मुख्यमंत्री के आदेश को ताख पर रखते है लोहता थाने के सिपाही अजीत कुमार और क़स्बा चौकी इंचार्ज, किशोरी से घर में घुस कर मारपीट और छेड़खानी प्रकरण में शिकायतकर्ती के पति को ही बैठाला थाने पर

ईदुल अमीन

वाराणसी: सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट रूप से उत्तर प्रदेश पुलिस को निर्देश दिया है कि महिलाओ की शिकायत को तरजीह देते हुवे उसका निस्तारण किया जाए। मगर लोहता थाने के क़स्बा चौकी इंचार्ज अश्वनी मिश्रा और थाने पर तैनात क्राइम ब्रांच के सिपाही अजीत कुमार की अपनी ही अलग शायद इलाके में निर्देश चलता है। छेड़खानी की पीडिता के पति को ही लोहता थाने पर बैठा लिया गया है।

पिछले 2 घंटे से पीडिता थाने पर अपनी गुहार लेकर खडी है। पीडिता पक्ष ने बताया जाता है कि आरोपियों के घनिष्ठ सम्बन्ध क्राइम ब्रांच के सिपाही अजीत कुमार से होने के कारण उनकी शिकायत दर्ज नही किया जा रहा है। उलटे जब अप्लिकेशन वायरल हुई तो आरोपी पक्ष से भी ऐसी ही सम्बन्धित शिकायती पत्र लिखवा कर पीडिता के पति और भाई को गिरफ्तार करने का दबाव बनाया जा रहा है।

पीडिता के शिकायती पत्र और बातचीत से मिली जानकारी के अनुसार लोहता थाना क्षेत्र के हरपालपुर, रसूलपुर निवासी शिकायतकर्ती के बेटे का मोहल्ले के ही कमरुद्दीन नामक व्यक्ति के परिवार में एक बच्चे से झगड़ा हो गया था। जिसके बाद आरोप है कि कई लोगो के साथ कमरुद्दीन ने पीडिता के घर में घुस कर मारपीट किया और उसकी नाबालिग बेटियों के साथ अश्लील हरकत किया। घटना आज शाम लगभग 6 बजे की है। जिसकी शिकायत लेकर पीडिता अपनी नाबालिग बेटियों और पति के साथ थाना लोहता पहुची। जहा पर क्राइम ब्रांच के थाने पर तैनात सिपाही ने शिकायती पत्र पढ़ कर ही उसको मामले में शिकायत बदलने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। क़स्बा चौकी इंचार्ज अश्वनी मिश्रा के द्वारा आरोपी पक्ष के 4 लोगो को पकड़ कर थाने भी लाया गया।

पीड़ित पक्ष का आरोप है कि सिपाही ने लाये गए तीन आरोपियों को घर भेज दिया और एक आरोपी के साथ पीडिता के पति को थाने पर बैठा कर मामले में सुलह समझौते का दबाव बनाया जा रहा है। पीडिता का आरोप है कि दो घंटे से ऊपर हो चूका है उसकी शिकायत नही सुनी जा रही है, बल्कि उसके शिकायती पत्र को पढ़कर वैसी ही मिलती जुलती झूठी शिकायत आरोपियों के तरफ से लिखवा कर पुलिस उन पर सुलह समझौते का दबाव बना रही है। इस सम्बन्ध में लोहता थानाध्यक्ष राजेश सिंह ने कहा कि मामला संज्ञान में नहीं है। मैं क्षेत्र में शांति व्यवस्था में व्यस्त हूँ। मामले में नियमानुसार कार्यवाही होगी।

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