन्हे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। वर्ष 1998 के लोकसभा चुनाव में सदर लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी बाहुबली रमाकांत यादव व बसपा प्रत्याशी अकबर अहमद डंपी के बीच अंबारी पुलिस चौकी के समीप गोलीबारी हुई थी।

इस गोलबारी में कोई घायल नहीं हुआ। मौके सपा प्रत्याशी रमाकांत यादव सहित चार लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया था। मामले में पुलिस ने हत्या के प्रयास, बलवा सहित कई मामले में मुकदमा दर्ज किया था। मामले में माननीय हाईकोर्ट इलाहाबाद से बाहुबली विधायक रमाकांत यादव ने स्टेट ले रखा था। स्टे समाप्त होने के बाद सोमवार को विधायक रमाकांत यादव ने एमपी एमएलए कोर्ट में समर्पण कर दिया। वहीं वर्ष 2016 में पूर्व विधायक श्याम बहादुर यादव के साथ बाहुबली रमाकांत यादव की कहासुनी हो गयी थी। इसमें जाम लगा था। इस मामले में भी कोर्ट में हाजिर हुए। कोर्ट ने बाहुबली विधायक रमाकांत यादव को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

अधिवक्ता आद्याशंकर दूबे ने बताया कि अंबारी पुलिस चौकी के समीप वर्ष 1998 में लोकसभा चुनाव के दौरान बसपा प्रत्याशी अकबर अहमद डंपी अपने 40-50 समर्थको के साथ पहुंचे और सपा प्रत्याशी रमाकांत यादव को गाली गलौज किया। इसी दौरान दीदारगंज की तरफ से रमाकांत यादव अपने 40-50 समर्थकों के साथ पहुंचे और गोलीबारी हो गयी। हालाकि इस गोलीबारी में कोई हताहत नहीं हुआ। पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। इस मामले में रमाकांत यादव ने हाईकार्ट से स्टेट ले रखा था। स्टे समाप्त होने के बाद उन्होने आज कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। इसी के साथ एक अन्य मामले में पूर्व विधायक श्याम बहादुर के मामले में भी विधायक रमाकांत यादव कोर्ट में हाजिर हुए थे। कोर्ट ने उन्हे न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

बताते चले कि बाहुबली रमाकांत यादव अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं। मार्च में उन्होंने होली को लेकर एक बयान दिया था, जिससे वह सुर्खियों में थे। उन्होंने कहा था कि वह होली नहीं मनाते हैं, ये उनका त्योहार नहीं है। इससे पहले फूलपुर पवई उपचुनाव को लेकर भी वह चर्चा  में रहे थे, उनके बेटे अरुणकांत को भाजपा ने उम्मीदवार बनाया था, वहीं सपा ने रमाकांत यादव को टिकट दिया था। गौरतलब हो कि बाहुबली रमाकांत यादव की गिनती पूर्वांचल के कद्दावर नेताओं में होती है। वे फूलपुर विधानसभा क्षेत्र से चार बार विधायक और आजमगढ़ संसदीय सीट से चार बार सांसद रह चुके हैं।

वर्ष 2019 में बीजेपी से टिकट न मिलने पर रमाकांत यादव ने कांग्रेस का दामन थाम लिया था और भदोही से लोकसभा चुनाव लड़े थे लेकिन उन्हें मात्र 26 हजार वोट मिला था। इसके बाद से रमाकांत यादव राजनीति में हाशिए पर दिख रहे थे। पिछले दिनों उन्होंने सपा ज्वाइन कर ली थी। फूलपुर विधानसभा से सपा विधायक रमाकांत यादव का विवादों से पुराना नाता रहा है। इससे पूर्व भी रमाकांत यादव ने कलाई पर बंधा रक्षासूत्र कटवा दिया था और कहा था कि हम लोग शूद्र हैं। 2 साल पहले जब पूरे देश में कोरोना की आहट शुरू हुई थी उस समय भी रमाकांत यादव ने कहा था कि कहां है कोरोना हमारे पास आ जाए हम गले लगा लें।

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